एडवांस्ड सर्च

कालका-शिमला रेल सेक्शन पर झरोखा और सेल्फ प्रोपेल्ड कोच में चार्टर सीटों की शुरुआत

रेल मोटर कार के मामले में न्यूनतम 8 यात्रियों द्वारा टिकट बुक कराए जाने के बाद 2 घंटों के भीतर ये सेवाएं उपलब्ध होंगी. एक बार खरीदे गए टिकटों पर कोई वापसी नहीं है. जबकि झरोखा और आर.ए.100 के मामलों में यात्रियों की संख्या 6 और रेल मोटर कार के मामले में 8 न हो तो ये सेवाएं उपलब्ध नहीं होंगी.

Advertisement
aajtak.in
सिद्धार्थ तिवारी नई दिल्ली, 15 June 2019
कालका-शिमला रेल सेक्शन पर झरोखा और सेल्फ प्रोपेल्ड कोच में चार्टर सीटों की शुरुआत झरोखा में चार्टर सीटों की शुरुआत (फोटो- सिद्धार्थ तिवारी)

कालका-शिमला रेल सेक्शन पर यात्रियों को लुभाने के लिए उत्तर रेलवे ने झरोखा, प्रोपेल्ड कोच और रेल मोटर कार में चार्टर सीटों की शुरुआत की है. यह सुविधा 13 जून से 10 सितंबर तक होगी. अब यात्री चार्टर्ड सीटों के आधार पर इन रेलगाड़ियों और डिब्बों में टिकट बुक करा सकते हैं.

यात्री कालका-शिमला रेलवे स्टेशनों पर बने बुकिंग काउंटरों से इन सेवाओं को बुक कर सकते हैं. झरोखा और आर.ए.100 सेल्फ प्रोपेल्ड कोच में अधिकतम 8 यात्री जबकि रेल मोटर कार में 12-14  यात्री अपने टिकट बुक करा सकते हैं. यह सभी सेवाएं मांग, आधार पर परिचालित की जाएंगी. ये सेवाएं तभी संचालित की जाएंगी जब झरोखा और आर.ए.100 सेल्फ प्रोपेल्ड कोच में न्यूनतम 6 यात्रियों की बुकिंग हो.

रेल मोटर कार के मामले में न्यूनतम 8 यात्रियों द्वारा टिकट बुक कराए जाने के बाद 2 घंटों के भीतर ये सेवाएं उपलब्ध होंगी. एक बार खरीदे गए टिकटों पर कोई वापसी नहीं है. जबकि झरोखा और आर.ए.100 के मामलों में यात्रियों की संख्या 6 और रेल मोटर कार के मामले में 8 न हो तो ये सेवाएं उपलब्ध नहीं होंगी.

ऐसी स्थिति में शिमला और कालका रेलवे स्टेशनों के काउंटरों से पूरे किराए की वापसी होगी. इन सेवाओं के लिए खरीदे गए टिकट अहस्तांतरणीय होंगे. इन टिकटों की बुकिंग के समय पर दिए गए पहचान के दस्तावेजों की मूल प्रतियां यात्रा के दौरान यात्री को अपने साथ रखनी होंगी ऐसा न होने पर उसे बिना टिकट माना जाएगा और उससे नियमानुसार प्रभार वसूला जाएगा.

इन सेवाओं के लिए कोई अग्रिम बुकिंग नहीं होगी. इन सेवाओं को चलाने का निर्णय उसी दिन किया जाएगा. 5 साल से अधिक की उम्र के बच्चों का पूरा किराया लगेगा और 5 साल से कम के बच्चों का कोई किराया नहीं लगेगा, लेकिन उन्हें कोई सीट नहीं दी जायेगी.

झरोखा और दूसरे प्रीमियम कोच में यात्रियों को 2200 से लेकर 3500 रुपए प्रति सीट का किराया देना होगा

क्रम संख्या आर.ए.-100 सेल्फ प्रोपैल्ड कोच रेल मोटर कार की समय सारणी

1. कालका और शिमला रेलवे स्टेशन से दोपहर 1 बजे के बाद कोई सेवा उपलब्ध नहीं होगी. कालका और शिमला रेलवे स्टेशन से दोपहर 1 बजे के बाद कोई सेवा उपलब्ध नहीं होगी.

क्रम संख्या सीटी/14 (झरोखा) की समय सारणी

सुबह 8 बजे अप मिक्स पैसेंजर ट्रेन और सुबह सवा आठ बजे डाउन मिक्स पैसेंजर ट्रेन के साथ अप और डाउन  मिक्स पैसेंजर ट्रेन के सभी ठहरावों पर इस क्षेत्र में बेहतर यात्रा और पर्यटन अवसरों को उत्पन्न करके राष्ट्र निर्माण में रेलवे सदैव अग्रणी रही है. इस संबंध में रेलवे ने यूनेस्को विश्व धरोहर वाली कालका-शिमला पर्वतीय रेलवे को गति देने और हिमाचल प्रदेश राज्य में पर्यटन को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है.

कालका-शिमला रेलवे भारत में अंग्रेजों द्वारा तैयार की गई नैरोगेज वाली महत्वाकांक्षी पर्वतीय रेलवे परियोजना है. दुर्गम इलाकों और कठिन स्थितियों वाले इस क्षेत्र में बेहतर इंजीनियरिंग कौशल के साथ इस परियोजना को पूरा करने में 20 सालों का समय लगा. यह रेलवे लाइन कालका और शिमला नगरों को आपस में जोड़ती है. कालका तलहटी में बसा है जबकि हिमाचल प्रदेश राज्य  की राजधानी और अंग्रेजी शासन के दौरान तत्कालीन ग्रीष्मकालीन राजधानी शिमला हिमाचल की शिवालिक पर्वत श्रेणियों में 2हजार मीटर की ऊंचाई पर स्थित है. 100 किलोमीटर लंबे इस रेलमार्ग पर 102 सुरंगें, जिसमें बडोग के निकट बनी 1144 मीटर की सबसे लंबी सुरंग, 869 पुल, 18 स्टेशन और 909 मोड हैं.

कालका-शिमला रेलगाड़ी पर्यटकों का एक प्रमुख आकर्षण है. इस रेलगाड़ी की यात्रा के बिना इस पहाड़ी क्षेत्र का भ्रमण अधूरा लगता है. उत्तर रेलवे ने यहां के लिए अनेक‍ रेल सेवाएं उपलब्ध कराई हैं जिनमें रेल मोटर कार, शिवालिक पैलेस, शिवालिक क्यून और शिवालिक डीलक्स एक्सप्रेस सेवाएं शामिल हैं. लोकप्रिय सेवाओं में झरोखा और विस्टाडोम कोच लगाए गए हैं. इस सेक्शन के सभी स्टेशनों पर फ्री वाई-फाई की सुविधा भी उपलब्ध है.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay