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शाहीन बाग: दिल्ली पुलिस की कार्रवाई से नाराज प्रदर्शनकारी, SC में दी शिकायत

कोरोना वायरस के खतरा और लॉकडाउन को देखते हुए शाहीन बाग के धरना को दिल्ली पुलिस ने हटा दिया. इसे लेकर प्रदर्शनकारियों ने सुप्रीम कोर्ट में शिकायत दी है.

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aajtak.in
संजय शर्मा नई दिल्ली , 26 March 2020
शाहीन बाग: दिल्ली पुलिस की कार्रवाई से नाराज प्रदर्शनकारी, SC में दी शिकायत शाहीन बाग में धरना स्थल पर कार्रवाई करती पुलिस (Photo- Aajtak)

  • धरना स्थल पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट में शिकायत
  • प्रदर्शनकारियों ने कहा- कोरोना के कारण सिर्फ प्रतीकात्मक विरोध चल रहा था

दिल्ली के शाहीन बाग में पिछले साल दिसंबर से नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ जारी प्रदर्शन को खत्म कर दिया गया. कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए देशभर में लॉकडाउन है. इसके मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के टेंट उखाड़ कर रास्ता खाली करा दिया.

इस दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई और 10 लोगों (4 पुरुष और 6 महिलाओं) को गिरफ्तार भी किया गया. अब दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई पर प्रदर्शनकारियों ने सुप्रीम कोर्ट में शिकायत की है.

अदालत की ओर से नियुक्त वार्ताकारों के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रदर्शनकारियों ने अपना पक्ष रखा. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कोरोना वायरस (COVID-19) के कारण लॉकडाउन के उपायों का हवाला देते हुए मंगलवार सुबह की गई पुलिस कार्रवाई बेहद अनुचित थी.

'बहाने से प्रदर्शन स्थल खाली कराया गया'

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्होंने खुद COVID-19 प्रोटोकॉल के मद्देनजर भागीदारों की संख्या कम कर दी थी. प्रदर्शन स्थल पर पांच महिलाओं से भी कम थीं. शाहीन बाग में सिर्फ प्रतीकात्मक विरोध चल रहा था.

उनका कहना है कि इसके बावजूद पुलिस ने कुछ लोगों के माध्यम और सहयोग से COVID-19 लॉकडाउन उपायों को लागू करने के बहाने प्रदर्शन स्थल खाली कराया और सामान भी हटा दिया.

बता दें कि 24 मार्च की सुबह दिल्ली पुलिस ने कोरोना वायरस और धारा-144 की दलील देते हुए शाहीन बाग के प्रदर्शन स्थल पर कार्रवाई करते हुए धरना को खत्म करा दिया.

दिल्ली पुलिस का कहना है कि कोरोना वायरस के कारण कई शहर लॉकडाउन में है. दिल्ली भी लॉकडाउन किया गया है. हमने शाहीन बाग के लोगों से अपील की कि वह प्रदर्शन से हट जाएं. कोरोना वायरस का खतरा यहां पर है. हमने लोगों से कहा कि वह शांतिपूर्ण तरीके से हट जाएं, ताकि लोगों की जान हिफाजत में रहे. किसी को कोई जोखिम नहीं उठाना पड़े, क्योंकि यह बहुत संक्रमण वाली बीमारी है. बाद में पुलिस ने लोगों को हटा दिया.

वहीं, प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हम खुद पीछे हट गए थे, लेकिन पुलिस ने धरना स्थल में बने भारत माता के नक्शे और इंडिया गेट को क्यों हटाया. लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की.

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