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दिल्ली को प्रदूषण से बचाने आई एंटी स्मॉग गन

इस तकनीक का इस्तेमाल चीन ने बीजिंग में वायु प्रदूषण को खत्म करने के लिए किया था. भारत में ऐसा पहली बार होगा जब हवा में घुले जहरीले कणों को खत्म करने के लिए राजधानी दिल्ली में एंटी स्मॉग गन का इस्तेमाल किया जाएगा.

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aajtak.in
आशुतोष मिश्रा नई दिल्ली, 20 December 2017
दिल्ली को प्रदूषण से बचाने आई एंटी स्मॉग गन एंटी स्मॉग गन

दिल्ली एनसीआर के साथ-साथ उत्तर भारत के तकरीबन सभी इलाके वायु प्रदूषण की चपेट में हैं. हवा में घुला जहर राजधानी की हवा को दूषित कर चुका है. सरकार की तमाम कोशिशें प्रदूषण को रोकने में फिलहाल नाकाफी लग रही हैं. दिल्ली में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए अब केजरीवाल सरकार पहली बार एंटी स्मॉग गन का इस्तेमाल करने की तैयारी कर रही है.

इस तकनीक का इस्तेमाल चीन ने बीजिंग में वायु प्रदूषण को खत्म करने के लिए किया था. भारत में ऐसा पहली बार होगा जब हवा में घुले जहरीले कणों को खत्म करने के लिए राजधानी दिल्ली में एंटी स्मॉग गन का इस्तेमाल किया जाएगा. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन एंटी स्मॉग गन का ट्रायल दिल्ली सचिवालय पर देख चुके हैं. कल दिल्ली के आनंद विहार इलाके में पहली बार एंटी स्मॉग गन का व्यापक स्तर पर ट्रायल किया जाएगा.

हजारों लीटर पानी के टैंक से जुड़ा स्मॉग गन हवा में पानी की बेहद महीन बौछार करेगा जिससे हवा में गिरे जहरीले कर और धूल के कण जो प्रदूषण को बढ़ाते हैं वह नमी के साथ गिर कर नीचे बैठ जाएंगे. एंटी स्मॉग गन से निकली बौछारें काफी ऊपर तक जाती हैं. केजरीवाल सरकार के सूत्रों का कहना है कि अगर एंटी स्मॉग गन का ट्रायल सफल होता है तो राजधानी में इस मशीन से व्यापक स्तर पर छिड़काव किया जाएगा.

दिल्ली सरकार ने एंटी स्मॉग गन के ट्रायल के लिए दिल्ली के आनंद विहार इलाके को चुना है जो कि उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से सटा हुआ है. आनंद विहार एनसीआर के सबसे ज्यादा प्रदूषित इलाकों में से एक है क्योंकि यह दिल्ली और उत्तर प्रदेश की सीमा पर है. ऐसे में आनंद विहार की हवा में एंटी स्मॉग गन का ट्रायल अगर सफल होता है तो दिल्ली सरकार को राजधानी में प्रदूषण से निपटने के लिए एक बड़ा औजार मिल जाएगा. चीन ने बीजिंग में भी एंटी स्मॉग गन का इस्तेमाल करके वायु प्रदूषण पर नियंत्रण पाया था.

भारत में अब तक एंटी स्मॉग गन का इस्तेमाल पहले नहीं हुआ है. केजरीवाल सरकार से पहले दिल्ली में प्रदूषण का स्तर सभी सीमाएं पार करने के दौरान हेलीकॉप्टर के जरिए छिड़काव करने की तैयारी कर रही थी. केंद्र सरकार और तमाम केंद्रीय एजेंसियों के साथ बातचीत और रास्ता निकालने के बीच आई पेचीदगियों ने उस पूरे कार्यक्रम पर पानी फेर दिया. ऐसे में केजरीवाल सरकार को एंटी स्मॉग गन से बहुत उम्मीदें हैं. राजधानी के कई इलाकों में सड़क के अलावा दूसरे निर्माण कार्य जोरों पर है. ऐसे में अगर आनंद विहार में एंटी स्मॉग गन का परीक्षण कामयाब रहता है तो इस भारी भरकम मशीन को उन तमाम इलाकों में इस्तेमाल किया जा सकता है जहां निर्माण कार्य हो रहे हैं और उसे उड़ने वाली धूल राजधानी की हवा को प्रदूषित कर रही है. आनंद विहार में कल सुबह जब एंटी स्मॉग गन का परीक्षण किया जाएगा उस समय भी दिल्ली के पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन और प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहेंगे.

एंटी स्मॉग गन के परीक्षण से पहले आनंद विहार की हवा में प्रदूषण का स्तर मापा जायेगा और मशीन के इस्तेमाल के बाद भी प्रदूषण का डाटा लिया जाएगा जिससे सरकार को यह जानने में मदद मिलेगी कि आखिर एंटी स्मॉग गन दिल्ली के लिए कितना कारगर हो सकती है.

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