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रेयान स्कूल में अपने बच्चें नहीं भेजना चाहते हैं पैरंट्स, सुरक्षा की चिंता

आपको बता दें कि हरियाणा सरकार ने अगले 3 महीने के लिए स्कूल को टेक ओवर किया है. इसके बावजूद कई अभिभावक ऐसे हैं जो जो अपने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए फिलहाल अगले कुछ दिन तक उन्हें स्कूल नही भेजेंगे. आजतक ने डर के साये में जी रहे ऐसे ही कई परिवारों से बात की.

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aajtak.in
अंकुर कुमार / पुनीत शर्मा/ अंकित यादव गुरुग्राम , 17 September 2017
रेयान स्कूल में अपने बच्चें नहीं भेजना चाहते हैं पैरंट्स, सुरक्षा की चिंता रेयान इंटरनेशनल स्कूल

रेयान इंटरनेशनल स्कूल के प्रद्युम्न मर्डर केस की जांच करने वाली एसआईटी स्कूल के पूरे स्टाफ से पूछताछ कर रही है. वहीं  प्रद्युम्न के कत्ल के बाद रेयान इंटरनेशनल स्कूल बंद कर दिया गया था. अब 11 दिन बाद रेयान स्कूल एक बार फिर सोमवार को खुलने जा रहा है. हालांकि पैरंट्स को अपने बच्चों की सुरक्षा की चिंता हो रही है और वह उन्हें स्कूल नहीं भेजना चाह रहे हैं.

आपको बता दें कि हरियाणा सरकार ने अगले 3 महीने के लिए स्कूल को टेक ओवर किया है. इसके बावजूद कई अभिभावक ऐसे हैं जो जो अपने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए फिलहाल अगले कुछ दिन तक उन्हें स्कूल नही भेजेंगे. आजतक ने डर के साये में जी रहे ऐसे ही कई परिवारों से बात की.

बच्चों पर प्रेशर

12वीं क्लास में पढ़ने वाली एक छात्रा ने बताया कि सोमवार से एग्जाम है, लेकिन बीते 10 दिनों से उसने कोई पढ़ाई नहीं की. हत्या के बारे में सोचकर पढ़ाई में मन नहीं लग रहा है.बार बार स्कूल की वह घटना याद आती है.

वहीं सेकेंड क्लास में प्रद्युमन के साथ पढ़ने वाले एक बच्चे का कहना है कि वह अपने दोस्तों से मिलना चाहता है. हालांकि वह अभी स्कूल नहीं जा पाएगा. बच्चे ने खुद कहा कि उसे स्कूल जाने में डर लग रहा है, ऐसे में जब तक स्कूल में सब ठीक नहीं होता वह स्कूल नहीं जाएगा. वहीं उसके पिता का कहना है कि जब तक स्कूल में पुलिस मौजूद हैं, वह बच्चे को स्कूल नहीं भेजेंगे. इससे बच्चे पर बुरा असर पड़ेगा.

पैरेंट्स भी घबराए हुए हैं

बृजेंद्र तिवारी के दो बच्चे रेयान इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ते हैं. बृजेंद्र कहते हैं कि कैसे उस स्कूल प्रशासन पर भरोसा कर लें, जिसने इस मर्डर केस को छुपाने में कोई कसर नहीं छोड़ी.  प्रदीप राघव के भी दो बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं. वे भी बहुत ज्यादा डरे हुए हैं. प्रदीप कहते है कि मैं बच्चों का डर कम करने की कोशिश कर रहा हूं, लेकिन हर वक़्त उनकी चिंता सताती रहेगी. वहीं सुभाष गर्ग का कहना है कि सिक्योरिटी को लेकर चिंता है, लेकिन अब जिला प्रशासन की निगरानी में स्कूल चलेगा तो तमाम चिंताएं दूर होंगी.

रेयान स्कूल में अपने बच्चों को पढ़ाने वाले आशीष का परिवार भी अपने बच्चे को सोमवार से स्कूल खुलने के बावजूद भी स्कूल नहीं भेजना चाह रहा है. उनका बेटा प्रद्युम्न की क्लास में पढ़ता था. परिवार डरा हुआ है. उनका कहना है की जब तक ये सुनिश्चित नहीं हो जाता कि स्कूल में सुरक्षा के सारे इंतजाम पूरे हो गए हैं, तब तक हम अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे.

संगीत सोम मिलने पहुंचे

प्रद्युम्न के घर में बीजेपी नेताओं का पहुंचना लगातार जारी है. रविवार को बीजेपी के विधायक संगीत सोम परिवारवालों से मिलने पहुंचे. वहां उन्होंने प्रदीप की मां की हिम्मत बढ़ाई. संगीत सोम ने कहा कि वह चाहते हैं कि इस स्कूल की मान्यता तत्काल रद्द की जाए. गौरतलब है कि गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में हुई प्रद्युम्न की हत्या के बाद स्कूलों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं.

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