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छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़े पैमाने पर ठगी

प्रशासन ने हैरत जाहिर की है कि प्रधानमंत्री आवास योजना भी धोखाधड़ी का जरिया कैसे बन गई. हालांकि जिला प्रशासन ने आरंग ब्लॉक के आधा दर्जन सरपंचों के खिलाफ पुलिस में ठगी की शिकायत दर्ज कराई है.

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aajtak.in
सुनील नामदेव रायपुर, 11 November 2017
छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़े पैमाने पर ठगी  प्रतीकात्मक तस्वीर

छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर करोड़ों रुपयों की ठगी का मामला सामने आया है. ठगी की वारदातों को अपराधियों ने नहीं बल्कि सैकड़ो गांवों के सरपंचों ने अंजाम दिया है. रायपुर में दर्जनों सरपंच ठगी के इस मामले में घिर गए हैं. प्रशासन ने हैरत जाहिर की है कि प्रधानमंत्री आवास योजना भी धोखाधड़ी का जरिया कैसे बन गई. हालांकि जिला प्रशासन ने आरंग ब्लॉक के आधा दर्जन सरपंचों के खिलाफ पुलिस में ठगी की शिकायत दर्ज कराई है.

पहला मामला अमोदी गांव के सरपंच पुनीत राम साहू के खिलाफ दर्ज हुआ है, जबकि दूसरा मामला तिल्दा ग्राम पंचायत के सरपंच के खिला दरअसल प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निम्न आय वर्ग के बेघर लोगों को मकान आवंटित होता है. सरपंचों ने अपने अधिकारों और प्रभाव का उपयोग करते हुए ऐसे लोगों को मकान आवंटित कर दिया, जिनके पास पहले से ही अपने मकान हैं. इसके एवज में प्रत्येक व्यक्ति से 50 हजार रुपये लिए गए और तो और पुराने मकानों को नया बता कर उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के दायरे में ला कर मकान मालिकों से 15 से 25 हजार रुपये तक वसूल लिए गए. यह निर्माण सिर्फ कागजों में दर्ज किया गया.

आरंग के अमोदी गांव में इस तरह की शिकायत मिलने के बाद जिला पंचायत के सीईओ नीलेश कुमार ने जांच कराई. यह जांच सत्य पाई गई. इसके बाद आरंग थाने में सरपंच के खिलाफ ठगी की FIR दर्ज कराई गई. इस मामले के सामने आने के बाद तिल्दा ग्राम पंचायत में भी सैकड़ों लोगों के साथ इसी तरह की ठगी सामने आई. यहां भी सरपंच के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया गया.

रायपुर में जिस तरह से प्रधानमंत्री आवास योजना में गड़बड़ी उजागर हुई है, ठीक वैसी ही गड़बड़ी राज्य के दर्जन भर जिलों में हुई है. बताया जाता है कि सरपंचों ने पंचायतों के बाबुओं से साठगांठ कर कागजों में ही प्रधानमंत्री आवास तैयार कर लिए और पहले तो सरकार को चूना लगाया फिर ग्रामीणों को. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 50 हजार रुपये की रकम निर्माण कार्य की मद में दर्ज कराई गई. फिर जिस व्यक्ति को यह मकान आवंटित किया जाना बताया गया, उस व्यक्ति से भी मुंहमांगी कीमत वसूल की गई. दोहरे ठगी के इस मामले से प्रशासन हैरत में है. जिला पंचायत रायपुर के एडिशनल सीईओ हरिशंकर चौहान ने बताया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर सैकड़ों शिकायतें मिली हैं. उनका परिक्षण करा कर FIR दर्ज करने के निर्देश दिए जा रहे हैं. फिलहाल मामले के खुलासे के बाद ऐसे सरपंचों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए गए है. 

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