एडवांस्ड सर्च

निर्भया केस: फांसी से पहले आखिरी मुलाकात, गुनहगारों के परिजनों को भेजा गया खत

अधिकारी ने कहा कि फांसी जेल नंबर तीन में दी जाएगी और उत्तर प्रदेश जेल प्राधिकरण ने चारों दोषियों को फंदे पर लटकाने के लिए मेरठ से पवन जल्लाद को भेजने की पुष्टि कर दी है. अधिकारी ने कहा कि सभी चार दोषियों को एक साथ ही लटकाए जाने की संभावना है.

Advertisement
aajtak.in
aajtak.in नई दिल्ली, 24 January 2020
निर्भया केस: फांसी से पहले आखिरी मुलाकात, गुनहगारों के परिजनों को भेजा गया खत निर्भया के दिषियों को 1 फरवरी की सुबह 6 बजे हो सकती है फांसी

  • पिछले सप्ताह डमी को फांसी पर लटकाने का हुआ था अभ्यास
  • तिहाड़ प्रशासन ने यूपी जेल अधिकारियों से मांगे थे दो जल्लाद

निर्भया गैंगरेप के दोषियों को फांसी पर चढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है. तिहाड़ जेल प्रशासन के सूत्रों के मुताबिक दोषियों के परिवारवालों को एक चिट्ठी लिखी गई है. जेल प्रशासन ने अपने पत्र में लिखा कि दोषियों को 1 फरवरी की सुबह 6 बजे फांसी पर लटकाया जाएगा. इससे पहले परिवार अंतिम मुलाकात कर सकता है. जेल प्रशासन के इस पत्र के बाद से किसी भी रिश्तेदार की ओर से कोई जवाब नहीं आया है. इससे पहले दोषियों से उनकी अंतिम इच्छा के बारे में सवाल किए गए थे.

इससे पहले तिहाड़ जेल प्रशासन ने निर्भया गैंगरेप के चारों दोषियों से पूछा था कि वो आखिरी बार अपने परिवार के किस सदस्य से मिलना चाहते हैं और अपने वसीयत संबंधी कोई दस्तावेज भी बनाना चाहते हैं? लेकिन किसी भी दोषी ने इसका जवाब नहीं दिया था.  

इस संबंध में जेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'मृत्यु वारंट जारी होने के बाद दोषियों से पूछा गया कि वे आखिरी बार अपने परिवारों से कब मिलना चाहेंगे और किससे मिलना चाहेंगे. लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया है.'

उन्होंने कहा, 'उनसे यह भी पूछा गया था कि क्या वो वसीयत संबंधी कोई कागजात बनाना चाहते हैं. लेकिन इस बारे में भी उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया.'

अधिकारी ने बताया कि फिलहाल चारों दोषियों को सप्ताह में दो बार परिवार से मिलने की अनुमति दी जाती है. हालांकि अभी अंतिम मुलाकात की तारीख तय नहीं हुई है क्योंकि उन्होंने अब तक जवाब नहीं दिया है'

बता दें, चारों दोषियों-विनय शर्मा, अक्षय कुमार सिंह, मुकेश कुमार सिंह और पवन गुप्ता को जेल नंबर तीन में एक फरवरी को सुबह छह बजे फांसी दी जानी है.

इससे पहले बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में केंद्र द्वारा दायर याचिका में गृह मंत्रालय ने कहा कि क्रूरतम मामलों में दोषी, न्यायिक प्रक्रिया का अनावश्यक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं. निर्भया केस में दोषियों को फांसी पर लटकाने के लिए सात दिन की समयसीमा तय होनी चाहिए.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay