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झीरम घाटी नक्सल हमला: NIA की जांच से नाराज कांग्रेस ने की SIT जांच की मांग

छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में साल 2013 में झीरम घाटी में नक्सली हमला हुआ था. जिसमें कांग्रेस के बड़े नेताओं के साथ 27 लोगों की मौत हो गई थी. इस मामले की जांच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 27 मई 2013 को एनआईए को सौंप दी थी.

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aajtak.in
जितेंद्र बहादुर सिंह नई दिल्ली, 26 September 2019
झीरम घाटी नक्सल हमला: NIA की जांच से नाराज कांग्रेस ने की SIT जांच की मांग छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (फाइल फोटो)

  • राज्य की कांग्रेस सरकार ने गृह मंत्रालय को लिखी चिट्ठी
  • चार्जशीट में कई नक्सलियों को शामिल नहीं करने का आरोप

छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने 2013 में झीरम घाटी में हुए नक्सली हमले की जांच को लेकर सवाल उठाते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय को चिट्ठी लिखी है. राज्य सरकार ने चिट्ठी में केंद्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की जांच में 10 खामियां गिनाते हुए केस की जांच स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) से कराने की बात कही है. राज्य सरकार ने लिखा है कि इस पूरे मामले की जांच अब राज्य सरकार की एसआईटी के द्वारा कराई जाएगी इसलिए इस केस को उन्हें ट्रांसफर किया जाए.

दरअसल, छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में साल 2013 में झीरम घाटी में नक्सली हमला हुआ था. जिसमें कांग्रेस के बड़े नेताओं के साथ 27 लोगों की मौत हो गई थी. इस मामले की जांच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 27 मई 2013 को एनआईए को सौंप दी थी. एनआईए ने अपनी जांच में 88 नक्सलियों के कैडर को संलिप्त पाया था और 24 सितंबर 2014 को चार्जशीट दाखिल की थी. लेकिन अब एनआईए की इस जांच को लेकर छत्तीसगढ़ की राज्य सरकार ने सवाल खड़े किए हैं.

एसआईटी करेगी मामले की जांच

छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से गृह मंत्रालय को भेजी गई चिट्ठी में कहा गया है कि इस पूरे मामले में जो एनआईए की जांच हुई है उसमें बड़े षंडयंत्र को नजरंदाज किया गया और एनआईए सही तरीके से मामले की जांच करने में विफल रही है. यही वजह है कि राज्य सरकार ने केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला को चिट्ठी लिखते हुए कहा कि इस पूरे मामले की जांच अब राज्य सरकार एसआईटी बनाकर करेगी.

एनआईए पर ठीक से जांच ना करने का आरोप

राज्य सरकार ने अपनी चिट्ठी में कहा कि एनआईए ने अपनी जांच में 88 नक्सलियों को इस मामले में संलिप्त पाया था. 24 सितंबर 2014 को इस पूरे मामले में चार्जशीट दाखिल की गई. इसमें 9 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई. उसके बाद 28 सितंबर 2015 को सप्लीमेंट्री चार्जशीट 30 लोगों के खिलाफ दाखिल की गई. राज्य सरकार ने अपने पत्र में कहा है कि एनआईए ने अपनी इंवेस्टिगेशन में किसी दूसरी थ्योरी पर काम नहीं किया.

बड़े नक्सल कमांडरों के शामिल होने की आशंका

राज्य सरकार ने गृह मंत्रालय को लिखी चिट्ठी ने यह भी कहा है कि रमन्ना, गुडसा उसेंडी, गजराला अशोक और दूसरे नक्सलियों के बारे में बाद में कई सबूत मिले कि इनका भी हाथ इस पूरे हमले में हो सकता है. लेकिन इसके बावजूद भी इनको किसी भी चार्जशीट में NIA ने शामिल नहीं किया. राज्य सरकार का मानना है कि इस हमले में बड़े-बड़े नक्सल कमांडर शामिल हो सकते हैं, इसलिए राज्य सरकार द्वारा इस मामले की जांच होनी चाहिए.

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