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साउथ दिल्ली नगर निगम सख्त, शॉपिंग मॉल के बाहर नहीं दिखेंगे होर्डिंग

No hoardings outside mall वसंत कुंज से लेकर दक्षिण दिल्ली के साकेत के कई नामी गिरामी शॉपिंग मॉल्स के बाहर लगने वाले सभी एडवरटाइजमेंट्स होर्डिंग्स को ढक दिया गया है. इतना ही नहीं मॉल्स के अंदर के शोरूम और स्टोर के बोर्ड को भी ढकने के लिए नगर निगम ने हिदायत दी है.

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aajtak.in
अंकित यादव / रोहित मिश्रा नई दिल्ली, 15 January 2019
साउथ दिल्ली नगर निगम सख्त, शॉपिंग मॉल के बाहर नहीं दिखेंगे होर्डिंग दक्षिणी दिल्ली में स्थित एक मॉल (फोटो-अंकित)

आमतौर पर आप जब किसी शॉपिंग मॉल के बाहर से गुजरते होंगे तो बड़े बड़े ब्रांड्स के होर्डिंग्स और एडवरटाइजमेंट्स नजर आते होंगे, जो रात होते ही जगमगाती रोशनी में चमकने लगते हैं. लेकिन अब दिल्ली नगर निगम की एक फरमान से दक्षिणी दिल्ली के मॉल्स की रौनक चली गई है. दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने सख्त हिदायत देते हुए अपने इलाके में आने वाले सभी शॉपिंग मॉल के बाहर किसी भी तरह की एडवरटाइजमेंट्स होर्डिंग्स बैनर्स लगाने से मना कर दिया है.

दिल्ली के वसंत कुंज से लेकर दक्षिण दिल्ली के साकेत के कई नामी गिरामी शॉपिंग मॉल्स के बाहर लगने वाले सभी एडवरटाइजमेंट्स होर्डिंग्स को ढक दिया गया है. इतना ही नहीं मॉल्स के अंदर के शोरूम और स्टोर के बोर्ड को भी ढकने के लिए नगर निगम ने हिदायत दी है.

नगर निगम को राजस्व का नुकसान

दरअसल, दिल्ली नगर निगम का कहना है की मॉल्स के इस कदम की वजह से उसे लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हर महीने होता है. क्योंकि लोग शॉपिंग मॉल्स के बाहर लगे इन एडवरटाइजमेंट्स को पहले बुक करते हैं जबकि नगर निगम के विज्ञापन और होर्डिंग को बुक नहीं करते. दिल्ली नगर निगम का यह भी कहना है कि दिल्ली में विज्ञापन का अधिकार केवल उसके पास है.  

हालांकि साउथ दिल्ली में भले ही शॉपिंग मॉल्स पर कार्रवाई हो गई हो, लेकिन उत्तरी और पूर्वी दिल्ली नगर निगम के हिस्से में पड़ने वाले शॉपिंग मॉल में अभी पहले की तरह ही व्यवस्था चल रही है. हर बिल्डिंग के बाहर बड़े-बड़े एडवरटाइजमेंट्स बोर्ड लगे हुए हैं जिसका राजस्व मॉल प्रबंधन को ही मिल रहा है. दक्षिणी दिल्ली नगर निगम से बाकी दोनों नगर निगम ने कोई सीख नहीं ली.

नगर निगम की मदद को सामने आए बीजेपी सांसद

एक तरफ फंड को लेकर दिल्ली सरकार और नगर निगम आमने-सामने हैं. वहीं पूर्वी दिल्ली नगर निगम का आरोप कि दिल्ली सरकार उसे पैसा नहीं दे रही है. बहरहाल इस समस्या को खत्म करने के लिए अब बीजेपी के सांसदों को आगे आना पड़ा है. इसमें सांसदों ने मिलने वाले अपने फंड से पूर्वी दिल्ली नगर निगम के काम करा रहे हैं.

बीजेपी के दो सांसदों मनोज तिवारी और महेश गिरी के कुछ क्षेत्र पूर्वी दिल्ली नगर निगम में आते हैं. इन सांसदों ने ही अपने फंड से पैसा देकर काम करा रहे हैं. मनोज तिवारी के संसदीय क्षेत्र की 2 विधानसभा सीटें उत्तरी दिल्ली नगर निगम में आती हैं जबकि पूर्वी दिल्ली के सांसद महेश गिरी के संसदीय क्षेत्र की 2 विधानसभा दक्षिणी दिल्ली नगर निगम में आती हैं.

अभी तक दोनों सांसदों ने 25 करोड़ का फंड पूर्वी दिल्ली नगर निगम को दिया है. इसके तहत पार्कों की सफाई, बेंच, जिम और हाई मास्ट लाइट लगाई जा रही हैं. दोनों सांसदों के फंड से पूर्वी दिल्ली नगर निगम ई रिक्शा खरीद रही है ताकि कूड़ा उठाया जा सके. यही नहीं पूर्वी दिल्ली नगर निगम के 28 स्कूलों में सीसीटीवी लगाया जा रहा है जोकि सांसद मनोज तिवारी के फंड से कराया जा रहा है. मनोज तिवारी का आरोप है कि दिल्ली सरकार जानबूझकर नगर निगम को पैसा नहीं दे रही है ताकि लोग बीजेपी पर सवाल उठाएं. अरविंद केजरीवाल की राजनीति की वजह से हमें अपने दूसरे कामों को छोड़कर नगर निगम को आर्थिक मदद देनी पड़ रही है.

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