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बीजेपी के सोशल मीडिया ट्रोल्स का जवाब देगी AAP की स्पेशल महिला विंग

महिला विंग की अध्यक्ष ऋचा पांडेय के मुताबिक आज कल महिलाएं भी सोशल मीडिया पर काफी बढ़चढ़ कर हिस्सा ले रही हैं. घरेलू काम निपटाने के बाद उनके पास काफी वक्त होता है. उन्होंने कहा कि बीजेपी के ट्रोल्स ने सोशल मीडिया पर काफी वैचारिक जहर फैला रखा है, उसकी शुद्धि करने का बीड़ा AAP महिला विंग ने उठाया है.

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aajtak.in
पंकज जैन नई दिल्ली, 19 September 2017
बीजेपी के सोशल मीडिया ट्रोल्स का जवाब देगी AAP की स्पेशल महिला विंग महिला विंग को दी जा रही है ट्रेनिंग

सोशल मीडिया पर बीजेपी के ट्रोल्स का मुकाबला करने के लिए आम आदमी पार्टी की महिला विंग ने कमर कस ली है. इसके तहत पार्टी मुख्यालय में महिलाओं को ट्रेनिंग कराई जा रही है.  इसका मकसद महिलाओं को बूथ लेवल से लेकर सोशल मीडिया तक मजबूत बनाना है. महिला विंग की अध्यक्ष ऋचा पांडेय के मुताबिक आज कल महिलाएं भी सोशल मीडिया पर काफी बढ़चढ़ कर हिस्सा ले रही हैं. घरेलू काम निपटाने के बाद उनके पास काफी वक्त होता है. उन्होंने कहा कि बीजेपी के ट्रोल्स ने सोशल मीडिया पर काफी वैचारिक जहर फैला रखा है, उसकी शुद्धि करने का बीड़ा AAP महिला विंग ने उठाया है.

आम आदमी पार्टी की ट्रेनिंग में महिलाओं को बताया जा रहा है कि वे पार्टी की गाइड लाइन्स का ध्यान रखें. वरिष्ठ नेताओं के फेसबुक और ट्वीटर अकाउंट को फॉलो करें. उसी के आधार पर बीजेपी और विरोधी राजनीतिक दलों को करारा जवाब दें.

ट्रेनिंग के दौरान महिलाओं को बीजेपी ट्रोल को पहचानने और उनसे निपटने के यह टिप्स दिए गए:

- बीजेपी के ट्रॉल्स किस तरह महिलाओं और पत्रकारों को ट्रोल करते हैं. असलियत में यह वो लोग हैं जिन्हें बीजेपी रुपए देती है. इनका नेटवर्क बड़ा होता है और ये नकली चेहरे बनाकर हमारे साथ जुड़ जाते हैं.

- आम आदमी पार्टी की महिलाओं को इनके खिलाफ तैयार होना है. जो अभद्र पोस्ट करें उनकी प्रोफाइल को स्कैन करें. हमें राष्ट्रवाद की आड़ में भद्दे कमेंट करने वालों को रोकना है.

- यह फोन एक बड़ी ताकत है, इस जमाने में अगर दुर्गा मां को शस्त्र दिए जाते तो, उसमें से एक मोबाइल भी होता.

- महाभारत में संजय की तरह दिव्य दृष्टि को तेज करना होगा, फेसबुक और ट्विटर पर ट्रोल्स का सामना करना होगा.

- एक भद्दे कमेंट पर सबको मिलकर जवाब देना होगा. फर्जी प्रोफाइल का स्क्रीन शॉट लेकर उसे वायरल करना. फर्जी और कायर लोगों को एक्सपोज करना बेहद ज़रूरी है. हर महिला को व्हाट्स ऐप के ग्रुप में तमाम जानकारी को शेयर करनी होगी.

ट्रोल से निपटने वाली महिला ब्रिगेड

1. दिल्ली के मोती नगर में रहने वाली रीता वशिष्ठ पांच साल से सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं. रीता वशिष्ट बताती हैं कि वो अन्ना आंदोलन से ही अरविंद केजरीवाल के साथ जुड़ी हैं. रीता के मुताबिक सोशल मीडिया पर जब वो AAP के समर्थन में पोस्ट करती हैं तो उन्हें ट्रोल कर उनके साथ गाली गलौज की जाती है. रीता का कहना है कि सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा का जिस तरह प्रयोग होता है उससे निपटने के लिए केजरीवाल साहब ने कहा है कि ट्रोल का जवाब उन्हीं की भाषा मे देंगे. गौरी लंकेश को जिस तरह गाली दी गई उसका जवाब हमने दिया था. ट्रेनिंग का मकसद यही है कि सब निडर होकर जवाब दें.

2. दिल्ली के पहाड़गंज में रहने वाली प्रमिला सापरा पिछले 5 साल से पार्टी से जुड़ी हैं। प्रमिला बताती हैं कि वो व्हाट्सएप पर आने वाले भद्दे मैसेज का कई बार शिकार हुई हैं। प्रमिला का कहना है कि महिलाओं को जोड़कर लड़ाई लड़ने की ट्रेनिंग ले रहे हैं ताकि वो खुद को कमजोर न समझें।

3. दिल्ली के छतरपुर में रहने वाली अंजू 5 साल से पार्टी से जुड़ी हैं, जबकि वो सोशल मीडिया पर वो 7 साल से सक्रिय हैं. अंजू का कहना है कि आजकल लड़ाई सिर्फ सोशल मीडिया पर होती है जिसके लिए उन्हें तैयार किया जा रहा है. राष्ट्रवादी शब्द का इस्तेमाल करने वाले लोग जिस तरह की भाषा इस्तेमाल करते हैं उसका जवाब दिया जाएगा. महिलाओं को ट्विटर और फेसबुक पर इकट्ठा भी किया जा रहा है.

4. पिछले 3 साल से ट्विटर-फेसबुक का इस्तेमाल कर रही रेणु यादव बताती हैं कि फेसबुक पर पार्टी से जुड़ी पोस्ट डालने पर जब कोई लड़का, लड़की बनकर ट्रोल करना शुरू करता है तो उनकी प्रोफाइल स्कैन करने की ट्रेनिंग दी जा रही है. ऐसे लोग जो भद्दी गालियां देते हैं उनका स्क्रीन शॉट लेकर बाकी ग्रुप में शेयर करते हैं ताकि फर्जी लोगों का खुलासा हो सके.

5. अन्ना आंदोलन के वक़्त से ही पार्टी से जुड़ी वसुधा खटनावलिया फेसबुक पर 7 साल से, ट्विटर पे 2 साल से सक्रिय हैं. वसुधा का कहना है कि अक्सर केजरीवाल सरकार की उपलब्धि बताने पर फेसबुक या ट्विटर पर ट्रोल कोय जाता है. ये ट्रोल खिलाड़ी से लेकर फिल्मी कलाकार को भी नहीं छोड़ते हैं.  ये ट्रोल हर वक़्त ऑनलाइन रहते हैं. इनकी प्रोफाइल डमी प्रोफाइल होती है. जब ये महिलाओं पर अटेक करते हैं तो क्या किया जाए इसकी ट्रेनिंग मिल रही है.  ऐसे ट्रोल को नज़रअंदाज़ करने की बजाय जवाब देने की ट्रेनिंग मिल रही है.

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