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जानें क्या हुआ जब सबके सामने अनुपम खेर ने उतार दी सूट और टाई...

पुणे में हो रहे एक कार्यक्रम में अनुपम खेर अचानक अपनी टाई और सूट उतारने लगे. लोग उन्हें इस तरह देखकर हैरान हो गए. पढ़ें पूरी खबर, आख‍िर क्यों अनुपम खेर को उतारनी पड़ी किसी कार्यक्रम में अपनी टाई और सूट...

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aajtak.in
पंकज खेलकर पुणे , 30 October 2017
जानें क्या हुआ जब सबके सामने अनुपम खेर ने उतार दी सूट और टाई... अनुपम खेर

पुणे में हो रहे एक कार्यक्रम में अनुपम खेर अचानक अपनी टाई और सूट उतारने लगे. लोग उन्हें इस तरह देखकर हैरान रह गए. दरअसल, अनुपम खेर प्रमोद महाजन स्मृति पुरस्कार समारोह में हिस्सा लेने आए थे, जिसे प्रख्यात समाजसेविका मेधा विश्राम कुलकर्णी की ओर से आयोजित किया गया था.

दरअसल, महाराष्ट्र के पुणे में आयोजित होने वाले इस समारोह को मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से निजात दिलाने वाली सायरा बानो को उनके काबिल-ए-तारीफ कारनामे के लिए स्व. प्रमोद महाजन स्मृति सम्मान से नवाजने के लिए आयोजित किया गया था.

सायरा बानो के अलावा सिने अभिनेता और एफटीआईआई यानी फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अनुपम खेर भी इस सम्मान से नवाजे गए. समारोह में जब अनुपम खेर को स्टेज पर बुलाया गया तो वह भाषण शुरू करने से पहले अपना सूट उतारने लगे.

राहुल की तरह मोड़ीं बाहें

ये देखकर लोग हैरान हो गए. अनुपम खेर यहीं नहीं रुके, उन्होंने अपनी टाई और कोट उतारकर स्टेज के बीचो बीच फर्श पर रख दिया और राहुल की तरह अपनी शर्ट की दोनों बाहें मोड़ ली. राहुल पर व्यंग्य कसते हुए और चुटकी लेते हुए अनुपम खेर ने ये भी कह डाला कि अब बाहें मोड़ने का कोई सिम्बॉलिक मतलब नहीं है.

हास्य व्यंग से भरा रोचक रहा भाषण

अनुपम खेर ने आगे 34 मिनट भाषण दिया, लेकिन एक पल भी किसी को अपने सीट से उठने का मौका नहीं दिया. भाषण भी देते और चुटकी भी लेते. भाषण की मोनोटोनी तोड़ने के लिए वह दर्शकों के बीच भी गए. दर्शकों के बीच बैठी एक महिला को नींद आते देख, अनुपम खेर उस महिला को पानी से भरी बोतल दे आए. 

प्रमोद महाजन को किया याद

भाषण में खेर ने प्रमोद महाजन के गुणों की  प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रमोद महाजन को इंसान की बहुत अच्छी परख थी. किसके साथ कितना वक्त गुजारना है, किसे क्या चाहिए, किसे क्या तकलीफ है, वे जल्दी पहचान जाते थे. ये उनकी एक बड़ी खासियत थी.  मुझे यह सम्मान मिलना सौभाग्य की बात है

सायरा बानो की प्रशंसा

अनुपम खेर ने सायरा बानो की हिम्मत और क्षमता की तारीफ करते हुए कहा कि सायरा बानो ने जो तीन तलाक को खत्म करने के लिए  संघर्ष किया है, वह असामान्य है. उनके इस कदम से देश की हर मां, हर औरत को इज्जत मिली है. उनका हक मिला है. इतना बड़ा कदम उठाकर सायरा बानो ने देश  बदल दिया है. 

जीवन की घटनाओं से सीखा

अनुपम खेर ने  कहा कि उन्होंने अपने जीवन की घटनाओं से काफी कुछ सीखा है. 25 साल की उम्र में मुंबई पहुंचने के बाद काम की तलाश में 3 साल तक सड़कों की खाक छानी. 27 दिनों तक बांद्रा ईस्ट के रेलवे प्लेटफॉर्म पर रहा और पुलिस के डंडे भी खाए. लेकिन हार नहीं माना. फिर, महेश भट्ट ने सारांश फिल्म में 65 साल के बुजुर्ग का अभ‍िनय दिया. तब मैं 28 साल का था. अनुपम ने कहा कि इस तरह अभ‍िनय का सफर शुरू हो गया और आजतक मैंने 508‍ फिल्में की हैं.

राष्ट्रगान पर खड़े होने को लेकर विवाद पर बरसे

खेर ने उनके जन्म का नाता देश की आजादी से जोड़ते हुए कहा  कि आजाद भारत उनसे सिर्फ 8 साल बड़ा है. इसीलिए छोटा भाई होने के नाते उनका फर्ज है कि वह बड़े भाई की रक्षा करते रहें. अनुपम खेर ने राष्ट्रगान के प्रति आदर के 52 सेकंड खड़े होने की बजाय राष्ट्रवाद थोपे जाने के आरोप पर कहा कि जब होटल में खाना खाने के लिए कतार में खड़े होने को कहा जाता है, तो बिना कुछ कहे 10-15 मिनट चुप चाप खड़े हो जाते हैं लोग, जब सिनेमा टिकट की लाइन में खड़े होना पड़ता है तो पंद्रह बीस मिनट खड़े हो जाते हैं, लेकिन देश के प्रति आदर दिखाने के लिए 52 सेकंड खड़ा होना उन्हें देशभक्त‍ि थोपना लगता है.

बीजेपी की गिनाई खूबियां

 बीजेपी सरकार के 3 साल पुरे होने पर अनुपम खेर ने कहा कि देश के कुछ लोगों को देश में कुछ अच्छा नजर नहीं आता. इसलिए ऐसे लोग सोच रहे हैं कि तीन वर्षों से कुछ गलत क्यों नहीं  हो रहा, रिश्वत का कोई मामला क्यों नहीं है. ऐसे लोग आरोप नहीं लगा पा रहे हैं इसलिए परेशान हो रहे हैं.

 

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