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'ऑपरेशन मिनिमम वेज' गोपाल राय ने GTB अस्पताल में मारा छापा

दिल्ली कैबिनेट मंत्री गोपाल राय ने पूर्वी दिल्ली के GTB अस्पताल में छापेमारी की. इस दौरान अस्पताल में सफाई कर्मचारियों, सुरक्षा गार्ड और डेटा एंट्री ऑपरेटर को सैलरी दिए जाने को लेकर भारी गड़बड़ियां पाई गई. इसके बाद हॉस्पिटल में काम करने वाली दो कंपनी के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है.

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aajtak.in
पंकज जैन नई दिल्ली, 20 December 2018
'ऑपरेशन मिनिमम वेज' गोपाल राय ने GTB अस्पताल में मारा छापा गोपाल राय (फाइल फोटो)

दिल्ली में आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा शुरू 'ऑपरेशन मिनिमम वेज' के तहत श्रम मंत्री गोपाल राय ने बुधवार को पूर्वी दिल्ली के गुरु तेग बहादुर  (GTB) अस्पताल में छापेमारी की. हैरानी की बात ये रही कि दिल्ली सरकार के अस्पताल में सफाई कर्मचारियों, सुरक्षा गार्ड और डेटा एंट्री ऑपरेटर को सैलरी दिए जाने को लेकर भारी गड़बड़ियां पाई गई. इसके बाद हॉस्पिटल में काम करने वाली दो कंपनी के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है.

जांच के दौरान हाउस कीपिंग एवं नर्सिंग अर्दली में काम करने वाली दो कंपनी शिवालिक हाउसकीपिंग सर्विसेज और एच एल एल लाइफ केयर लिमिटेड के काम में कमियां पाई गई हैं. कंपनी काम करने वाले लोगों को न्यूनतम मजदूरी नहीं दे रही हैं, जिसके खिलाफ जांच के आदेश दे दिए गए हैं.

मंत्री के अस्पताल पहुंचते ही अस्पताल प्रशासन के एकाउंट, सुरक्षा और नर्सिंग विभाग से जुड़े मुख्य अधिकारियों को एक कमरे में बुलाया गया. इसके बाद कमरे में अलग अलग विभाग से शिकायत लेकर लोग आने लगे. इस बीच मंत्री और विधायक ने ठेकेदार से लेकर प्रशासन पर स्टाफ को धमकाने का आरोप भी लगाया. हालांकि मंत्री तब मुश्किल में पड़ गए जब कई कर्मचारी सैलरी दिए जाने की सही जानकारी नहीं दे रहे थे.

महिलाओं ने GTB अस्पताल में मंत्री को बताया कि उन्हें नौकरी से हटाने की धमकी दी जाती है. सीवर साफ करने वाले कर्मचारियों और डाटा एंट्री ऑपरेटर ने लिखित शिकायत देते हुए कहा कि उन्हें तय सैलरी की बजाय मनमानी सैलरी दी जाती है और शिकायत करने पर हटाये जाने की धमकी भी. श्रम मंत्री गोपाल राय ने शिकायत सुनने के बाद कानूनी कार्रवाई की बात कही है. मामले में डिटेल रिपोर्ट तैयार की जा रही है.

ऑपरेशन मिनिमम वेज के तहत श्रम विभाग की इंफोर्समेंट टीम ने अब तक कुल 139 संस्थानों की जांच की है. सभी संस्थानों को जांच और आगे की कार्रवाई के लिए श्रम विभाग बुलाया जाएगा.

आपको बता दें कि दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार ने न्यूनतम मजदूरी में की गई बढ़ोतरी को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 1नवंबर 2018 से फिर से लागू कर दिया है. सभी मजदूरों को बढ़ा हुआ वेतन मिले, इसके लिए दिल्ली सरकार ने 10 दिसंबर से ऑपरेशन मिनिमम वेज शुरू किया है. श्रम मंत्री गोपाल राय के मुताबिक श्रम विभाग के सभी 9 जिलो में 5-5 लोगों की 10 स्पेशल टीमें बनाई गई, जो अलग- अलग इलाकों में जाकर छापेमारी करेगी.

आम आदमी पार्टी सरकार के दावा है कि दिल्ली में करीब 55 लाख लोग मिनिमम वेज पर अपनी ज़िंदगी गुजार रहे हैं. मिनिमम वेज ऑपरेशन 10 दिसंबर से 20 दिसंबर तक चलेगा. छापेमारी में श्रम मंत्री के साथ लेबर कमिश्नर, डिप्टी लेबर कमिश्नर, लेबर इंस्पेक्टरों की टीमें औचक निरीक्षण करेंगी. दिसंबर में जिन मजदूरों को बढ़ी हुई न्यूनतम मजदूरी नहीं दी गयी है, उनकी शिकायत के लिए सरकार ने हेल्पलाइन नंबर 155214 जारी किया है.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब दिल्ली सरकार के मार्च 2017 में जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक मिनिमम वेज दिया जा सकेगा. दिल्ली सरकार ने एक बार फिर से महंगाई भत्ते (डीए) में बढ़ोतरी के साथ बढ़ा हुआ मिनिमम वेज लागू कर दिया है. एक नवंबर के दिल्ली में सभी सरकारी, प्राइवेट संस्थानों में बढ़ा हुआ मिनिमम वेज देना होगा. अनस्किल कैटिगरी में अब हर महीने 14000  (538रुपये रोजाना), सेमीस्किल कैटिगरी में 15400 (592 रुपये रोजाना) और स्किल कैटिगरी में 16962 रुपये (692 रुपये रोजाना) मिला करेगा.

दिल्ली सरकार के मुताबिक अब न्यूनतम मजदूरी (संशोधन) अधिनियम लागू हो चुका है और बढ़ा हुआ मिनिमम वेज न देने वालों पर संशोधित अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज होगा. छापेमारी के दौरान रिकॉर्ड देखे जाएंगे और उसके बाद नोटिस दिया जाएगा. नियमों के उल्लंघन पर मैट्रोपोलिटन मैजिस्ट्रेट की कोर्ट में मुकदमा दर्ज करवाया जाएगा. संशोधित अधिनियम के तहत अब 50 हजार रुपये का जुर्माना होगा और तीन साल तक की कैद भी हो सकती है. जबकि पहले जुर्माने की राशि केवल 500 रुपये थी और 6 महीने की सजा का ही प्रावधान था.

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