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...जब मिलने आए दिव्यांगों को PM मोदी ने कुर्सी छोड़कर लगाया गले

सूरत के डिंडोली इलाके में रहने वाले मनोज भिंगारे के दोनो हाथ नहीं हैं, इसके बावजूद मनोज अपना सारा काम हाथों के बिना ही कर लेते हैं. मनोज को चाहे अपना कम्प्यूटर ऑन करना हो या फिर मोबाइल पर आने वाले फोन को रिसिव करना हो, मनोज अपने पैरों का इस्तेमाल करते हैं और मुंह का सहारा लेकर इन कामों को कर लेते हैं. मनोज भिंगारे इसके अलावा एक अच्छे चित्रकार भी हैं.

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गोपी घांघर [Edited by: अजीत तिवारी]अहमदाबाद, 12 January 2019
...जब मिलने आए दिव्यांगों को PM मोदी ने कुर्सी छोड़कर लगाया गले पीएम मोदी के साथ मनोज भिंगारे

मनोज भिंगारे अपने पैरों की मदद से अच्छी चित्रकारी कर लेते हैं. अपने पैरों से पेंसिल चलाकर किसी भी चीज को पहले तो कागज पर उतार लेते हैं और फिर उनमें रंग भर देते हैं. मनोज अपने पैरों में पेंसिल फंसाकर चित्र बनाते हैं और उसमें रंग भरते हैं. भिंगारे ने इसी तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उनकी माता जी के साथ बैठे हुए चित्र (पेंटिंग) बनाई थी.

पीएम मोदी को रूबरू मिलकर वो पेटिंग देना चाहते थे और उनका यह सपना पूरा भी हो गया. भाजपा विधायक की मदद से जब मनोज 7 अन्य अपने साथी दिव्यांगों के साथ पीएम मोदी को मिलने प्रधानमंत्री कार्यालय में पहुंचे तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी कुर्सी को पीछे छोड़ आगे बढ़े और दिव्यांगों को गले लगा लिया. मनोज ने जब उन्हें वो पेंटिंग सौंपी जिसमें वो अपनी मां के साथ बैठे हुए हैं तो पेंटिंग देखकर पीएम भी दंग रह गए! दोनों हाथों से दिव्यांग मनोज को गले लगा लिया. इस पेंटिंग को लेकर पीएम ने मनोज की काफी तारीफ की.

सूरत के रहने वाले मनोज भिंगारे के लिए इस तरह पैरों और मुंह की मदद से पेंटिंग करना शुरू में आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी. वो मेहनत करते रहे और उनकी मेहनत रंग लाती रही. नरेंद्र मोदी जब गुजरात के सीएम थे तब भी उन्होंने एक पेंटिंग उन्हें भेट की थी. अब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बन गए तो मनोज की उनसे मिलने की इच्छा थी जो अब पूरी हो गई है. मनोज जन्म से दिव्यांग नहीं हैं, बचपन में एक बस हादसे के बाद उनके दोनों हाथ काटने पड़े थे. मनोज की शादी 6 साल पहले भावना के साथ हुई थी. मनोज का एक बेटा भी है. मनोज के काम में उनकी पत्नी भावना और जरूरत पड़ने पर माता पिता भी मदद करते हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलना किसी सामान्य व्यक्ति के बस की बात नहीं है. मगर सूरत की 8 सदस्यों वाली एक टीम उनको मिलकर जब सूरत पहुंची तो लोगों ने उनका जमकर स्वागत किया था. सूरत रेलवे स्टेशन पर दिव्यांगों की इस टीम के साथ और भी लोग थे जो उन्हें लेकर पीएम मोदी से मिलाने दिल्ली ले गए थे. इन लोगों में सूरत की कामरेज विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक वीडी झालावाडिया भी शामिल थे. इन्होंने बताया कि एक बार मकर संक्रांति के पर्व पर उन्हें एक कार्यक्रम में बुलाया गया था जहां इन दिव्यांगों ने पीएम मोदी से मिलने की इच्छा व्यक्त की थी. इसके बाद उन्होंने प्रयास किया और पीएम से दिव्यांगों की मुलाकात हो गई. पीएम मोदी दिव्यांगों से मिलने के लिए अपने ऑफिस में कुर्सी छोड़कर आगे आए थे!

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