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AAP के 9 सलाहकार बर्खास्त, मनीष सिसोदिया बोले- लेते थे बस 1 रुपये सैलरी

गृह मंत्रालय ने आम आदमी पार्टी के 9 सलाहकारों को बर्खास्त कर दिया है. इस पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि बर्खास्त किए गए विधायक राघव चड्ढा और आतिशी मार्लेना को 1 रुपये प्रति महीने की सैलरी पर नियुक्त किया गया था.

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केशवानंद धर दुबे/ मोनिका गुप्ता नई दिल्ली, 18 April 2018
AAP के 9 सलाहकार बर्खास्त, मनीष सिसोदिया बोले- लेते थे बस 1 रुपये सैलरी मनीष सिसोदिया और अरविंद केजरीवाल

केंद्र सरकार और दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार के बीच टकराव कम होता नहीं दिखाई दे रहा है. मंगलवार को गृह मंत्रालय ने आम आदमी पार्टी के 9 सलाहकारों को बर्खास्त कर दिया है. इस पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि बर्खास्त किए गए विधायक राघव चड्ढा और आतिशी मार्लेना को 1 रुपये प्रति महीने की सैलरी पर नियुक्त किया गया था.

मनीष सिसोदिया ने मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करना चाहते हैं. 9 सलाहकारों को हटाए जाने पर मनीष सिसोदिया ने नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार ने उनकी सलाहकार आतिशी मार्लेना को इसलिए निशाना बनाया, क्योंकि उन्होंने शिक्षा व्यवस्था के सुधार में अहम भूमिका निभाई है.

मनीष सिसोदिया ने ट्वीट किया, 'इसमें कोई आश्चर्य नहीं है कि क्यों मोदी सरकार ने आतिशी मार्लेना जैसी सलाहकार को बर्खास्त किया. उन्होंने सेंट स्टीफेंस से पढ़ाई करने के बाद ऑक्सफोर्ड में भी पढ़ाई की. उन्होंने रोड्स स्कॉलर के तौर पर भी काम किया. इसके बाद वो दिल्ली सरकार में शिक्षा सलाहकार के तौर पर शामिल हुई. आतिशी पिछले तीन साल से मेरे साथ मात्र एक रुपए प्रति माह वेतन पर काम कर रही थीं.

वहीं राघव चड्ढा ने ट्वीट कर कहा, 'रेप और नकदी संकट जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए बीजेपी के इशारे पर गृह मंत्रालय द्वारा प्रभावशाली रणनीति है. उन्होंने मुझे उस पद से हटाने का फैसला लिया, जिस पर 45 दिनों के लिए रहते हुए मैंने मात्र 2.50 रुपये वेतन लिया.'

आपको बता दें कि हटाए गए सलाहकारों में अतिशी मर्लेना, राघव चड्ढा, अरुणोदय प्रकाश, अमरदीप तिवारी, राम कुमार झा, प्रशांत सक्सेना, समीर मल्होत्रा, दिनकर  अदीब और रजत तिवारी शामिल हैं.

हालांकि दिल्ली सरकार का दावा है कि प्रशांत सक्सेना डेढ़ साल पहले हाईकोर्ट के एक आर्डर के बाद से पद पर नहीं हैं. समीर मल्होत्रा, रजत तिवारी  भी इस्तीफा दे चुके हैं, जबकि राघव चड्ढा को सिर्फ ढाई महीने के लिए ढाई रुपये में अपॉइंट किया गया था. मनीष सिसोदिया ने कहा कि 9 सलाहकारों में से 4 फिलहाल सरकार में काम नहीं कर रहे हैं.

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