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फेल हुआ PM मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट! मंदी के चलते जहाज बेचने को मजबूर कंपनी

कंपनी ने अपने जहाज आईलैंड जेड को बेचने के लिए रखा है. कंपनी के सीईओ देवेन्द्र मुंजाल का कहना है कि 2017 से सितंबर तक कंपनी को 45 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.

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aajtak.in
गोपी घांघर अहमदाबाद, 04 December 2019
फेल हुआ PM मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट! मंदी के चलते जहाज बेचने को मजबूर कंपनी रो-रो फेरी

  • कंपनी ने अपने जहाज आईलैंड जेड को बेचने के लिए रखा
  • कंपनी के जहाज को बेचे बिना पैसा इकट्ठा करना मुश्किल

गुजरात के भावनगर के घोघा से भरूच के दहेज के बीच शुरू हुई रोरो फेरी सर्विस को लेकर आज एक बुरी खबर सामने आ रही है. इस रो-रो फेरी को शुरू करने वाली कंपनी डीजे सी कनेक्ट ने अब अपनी आर्थिक मंदी और कंपनी की खराब माली हालत को देखते हुए रोरो फेरी सर्विस के एक जहाज को मंगलवार को बेचने के लिए रखा है.

बताया जा रहा है कि कंपनी ने अपने जहाज आईलैंड जेड को बेचने के लिए रखा है. कंपनी के सीईओ देवेन्द्र मुंजाल का कहना है कि 2017 से सितम्बर तक कंपनी को 45 करोड़ रुपयों का नुकसान हुआ है. ऐसे में कंपनी के पास जहाज को बेचे बिना पैसा इकट्ठा करना मुश्किल था. जबकि कंपनी काफी बड़ा इन्वेस्टमेंट इस पूरे प्रोजेक्ट पर कर चुकी है.

PM मोदी की थी रोरो फेरी की शुरुआत

2017 में गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोरो फेरी की शुरुआत की थी. वहीं कंपनी ने कहा कि आमतौर पर जहाज को पानी में पांच मीटर की गहराई चाहिए, जबकि घोघा के समुद्र किनारे की गहराई अब सिर्फ 0.5 मीटर की रह गई है.

पीएम मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने 650 करोड़ की लागत से गुजरात के घोघा दहेज के बीच रोरो फेरी प्रोजेक्ट की नींव रखी थी. दरअसल इस प्रोजेक्ट को बीच में बंद भी किया गया था, लेकिन सितंबर से इस प्रोजेक्ट को पूरी तरह बंद कर दिया गया. बताया जाता है कि यहां के समुद्र में काफी ज्यादा करंट है. साथ ही पानी अपने साथ मिट्टी को भी लेकर आता है, जिस वजह से कई बार पानी कम होने की वजह से जहाज मिट्टी में भी फंस जाता था.

हो चुके हैं दो हादसे

सफर में रो रो फेरी के साथ अब तक दो हादसे भी हो चुके हैं. जिस में एक बार इसे खींचने वाली टंग बोट पानी में डूब गई थी तो वहीं दूसरे हादसे में टंग बोट में आग लग गई थी. रोड के रास्ते घोघा से दहेज का 450 किलोमीटर का ये सफर आमतौर पर 7 से 10 घंटे लगते थे. वहीं रो रो फेरी के जरिए ये सफर 1 घंटे का हो गया था.  

वॉयेज सिम्फनी और आईलैंड जेड नाम के दो जहाज में से रो रो फेरी के संचालकों ने आईलैंड जेड नाम के जहाज को बेचने का फैसला लिया और उसे बेचने के लिए निकाला गया है.

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