एडवांस्ड सर्च

हिमाचल प्रदेश: धर्म परिवर्तन करवाने पर 5 साल की सजा, विधानसभा से पास हुआ बिल

हिमाचल प्रदेश में जबरन धर्म परिवर्तन करवाने पर अब 5 साल सजा से संबिधत बिल शुक्रवार को विधानसभा से पास हो गया. मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा इस सख्त कानून की देश में जरूरत थी.

Advertisement
aajtak.in
सतेंदर चौहान चंडीगढ़, 30 August 2019
हिमाचल प्रदेश: धर्म परिवर्तन करवाने पर 5 साल की सजा, विधानसभा से पास हुआ बिल हिमाचल प्रदेश की विधानसभा में बिल पेश करते जयराम ठाकुर (क्रेडिट- फेसबुक)

  • जबरन धर्म परिवर्तन कारने पर होगी 5 साल की सजा
  • पहले से भी मौजूद है धर्म परिवर्तन पर कानून

  • विधानसभा से धर्म की स्वतंत्रता विधेयक पास
हिमाचल प्रदेश में जबरन धर्म परिवर्तन करवाने पर अब 5 साल की सजा होगी. इससे संबिधत बिल शुक्रवार को विधानसभा से पास हो गया था. मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि बहुत सारे एनजीओ ऐसे हैं जिनके पास लाखों रुपए आ रहे हैं और उनका उपयोग गरीबों को धन देकर उनका धर्म परिवर्तन करने के लिए किया जा रहा है. शादी का झांसा देकर भी धर्म परिवर्तन हो रहा है इसे रोकने के लिए इस तरह के सख्त कानून की आवश्यकता थी.

हिमाचल प्रदेश में बीजेपी सरकार ने शुक्रवार को 'जबरन धर्मातरण' पर रोक लगाने के लिए विधानसभा में विधेयक को सर्वसम्मति से पारित करवा लिया है. एक दिन पहले ही सदन में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा विधेयक को पेश किया गया था.

विपक्ष ने हिमाचल प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता विधेयक 2019 का समर्थन किया और यह विधेयक ध्वनिमत से पारित हुआ. विपक्ष ने शुरू में विधेयक को पेश करने की आवश्यकता पर कुछ सवाल उठाए क्योंकि इस मामले पहले से ही एक कानून मौजूदा है जिसे कांग्रेस सरकार के शासन काल में साल 2006 में लाया गया था. लेकिन, पार्टी ने बाद में नए विधेयक का समर्थन किया.

मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एकमात्र सदस्य राकेश सिंघा ने विधेयक के कुछ प्रावधानों पर आशंका जाहिर की. यह विधेयक बहकाने, जबरन, अनुचित तरीके से प्रभावित करने, दबाव, लालच, शादी या किसी भी धोखाधड़ी के तरीके से धर्म परिवर्तन पर रोक लगाता है. अगर कोई भी शादी केवल धर्मातरण के लिए होती है तो वह इस विधेयक के तहत अमान्य माना जाएगी.

मुख्यमंत्री ने कहा जयराम ठाकुर ने कहा कि यह देखा गया है कि कपटपूर्ण साधनों द्वारा धर्मातरण में वृद्धि हुई है. अगर समय रहते इसे रोका नहीं गया तो यह बात विभिन्न जातीय व धार्मिक समूहों के बीच विश्वास और आपसी विश्वास को नष्ट कर सकती है. उन्होंने कहा कि यदि जबरन धर्मातरण पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया तो इसके कारण सार्वजनिक अव्यवस्था पैदा हो जाएगी.

(IANS इनपुट के साथ)

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay