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दीन बचाओ के नाम पर दिनभर मोदी को कोसा, शाम को मिला MLC टिकट

मुस्लिम उलेमाओं ने सांप्रदायिकता के नाम पर जमकर पीएम मोदी को कोसा और मुसलमानों की समस्या के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया. कार्यक्रम का तंबू उखड़ा भी नहीं था कि कार्यक्रम के संयोजक रहे खालिद अनवर उसी बीजेपी के सहयोगी दल जेडीयू की गोद में जाकर बैठ गए.
दीन बचाओ के नाम पर दिनभर मोदी को कोसा, शाम को मिला MLC टिकट पटना के गांधी मैदान में मुस्लिम समाज
कुबूल अहमदनई दिल्ली, 16 April 2018

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और इमारत ए शरिया ने रविवार को 'दीन बचाओ देश बचाओ' के नाम पर लाखों मुसलमानों को पटना के गांधी मैदान में एकजुट किया. मुस्लिम उलेमाओं ने सांप्रदायिकता के नाम पर जमकर पीएम मोदी को कोसा और मुसलमानों की समस्या के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया. कार्यक्रम का तंबू उखड़ा भी नहीं था कि कार्यक्रम के संयोजक रहे खालिद अनवर उसी बीजेपी के सहयोगी दल जेडीयू की गोद में जाकर बैठ गए. नीतीश कुमार ने खालिद अनवर को एमएलसी के तोहफे से नवाजा. इससे एक बार फिर साबित हुआ कि कौम-मिल्लत के नाम मुस्लिम आवाम अपने उलेमाओं के हाथ फिर शिकार बनी.

उलेमा की चांदी, अवाम की हालत खराब

देश का मुसलमान बार-बार अपने उलेमाओं के हाथ ठगा जाता रहा है. जज्बाती नारे देने वाले उलमा मुसलमानों की भीड़ एकट्ठा करते और फिर किसी न किसी राजनीतिक दलों के साथ सांठगांठ करके बैठ जाते हैं. ये सिलसिला आजादी के बाद से जारी है. शाहबानो के नाम पर आवाज उठाने वाले सांसद और मंत्री बने. लेकिन मुसलमानों की हालत जस की तस बनी रही. लेकिन मुसलमानों के नाम पर ठेकेदारी करने वाले दिन दूनी-रात चौगनी तरक्की करते गए. बीजेपी और मोदी के खिलाफ जहर उगलकर मुसलमानों की तालियां बटोरने का सिलसिला उलेमाओं द्वारा फिर शुरू हो गया है.

खालिद अनवर कार्यक्रम के कन्वेनर

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना वली रहमानी केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ देश भर में दीन बचाओ देश बचाओ कार्यक्रम लगातार कर रहे हैं. इसी कड़ी में बिहार में रविवार को बड़ा कार्यक्रम किया गया. बता दें कि इस कार्यक्रम का बिहार कन्वेनर की जिम्मेदारी खालिद अनवर को दी गई थी. जबकि खालिद अनवर लंबे समय से दिल्ली में रह रहे हैं, बिहार की सियासत और मुसलमानों से उनका कोई नाता नहीं था. लेकिन वली रहमानी होने के नाते उन्हें जिम्मेदारी दी गई थी. जेडीयू के कई मुस्लिम नेताओं ने पर्दे के पीछे से इस कार्यक्रम की सफलता का तानाबाना बुनने का काम किया था.

इन मौलानाओं की भागीदारी

इमारत ए शरिया फुलवारी शरीफ के मौलाना अनिसुर रहमान कासमी, उपाध्यक्ष मौलाना सुहैल नदवी, मुफ्ती सनाउल होदा कासमी, मौलाना शिबली अलकासमी, मुफ्ती सोहराब नदवी, मौलाना ओबैदुल्लाह आजमी, मौलाना वाली रहमानी, जमियत अहले हदीस के अमीर मौलाना असगर इमाम मेंहदी सलफी जैसे उलेमाओं ने पूरा दिन पीएम मोदी को कोसा और बदली सांप्रदायिक घटनाओं के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया. इन उलेमाओं ने जेडीयू पर जुबान नहीं खोली. जबकि पिछले दिनों बिहार में कई सांप्रदायिक घटनाएं हुई हैं.

मोदी को कोसा

बोर्ड के महासचिव मौलाना वली रहमानी ने कहा था कि  हमने चार साल इंतजार किया और सोचा कि बीजेपी संविधान के तहत देश चलाना सीख लेगी. मुसलमानों के पर्सनल लॉ पर हमला किया जा रहा है. हमें अपने लोगों और देशवासियों को बताना पड़ रहा है कि देश के साथ-साथ इस्लाम पर भी खतरा है.

जेडीयू से डील

दीन बचाओ देश बचाओ के बारे में सीतामढ़ी के मो. रिजाज ने कहा कि बिहार में मुसलमान एकजुट हो रहे थे. उपचुनाव में मुस्लिमों की एकजुटता का नतीजा रहा कि बीजेपी को उपचुनाव में हार मिली. मुसलमानों के नाम पर अपना हित साधने वाले उलेमाओं ने बिहार के मुसलमानों की भीड़ को एकजुट करके एक एमएलसी सीट के लिए जेडीयू से डील कर ली.

नीतीश कुमार और बीजेपी दोनों मजबूत

दरभंगा से रहने वाले मो. राशिद ने कहा कि जनता दल यूनाइटेड की मिलीभगत से बिहार में साम्प्रदायिक ताकतों के खिलाफ मुसलमानों की एकजुटता में सेंध लगाने का काम किया है. मुसलमानों के बीच विभाजन होने से नीतीश कुमार और बीजेपी दोनों मजबूत होंगे. क्योंकि नीतीश कुमार के बीजेपी के साथ दोबारा जाने से मुस्लिम समाज बहुत नाराज है. इसी मद्देनजर उन्होंने कुछ उलेमाओं के जरिए खेल किया है.

अल्पसंख्यक तो नहीं बल्कि बहुसंख्यक जरूर एकजुट होगा

नवादा के रहने वाले आदिल रशीद बिहार में दीन बचाओ देश बचाओ रैली के माध्यम से साम्प्रदायिक ताकतों को मजबूत किया गया. इतनी बड़ी भीड़ को जोड़कर क्या संदेश दिया गया. बहुसंख्यक समाज को जरूर एकजुट होने का मौका फिर दे दिया. मुस्लिम उलेमाओं ने 2014 के चुनाव से पहले भी इसी तरह की कोशिशें की थी. फिर उसी तरह का खेल मुस्लिम उलेमाओं द्वारा किया जा रहा है.

जेडीयू का सपोर्ट

गौरतलब है कि बिहार में इमारत ए शरिया सबसे बड़ा मुस्लिम संगठन माना जाता है. इमारत ए शरिया और जेडीयू के रिश्ते जगजाहिर हैं. जेडीयू के नीतीश कुमार का आरजेडी से नाता तोड़कर बीजेपी संग दोबारा जाना बिहार के मुसलमानों को हजम नहीं हो रहा है. इसी के चलते मुसलमान आरजेडी के साथ जाता दिख रहा था. यही बात जेडीयू नेताओं के लिए परेशानी का सबब बनी हुई थी. ऐसे में दीन बचाओ देश बचाओ कार्यक्रम को जेडीयू ने पर्दे के पीछे से सपोर्ट करने की रणनीति बनाई. ये बात तब उस समय हकीकत साबित हुई जब कार्यक्रम के बाद ही नीतीश कुमार ने दीन बचाओ देश बचाओ के कन्वेनर खालिद अनवर को एमएलसी बनाने की घोषणा कर दी.

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