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लॉकडाउन पर पटना से ग्राउंड रिपोर्ट: कमाई घटी, कामकाजी लोगों की चिंता बढ़ी

मोहम्मद लुकमान पटना में रिक्शा चलाने का काम करते हैं. मगर लॉकडाउन लागू होने के बाद से ही उनके लिए मुसीबतों का पहाड़ खड़ा हो गया है. मोहम्मद लुकमान बताते हैं कि लॉकडाउन लागू होने से पहले रोजाना 200 से 300 रुपये कमा लिया करते थे मगर अब कोई कमाई नहीं हो रही है.

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aajtak.in
रोहित कुमार सिंह पटना, 31 March 2020
लॉकडाउन पर पटना से ग्राउंड रिपोर्ट: कमाई घटी, कामकाजी लोगों की चिंता बढ़ी पटना में सब्जी बेचने वालों की कमाई में काफी कमी देखी जा रही है (फोटो-रोहित कुमार सिंह)

  • घर में बंद रहने को मजबूर हैं लोग
  • छात्रों की पढ़ाई-लिखाई पर असर
  • कामकाजी लोगों की कमाई घटी
  • फलों और सब्जियों के बढ़े दाम

राजधानी पटना में लॉकडाउन के सातवें दिन क्या है जनता का हाल ? यह जानने के लिए आजतक की टीम ने तीन तबके के लोगों से बातचीत की.

केस स्टडी 1: पटना हाईकोर्ट के वकील रविंद्र कुमार सिंह का परिवार

राजधानी पटना के राजीव नगर इलाके में रविंद्र कुमार सिंह का परिवार रहता है. रविंद्र कुमार सिंह पटना हाई कोर्ट में वकील हैं. मगर लॉकडाउन की वजह से वे अपने बीवी बच्चों के साथ पिछले 7 दिनों से घर में बंद हैं. रविंद्र कुमार सिंह का कहना है कि प्रधानमंत्री के आह्वान पर वे पूरी तरह से लॉकडाउन का पालन कर रहे हैं. हालांकि, इससे उन्हें काफी परेशानी भी हो रही है. उनका कहना है कि पटना हाईकोर्ट बंद है जिसकी वजह से उनकी आमदनी नहीं हो पा रही है.

रविंद्र कुमार सिंह की पत्नी बबीता सिंह का कहना है कि लॉकडाउन की वजह से फलों और सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं. इसकी वजह से परिवार को चलाने में मुश्किल आ रही है. रविंद्र कुमार सिंह की बेटी आर्ची का कहना है कि वह 11वीं क्लास में पढ़ती है. मगर फाइनल परीक्षा के बाद अब तक उसका रिपोर्ट कार्ड नहीं आया है और 12वीं में एडमिशन भी नहीं हुआ है. अगले साल आर्ची का बोर्ड एग्जाम है. वह काफी चिंतित है कि स्कूल काफी दिनों तक बंद रहेगा तो पढ़ाई का काफी नुकसान होगा और सिलेबस भी पूरा नहीं हो पाएगा.

केस स्टडी 2: फल दुकानदार विजय कुमार

विजय कुमार पटना के पॉश पाटलिपुत्र कॉलोनी इलाके में फल की दुकान चलाते हैं. विजय कुमार बताते हैं कि लॉकडाउन होने के बाद से ही मार्केट काफी ठंडा पड़ गया है. क्योंकि लोग अपने घरों से बाहर काफी कम संख्या में निकलते हैं और फलों की बिक्री भी नहीं हो रही है. विजय कुमार बताते हैं कि पिछले 10 दिनों में फलों के दाम काफी बढ़ गए हैं. संतरा जो 1 हफ्ते पहले 40 से 50 रुपए किलो मिलता था, उसका दाम बढ़कर 80 रुपये किलो हो गया है. सेब का दाम जो 1 हफ्ते पहले 80 से 100 रुपये किलो था, वह बढ़कर 150 रुपए किलो पहुंच गया है.

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विजय कुमार बताते हैं कि माल की सप्लाई हो नहीं पा रही है और अभी जो बाजार में फलों की बिक्री हो रही है वह कोल्ड स्टोरेज में रखा हुआ था. विजय कुमार बताते हैं कि लॉकडाउन से पहले वह रोजाना 15 से 20 हजार की बिक्री कर लिया करते थे मगर अब तो 4 से 5 हजार तक की ही बिक्री हो पा रही है. विजय कुमार ने कहा, “ट्रकों की आवाजाही काफी कम हो गई है जिसकी वजह से मांग नहीं आ रहा है और फलों की कीमतें आसमान छू रही हैं. हम लोगों की दुकानदारी बिल्कुल चौपट हो गई है.”

केस स्टडी 3: रिक्शावाला मोहम्मद लुकमान

मोहम्मद लुकमान पटना में रिक्शा चलाने का काम करते हैं. मगर लॉकडाउन लागू होने के बाद से ही उनके लिए मुसीबतों का पहाड़ खड़ा हो गया है. मोहम्मद लुकमान का 6 लोगों का परिवार है. परिवार में उसकी बीवी, तीन बेटे और एक बेटी है. मोहम्मद लुकमान बताते हैं कि लॉकडाउन लागू होने से पहले रोजाना 200 से 300 रुपये कमा लिया करते थे मगर अब कोई कमाई नहीं हो रही है. मोहम्मद लुकमान ने बताया कि उन्होंने पिछले 3 दिनों से कोई कमाई नहीं की है जिसकी वजह से उनके परिवार की भूख से मरने की नौबत आ गई है. लुकमान ने कहा, “रोजाना पहले 200 से 300 रुपये की कमाई हो जाया करती थी मगर पिछले 3 दिनों से एक रुपये की कमाई नहीं हुई है. आज मैं यह सोचकर सड़क पर निकला था कि कुछ लोग खाना बांटते हैं तो उनसे कुछ खाना मिल जाएगा तो अपने परिवार के लिए ले जाऊंगा. लॉकडाउन की वजह से हम लोगों को काफी मुश्किल हो गई है.”

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