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1984 दंगे: CBI और दिल्ली के पूर्व विधायक को नोटिस

दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) तथा हत्या के आरोप से दोषमुक्त करार दिए गए दो व्यक्तियों को नोटिस जारी किया.

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aajtak.in
आईएएनएस [Edited By: मलखान सिंह]नई दिल्ली, 09 July 2013
1984 दंगे: CBI और दिल्ली के पूर्व विधायक को नोटिस सिख विरोधी दंगा

दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) तथा हत्या के आरोप से दोषमुक्त करार दिए गए दो व्यक्तियों को नोटिस जारी किया.

न्यायाधीश जी. एस. सिस्तानी एवं न्यायाधीश जी. पी. मित्तल की पीठ ने दंगा पीड़ितों के दो रिश्तेदारों जगदीश कौर तथा निरप्रीत कौर की याचिका पर सीबीआई से 27 अगस्त तक जवाब देने के लिए कहा है.

दोनों महिला याचिकाकर्ताओं ने अपनी याचिका में निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी है, जिसमें दिल्ली के पूर्व विधायक महेंदर यादव और किशन खोक्कर को हत्या के आरोप से बरी कर दिया गया है, दंगा फैलाने के जुर्म में उन्हें तीन वर्ष के कैद की सजा सुनाई गई है.

पीड़ितों के परिवारों द्वारा दाखिल एक अन्य याचिका पर न्यायालय की पीठ ने सीबीआई को नोटिस जारी किया. इस याचिका में दंगे में हत्या के अपराध में उम्रकैद की सजा पाए अन्य आरोपियों, बलवन खोक्कर, गिरधारी लाल एवं कैप्टेन भागमल की सजा को बढ़ाकर मृत्युदंड किए जाने की मांग की गई है.

न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई में निचली अदालत के दस्तावेजों की भी मांग की है. 1984 सिख विरोधी दंगे मामले में निचली अदालत ने 30 अप्रैल को कांग्रेस नेता एवं बाहरी दिल्ली से पूर्व लोकसभा सदस्य सज्जन कुमार को बरी कर दिया था, जबकि पांच अन्य आरोपियों को सजा सुनाई थी.

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