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गुजरात में महा चक्रवात का खतरा टला, समुद्र में ही थम जाएगी रफ्तार

मौसम विभाग के डायरेक्टर जयंत सरकार ने कहा कि महा चक्रवात फिलहाल पूर्वी मध्य और उत्तर पूर्वी अरब सागर में है. यह धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है और 7 नवंबर को महा चक्रावात डीप-डिप्रेशन में तब्दील हो जाएगा. मतलब यह चक्रवात समुद्र में ही खत्म हो जाएगा.

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aajtak.in
गोपी घांघर अहमदाबाद, 06 November 2019
गुजरात में महा चक्रवात का खतरा टला, समुद्र में ही थम जाएगी रफ्तार गुजरात तट से नहीं टकराएगा महा चक्रवात

  • पोरबंदर से 400 किमी दूर समुद्र में है चक्रवाती तूफान 'महा'
  • 7 नवंबर को डीप-डिप्रेशन में तब्दील हो जाएगा महा चक्रावात
गुजरात के समुद्री तट पर 'महा' चक्रवात आने का संकट अब टल गया है. मौसम विभाग के मुताबिक 'महा' चक्रवात अब गुजरात के समुद्री तट से नहीं टकराएगा. ये चक्रवात डीप-डिप्रेशन में तब्दील हो जाएगा. अरब सागर में बना 'महा' चक्रावात गुजरात के समद्र तट से टकराने वाला था, लेकिन मौसम विभाग के मुताबिक यह चक्रवाती तूफान अब गुजरात में नहीं आएगा.

मौसम विभाग के डायरेक्टर जयंत सरकार ने कहा कि महा चक्रवात फिलहाल पूर्वी मध्य और उत्तर पूर्वी अरब सागर में है. अभी यह चक्रवाती तूफान पोरबंदर से 400 किलोमीटर, वेरावल से 440 किलोमीटर और दीव से 490 किलोमीटर दूर है. यह चक्रवाती तूफान पूर्व दिशा में आगे बढ़ रहा है. यह तूफान धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है और 7 नवंबर को महा चक्रावात डीप-डिप्रेशन में तब्दील हो जाएगा. इसके साथ ही यह चक्रवात समुद्र में ही खत्म हो जाएगा.

मौसम विभाग के मुताबिक महा चक्रवाती तूफान का खतरा जरूर टल गया है, लेकिन सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के कई इलाकों में इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा. 60 से 70 किलो मीटर प्रति घंटे की रफ्तार की हवा के साथ सौराष्ट्र के गिर, सोमनाथ, जूनागढ़, द्वारका, दीव, अमरेली, दक्षिण गुजरात में वलसाड, सूरत, भरूच में भारी बारिश का पूर्वानुमान है. पहले इस चक्रवाती तूफान के कारण निचले इलाकों में नुकसान होने की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन नुकसान की संभावना अब काफी कम हो गई है.

वहीं, भारी बारिश के कारण मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है. साथ ही तेज हवा के कारण बंदरगाह पर सिग्नल 3 चालू कर दिया गया है. प्रशासन ने एहतियातन प्रभावित इलाकों में एनएडीआरएफ की 15 टीमों को तैनात कर दिया है. दूसरे राज्यों से भी एनडीआरएफ की टीमें बुलाई गई हैं. 12 हजार 600 नावों को समुद्र से वापस बुला लिया गया है और अधिकारियों की छुट्टी रद्द कर दी गई है. वहीं समुद्री किनारों के शहरों पर फायर स्टेशन पर 2 दमकल की टीम तैनात की गई हैं. साथ ही तटरक्षक बल और नौसेना को भी तैनात किया गया है.

इससे पहले इसी साल चक्रवाती तूफान वायु और कयार का भी खतरा मंडरा चुका है. हालांकि गनीमत रही कि एक भी चक्रवात गुजरात की सीमा से नहीं टकराए. सिर्फ ये तीन चक्रवात ही नहीं, बल्कि अब तक गुजरात पर जितने भी चक्रवातों का खतरा मंडराया, उनमें से ज्यादातर या तो ओमान की ओर बढ़ गए या तो समुद्र में ही खत्म हो गए.

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