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छत्तीसगढ़: CM बघेल ने PM को लिखा पत्र, मनरेगा के मजदूरों के लिए मांगे 1016 करोड़

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी (मनरेगा) के तहत मजदूरों के लिए 1016 करोड़ रुपये मांगा है. सीएम ने अपने पत्र में मनरेगा मजदूरों को तीन महीने के लिए हर माह एक-एक हजार देने की मांग की है.

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aajtak.in
aajtak.in नई दिल्ली, 03 April 2020
छत्तीसगढ़: CM बघेल ने PM को लिखा पत्र, मनरेगा के मजदूरों के लिए मांगे 1016 करोड़ छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल

  • मनरेगा मजदूरों के लिए CM ने पीएम मोदी को लिखा पत्र
  • भूपेश बघेल ने केंद्र से मांगे मनरेगा के 1016 करोड़ रुपये

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी (मनरेगा) के तहत मजदूरों के लिए 1016 करोड़ रुपये मांगा है. सीएम ने अपने पत्र में मनरेगा मजदूरों को तीन महीने के लिए हर माह एक-एक हजार देने की मांग की है. इसके अलावा अलग जन धन खाता धारकों को हर माह 750 रुपए देने की मांग की है, जिससे लॉकडाउन के दौरान इन परिवारों को कोई दिक्कत न हो.

सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 21 मार्च से कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन किया गया है. इससे राज्य में कोरोना पीड़ितों की संख्या सीमित रखने में सहायता मिली है. ग्रामीण लोगों की जीविका का मनरेगा ही एक प्रमुख जरिया है. राज्य में करीब 66 लाख लोग मनरेगा के जरिए रोजगार प्राप्त करते हैं. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के चलते इन लोगों की जीविका का संकट है. ऐसे में केंद्र सरकार मनरेगा के मजदूरों के भुगतान के 1016 करोड़ रुपये जारी करे ताकि मजदूरों को भुगतान किया जाए सके.

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इससे पहले भी पीएम को एक पत्र लिखा था, जिनमें लॉकडाउन और कोरोना वायरस के लिए छत्तीसगढ़ में किए जा रहे कार्यों की जानकारी पीएम मोदी को दी थी. साथ ही सीएम बघेल ने केंद्र सरकार से मनरेगा मजदूरों, असंगठित कामगारों, जन-धन खातों और संगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए राहत पैकेज देने का अनुरोध किया है ताकी उन्हें इस मुश्किल घड़ी में आर्थिक सहायता मिल सके.

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने पत्र में कहा है कि 26 मार्च को केन्द्रीय वित्तमंत्री द्वारा लोगों को सहायता पहुंचाने के लिए की गई घोषणाएं सराहनीय थी, जिसमें समाज के बड़े तबके को राहत मिली है. लेकिन समाज का एक बड़ा वर्ग उन घोषणाओं से लाभ प्राप्त करने में अभी भी वंचित है. विशेष तौर पर मनरेगा योजना के तहत आने वाले भूमिहीन मजदूर तथा असंगठित क्षेत्र के कामगार, वर्तमान परिस्थितियों में इनका जीवन-यापन दूभर होना तय है.

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सीएम भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार के सामने मनरेगा और असंगठित क्षेत्र के कामगारों को अगले तीन महीने तक प्रतिमाह एक हजार की राशि उनके खातों में देने की सलाह दी है. साथ ही सभी जन-धन खाता धारकों को 750 रूपए प्रतिमाह की राशि आगामी 3 माह तक उनके खातों में देने की मांग भी केंद्र सरकार के सामने रखी है. कामगारों जिन्हें 15 हजार से कम राशि मिलती हो, उनके भविष्य निधि की पूरी राशि केंद्र द्वारा वहन करने और उसमें किसी भी तरह की पूर्व शर्त नहीं रखने का अनुरोध किया है.

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