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छुआछूत के शिकार हुए मुख्यमंत्री मांझी?

छुआछूत के शिकार हुए मुख्यमंत्री मांझी? मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की फाइल फोटो
कुमार अभिषेक [Edited By: दिगपाल सिंह] 29 September 2014

बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने खुलासा किया है कि हाल में उन्हें मुख्यमंत्री रहते हुए भी छुआछूत का शिकार होना पड़ा. उन्होंने बताया कि उन्हें छुआछूत का एहसास उस समय हुआ, जब एक मंदिर में पूजा के बाद लोगों ने मंदिर परिसर और मूर्ति को धो दिया. उस घर को भी धो दिया गया, जहां वो कुछ वक्त के लिए ठहरे थे.

मुख्यमंत्री मांझी ने रविवार पटना में एक कार्यक्रम के दौरान अपने साथ हुए वाकिये को बताया. उन्होंने कहा कि हाल ही हुए उपचुनाव के दौरान जब वे मधुबनी में चुनाव प्रचार के दौरान के एक मंदिर में गए जहां उन्होंने पूजा-अर्चना की, लेकिन बाद में पता चला कि मधुबनी के उस मंदिर को धो दिया गया, जहां उन्होंने पूजा की थी.

किसी मुख्यमंत्री के साथ हुई ये ऐसी घटना है जो आज भी सोचने को मजबूर कर देती है. मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने तथाकथित उच्चवर्गों के लोगों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उन लोगों को जब काम लेना होता है तो दलित मुख्यमंत्री के आगे दंडवंत होते वक्त नहीं गंवाते, पांव पर गिर जाते हैं. लेकिन अगर कोई दलित मुख्यमंत्री मंदिर में चला जाता है तो उसे तथाकथित रूप से पवित्र करने में जुट जाते हैं.

मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि ये घटना उनके ही मंत्रिमंडल में शामिल दूसरे दलित मंत्री ने उन्हे बताई तो हैरत में पड़ना लाजिमी था. जिस वक्त मुख्यमंत्री इस घटना का जिक्र कर रहे थे, उस वक्त उन्होंने मंदिर और उस शख्स के नाम का खुलासा नहीं किया, जिसने ये काम किया. लेकिन जिस तरह से जीतनराम मांझी ने इस मुद्दे को उठाया है वो आने वाले वक्त में एक बड़ा राजनीति विवाद का रूप ले सकता है.

उधर इस पर सियासत शुरू हो चुकी है बिहार के दूसरे दलित नेता चिराग पासवान ने कहा कि उन्हे नहीं लगता कि ऐसी घटना हुई होगी, लेकिन अगर ऐसी कोई घटना है तो इसे मुख्यमंत्री को भुनाना नहीं चाहिए.

बहरहाल मुख्यमंत्री ने अपने साथ हुए इस छुआछूत का मुद्दा उठाकर सियासत को गरमा दिया है, आने वाले दिनों में इस पर सियासत होना तय माना जा रहा है.

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