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छात्रसंघ चुनाव नतीजों के बाद JNU में हिंसा? ABVP और लेफ्ट के अपने-अपने दावे

जेएनयूएसयू यानी जवाहर लाल नेहरू छात्र संघ चुनाव के बाद कैंपस से हिंसा की खबरें आ रही हैं. मतगणना के दौरान भी आपसी झड़प और मार-पिटाई की घटनाएं हुई थीं. फिलहाल जो खबरें आ रही हैं उसमें कहा जा रहा है कि कल रात जेएनयू के झेलम हॉस्टल के बाहर बड़ी संख्या में हिंसा हुई है.

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aajtak.in
विकास कुमार नई दिल्ली, 17 September 2018
छात्रसंघ चुनाव नतीजों के बाद JNU में हिंसा? ABVP और लेफ्ट के अपने-अपने दावे फाइल फोटो

जेएनयूएसयू यानी जवाहर लाल नेहरू छात्र संघ चुनाव के बाद कैंपस से हिंसा की खबरें आ रही हैं. मतगणना के दौरान भी आपसी झड़प और मार-पिटाई की घटनाएं हुई थीं. फिलहाल जो खबरें आ रही हैं उसमें कहा जा रहा है कि कल रात जेएनयू के झेलम हॉस्टल के बाहर हिंसा हुई थी.

सवाल उठता है कि हुआ क्या था और इस सवाल के बारे में दोनों पक्ष के अपने-अपने दावे हैं.

JNU के छात्र और लेफ्ट एक्टिविस्ट अमृत राज ने कहा, 'कल रात से ABVP वाले हॉस्टल-हॉस्टल घूम कर छात्रों को मार रहे हैं. निर्वाचित अध्यक्ष बालाजी कल रात से ही बसंत विहार थाने में हैं. हमलोग भी अलग-अलग समूह बनाकर थाने में जा रहे हैं. गाली-गलौज और मारपीट किया जा रहा है.’

वहीं ABVP नेता सौरभ शर्मा का दावा है कि लेफ्ट एक्टिविस्टों ने मारपीट की. aajtak.in से बात करते हुए उन्होंने कहा, 'AIIMS ट्रॉमा सेंटर में हैं. कल रात लेफ्ट के लोगों ने कैंपस में घुस-घुसकर कर हमारे लड़कों को पीटा. हमारे करीब-करीब दस लड़के इस वक्त हॉस्पिटल में भर्ती हैं. कुछ के तो हाथ भी टूट गए हैं.'

कैंपस से आ रही खबरों में यह कहा जा रहा है कि JNU छात्रसंघ के नवनिर्वाचित छात्र संघ अध्यक्ष एन. साई बालाजी के साथ भी मारपीट हुई और उन्हें पूरी रात पास के थाने में बितानी पड़ी. आज सुबह पुलिस सुरक्षा में एन. साई. बालाजी कैंपस लौटे हैं. छात्रसंघ अध्यक्ष ने पूरे मामले की लिखित शिकायत वसंत कुंज थाने में दर्ज कराई है.

सोशल मीडिया पर लिखे जा रहे पोस्ट और अलग-अलग स्रोतों से आ रही जानकारियों में कैंपस के झेलम हॉस्टल का नाम बार-बार आ रहा है. इसलिए हमने उसी हॉस्टल में रहने वाले एक छात्र से बात की. वे खुद को किसी भी पार्टी से जुड़ा हुआ नहीं मानते हैं लेकिन उन्होंने हिंसा का वारदातों का पूरा ब्योरा आजतक को दिया.

घटना के बारे में बात करते हुए वो कहते हैं कि कैंपस में तनाव तो है. हमारे हॉस्टल को लॉक कर दिया गया है. आईकार्ड दिखाने पर ही एंट्री हो रही है. घटना के बारे में दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे हैं. वो कहते हैं, 'सुजल यादव एक लड़का है. वो मेरा रूम मेट भी रहा है. सुजल ABVP समर्थक है. मतगणना के दिन हुए हो-हल्ले में लेफ्ट के पवन मीणा ने उसका हाथ मरोड़ दिया और उसके हाथ पर प्लास्टर लग गया. वो गुस्से में था. बदला लेने की बात कह रहा था. सब कहते हैं कि कल रात सड़क पर सुजल को पवन दिख गया. दोनों में हल्की मारपीट हुई. इसके बाद पवन ने अपने कई साथियों को बुला लिया. इसके बाद उन लोगों ने सुजल यादव को पास के झाड़ी में ले जाकर पीटा.'

जब हमने यह पूछा कि क्या उन्होंने खुद ये सब देखा है तो उन्होंने कहा कि तब मैं वहां नहीं था. हॉस्टल के लड़कों ने बताया. घटना के बारे में दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे हैं. मारपीट में भी दोनों पक्ष ही शामिल हैं. हां ये अलग बात है कि दिखने वाले चोट ABVP के लड़कों को लग जा रहे हैं लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि लेफ्ट के लोगों को मार नहीं लगी है. वो नहीं पिटे हैं.

जैनेंद्र ने यह भी बताया कि अगर कोई वीडियो बनाने की कोशिश करे तो मार-पिटाई कर रहे लोग मोबाइल छीन लेते हैं. ऐसे में सही-सही क्या हुआ? ये बताना मुश्किल है.

 हालांकि इस कल की घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आया है. JNU छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष मोहित पांडे ने ये वीडियो अपने फेसबुक अकाउंट से शेयर किया है. उन्होंने बताया कि ये वीडियो झेलम हॉस्टल के बाहर का है. वीडियो में लड़कों का एक ग्रुप गेट के अंदर खड़े एक लड़के को मारने की कोशिश कर रहा है. इसी बीच किसी की नजर वीडियो बना रहे शख्स पर जाती है. वो रिकॉर्डिंग बंद करने का निर्देश देता है. रिकॉर्डिंग बंद नहीं होती तो भीड़ में से ABVP नेता सौरभ शर्मा रिकॉर्डिंग कर रहे शख्स की तरफ तेजी से बढ़ते हैं और इसके बाद की रिकॉर्डिंग नहीं है.

अभी तक यही कहा जाता रहा है कि जेएनयू में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है. कैंपस में आपसी वाद-विवाद और सहमति-असहमति का रिवाज रहा है लेकिन फिलहाल जो स्थिति है वो इनसब के उलट है.

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