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अंधेरे में जीने को मजबूर साउथ दिल्ली के बाशिंदे

बीएसईएस के अस्थाई कर्मचारी सैलरी बढ़ाने और सेवा सुविधा मुहैया कराने की मांग लंबे समय से कर रहे थे, लेकिन उनकी मांग नहीं सुनी गई.
अंधेरे में जीने को मजबूर साउथ दिल्ली के बाशिंदे दिल्ली के कई इलाकों में बिजली नहीं
रोशनी ठोकने [Edited By: लव रघुवंशी]नई दिल्ली, 21 July 2016

पिछले दिनों हुई झमाझम बारिश के बाद दिल्ली में उमस और गर्मी का दौर लौट आया और मौसम की इस मार पर बीएसईएस के अस्थाई कर्मचारियों की हड़ताल ने साउथ दिल्ली के बाशिंदों को अंधेरे में जीने को मजबूर कर दिया है. दरअसल राजधानी दिल्ली में BSES कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के बाद साउथ दिल्ली के कई इलाकों में बिजली गुल है.

बीएसईएस के अस्थाई कर्मचारी सैलरी बढ़ाने और सेवा सुविधा मुहैया कराने की मांग लंबे समय से कर रहे थे, लेकिन उनकी मांग नहीं सुनी गई. लिहाजा कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं. कर्मचारियों की इस हड़ताल की वजह से दिल्ली वालों को ब्लैक आउट झेलना पड़ रहा है. बेहाल कर देने वाली इस गर्मी में लोगों को अब हाथ के पंखे का ही सहारा है.

लोगों का हाल बुरा
साउथ दिल्ली के देवली इलाके में बुधवार को पूरे दिन बत्ती गुल रही. गुरुवार को भी बमुश्किल 2-4 घंटे की बिजली नसीब हुई और उसके बाद से ही बिजली ऐसी कटी कि अब इंतजार करने के अलावा स्थानीय निवासियों के पास कोई चारा नहीं. क्या बच्चे, क्या बुजुर्ग और क्या महिलाएं, लाइट नहीं होने की वजह से उमस के इस मौसम में सभी बेहाल हैं. हालात ये हैं कि घर में बिजली कटौती ने लोगों को पसीने से तर-बतर होने को मजबूर कर दिया है.

कई इलाकों का बुरा हाल
ये हाल सिर्फ साउथ दिल्ली के देवली इलाके का नहीं बल्कि कालका जी, तुगलकाबाद, संगम विहार जैसे कई और इलाकों का भी है. संगम विहार के एच ब्लॉक में तो हाल और भी बुरा है. पिछले तीन दिनों से यहां के निवासी बिजली का इंतजार कर रहे हैं. लेकिन बिजली आए तो भी कैसे, क्योंकि जिन लोगों पर बिजली घरों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी है वो तो कर्मचारी तो हड़ताल पर हैं. दो-तीन दिनों से लाइट ना होने की वजह से घर में पानी की समस्या भी हो गई है.

जिद्द पर अड़े कर्मचारी
अपनी मांगो को लेकर हड़ताल पर बैठे अस्थायी कर्मचारियों में लाइन मैन से लेकर मीटर रीडिंग करने वाले तक सभी कर्मचारी शामिल हैं, जिन इलाकों में पावर ट्रिप होने की वजह से बिजली गुल हो रही है या कोई तकनीकि खराबी सामने आ रही है, उसे दुरुस्त करने का काम भी इन्हीं कर्मचारियों का है, लेकिन हड़ताल पर होने की वजह से ये कर्मचारी अब दिल्ली वालों की किसी शिकायत को नहीं सुन रहे हैं. और काम पर तब तक नहीं लौटेंगे जब तक इनकी सैलरी बढ़ाकर इन्हें सुविधाएं मुहैया नहीं कराई जाती.

'सरकार नहीं समझ रही हमारी परेशानी'
अस्थायी कर्मचारी नवल ने 'आज तक' से बातचीत में कहा कि हम नहीं बिजली काट रहे, लेकिन हां अगर कहीं गड़बड़ हो रही है तो हम सुधार काम नहीं कर रहे. हमें दिल्ली वालों को परेशान नहीं करना है, लेकिन हमारी समस्या भी तो सरकार समझे, बीएसईएस प्रशासन को कई बार चिट्ठी लिखी लेकिन वो हमारी मांगे नहीं मान रहे हैं.

बहरहाल जिन इलाकों में कोई तकनीकि खराबी आ रही है, वहां बिजली की दिक्कत सबसे ज्यादा है. लेकिन दिल्ली वालों को इस हड़ताल के बारे में जानकारी नहीं है इसलिए पावर कट होने पर वो लगातार बिजली विभाग को फोन कर रहे हैं, और उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होने पर उनका गुस्सा बढ़ता जा रहा है.

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