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रोजगार पैदा करने की चुनौती, नीतीश के मंत्री ने 24 कारोबारियों से की निवेश की अपील

बिहार के उद्योग मंत्री ने बताया है कि प्रदेश में फूड प्रॉसेसिंग, कृषि यंत्र के उत्पादन, ऊर्जा, कैमिकल, टेक्सटाइल, चमड़ा, सूचना एवं टेक्नोलॉजी और हेल्थ केयर में निवेश की काफी संभावना है.

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aajtak.in
रोहित कुमार सिंह पटना, 30 May 2020
रोजगार पैदा करने की चुनौती, नीतीश के मंत्री ने 24 कारोबारियों से की निवेश की अपील मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (फाइल फोटोः PTI)

  • श्याम रजक ने कहा- प्रदेश में निवेश की असीम संभावना
  • की यूनिट लगाने की अपील, कहा- सरकार करेगी सहयोग

कोरोना वायरस की महामारी के कारण जब देश में लॉकडाउन लागू हुआ, काम-धंधा बंद हो गया, तो बड़ी तादाद में प्रवासी मजदूरों के पलायन का सिलसिला शुरू हो गया. महानगरों का मोह त्याग कर कोई साइकिल से, तो कोई पैदल ही अपने गांव, अपने घर के लिए निकल पड़ा. बाद में रेलवे ने 52 लाख से अधिक मजदूरों को उनके गृह राज्य पहुंचाया. इसमें भी 80 फीसदी से अधिक मजदूर बिहार और उत्तर प्रदेश के हैं.

बड़ी तादाद में प्रदेश लौटे अपने मजदूरों को रोजगार देने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार जहां लगातार घोषणाएं कर रही है, वहीं अब बिहार की नीतीश सरकार भी सक्रिय हो गई है. प्रदेश के उद्योग मंत्री श्याम रजक ने देश के 24 उद्योगपतियों को पत्र लिखकर बिहार में निवेश करने, अपनी यूनिट्स लगाने की अपील की है. उद्योगपतियों को लिखे अपने पत्र में श्याम रजक ने कहा है कि बिहार में निवेश की असीम संभावनाएं हैं.

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बिहार के उद्योग मंत्री ने बताया है कि प्रदेश में फूड प्रॉसेसिंग, कृषि यंत्र के उत्पादन, ऊर्जा, कैमिकल, टेक्सटाइल, चमड़ा, सूचना एवं टेक्नोलॉजी और हेल्थ केयर में निवेश की काफी संभावना है. उन्होंने जिन उद्योगपतियों को बिहार में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया है, उनमें नेस्ले इंडिया लिमिटेड, फिनोलेक्स इंडस्ट्रीज लिमिटेड, खादिम्स इंडिया लिमिटेड, जीआरएम ओवरसीज लिमिटेड, हिंदुस्तान फूड्स लिमिटेड, रिलैक्सो फुटवियर लिमिटेड और बाटा इंडिया लिमिटेड के नाम प्रमुख हैं.

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श्याम रजक ने उद्योगपतियों को भरोसा दिलाया है कि निवेश की स्थिति में सरकार उनका पूरा सहयोग करेगी. उन्हें किसी तरह की समस्या का सामना नहीं करने दिया जाएगा. गौरतलब है कि कोरोना की महामारी और लॉकडाउन के बीच अब तक लगभग 20 लाख प्रवासी मजदूर वापस बिहार आ चुके हैं. क्वारनटीन सेंटर पर रह रहे लगभग 7 लाख प्रवासी मजदूरों की स्किल मैपिंग भी सरकार की ओर से कराई जा चुकी है.

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इतनी बड़ी संख्या में वापस लौटे मजदूरों को रोजगार मुहैया कराना भी नीतीश सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनकर उभरा है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार लौटे प्रवासी मजदूरों से भी अब रोजगार के लिए अन्य राज्यों का रुख नहीं करने की अपील की है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे प्रवासी मजदूरों को प्रदेश में ही रोजगार उपलब्ध कराएं.

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