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डेंगू की रोकथाम के लिए साउथ एमसीडी ने कसी कमर

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मानसून से काफी पहले डेंगू के मामले सामने आने के बाद साउथ एमसीडी कमिश्नर पुनीत कुमार गोयल ने एडवाइजरी जारी की है. सोमवार को कमिश्नर पुनीत गोयल ने स्रोत पर ही मच्छरों के प्रजनन को रोकने पर बल दिया. उन्होंने कहा कि इन बीमारियों के एहतियात और नियंत्रण के लिए प्रजनन में काफी कमी लाना ही कारगर कदम है.

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aajtak.in
राम कृष्ण/ रवीश पाल सिंह नई दिल्ली, 10 April 2018
डेंगू की रोकथाम के लिए साउथ एमसीडी ने कसी कमर फाइल फोटो

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मानसून से काफी पहले डेंगू के मामले सामने आने के बाद साउथ एमसीडी कमिश्नर पुनीत कुमार गोयल ने एडवाइजरी जारी की है. सोमवार को कमिश्नर पुनीत गोयल ने स्रोत पर ही मच्छरों के प्रजनन को रोकने पर बल दिया. उन्होंने कहा कि इन बीमारियों के एहतियात और नियंत्रण के लिए प्रजनन में काफी कमी लाना ही कारगर कदम है.

कमिश्नर गोयल ने बताया कि मच्छरों का प्रजनन डेजर्ट कूलर, बिना ढके पानी के भंडार, बर्तनों और पुराने टायरों में पानी जमा होने के कारण होता है. अमूमन बारिश के मौसम में इसकी संभावना बढ़ जाती है, लेकिन गर्मियों में डेंगू के मामलों का सामने आना गम्भीर है. गोयल ने कहा कि पिछले साल चिकनगुनिया के मामले बहुत बढ़ गए थे, इसलिए शुरुआत से ही एहतियाती उपाय किए जाने की जरूरत है.

पुनीत गोयल ने स्कूलों, कॉलेजों और कार्यालयों में भी मच्छरों के प्रजनन पर विशेष ध्यान दिए जाने की सलाह दी. साथ ही शिक्षा संस्थाओं के अलावा कार्यालयों के विभागाध्यक्षों से मच्छरों के प्रजनन पर नियंत्रण करने में सहयोग देने की अपील की. कमिश्नर पुनीत गोयल ने सभी शिक्षण संस्थाओं और कार्यालयों के विभागाध्यक्षों को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि छत पर या अन्य जगहों रखी पानी की टंकियों को ढक कर रखें, अपने घरों और कार्यालयों में आस-पास पानी जमा न होने दें, कूलर को सप्ताह में एक बार अवश्य साफ करें और दोबारा पानी भरने से पहले सुखा लें. जिन कूलरों को साफ नहीं किया जा सकता हो, उनमें टेमिफास ग्रेन्यूल्ज़/पेट्रोल डालें. खाली व बेकार टूटी बोतलें, कप, गमले औरटायर खुले में न छोड़ें. जल जमाव वाले स्थलों पर केरोसिन या पेट्रोल या फिर डीजल डाल दें, ताकि मच्छर पैदा न हो सकें. पानी को बेकार बहने न दें और प्रजनन की जांच करने से एमसीडी की टीम को मना न करें.

इसके अलावा कमिश्नर पुनीत कुमार गोयल ने सलाह दी कि वो राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केन्द्र (एनसीडीसी) द्वारा डिजाइन किए गए कूलर ही खरीदें, क्योंकि इनमें मच्छरों का प्रजनन नहीं होता. कमिश्नर ने चेतावनी देते हुए कहा कि DMC एक्ट 1975 के मुताबिक मलेरिया और अन्य मच्छरजनित बीमारियों के एहतियाती उपाय नहीं करने पर 500 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. कमिश्नर ने केन्द्र और राज्य सरकार के सभी कार्यालयों, सीपीडब्ल्यूडी, पीडब्ल्यूडी, डीडीए, दिल्ली पुलिस, दिल्ली जल बोर्ड, डीएमआरसी को डेंगू और अन्य वर्षाजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए एडवाइजरी भेजी है.

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