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बिहार में लॉकडाउन ने बढ़ाई 'लालू खटाल' की मुश्किलें, पशुओं के चारे की किल्लत

कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन के दौरान आपात सेवाओं को छोड़कर सभी दफ्तर, दुकानें और उद्योग धंधे पूरी तरह से बंद हैं. ऐसे में रोजी-रोटी कमाने वाले गरीबों और मजदूरों को एक ओर मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है तो दूसरी ओर पशु और जानवरों के लिए पशु आहार और चारा की किल्लत हो गई है.

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aajtak.in
रोहित कुमार सिंह पटना, 26 March 2020
बिहार में लॉकडाउन ने बढ़ाई 'लालू खटाल' की मुश्किलें, पशुओं के चारे की किल्लत बिहार के पटना में लालू खटाल में लॉकडाउन का असर

  • कोरोना संक्रमण के चलते 14 अप्रैल तक लॉकडाउन
  • लॉकडाउन में जानवरों को पशु आहार की दिक्कत

कोरोना वायरस के बढ़ते खतरों के चलते 14 अप्रैल तक पूरी तरह से देशभर में लॉकडाउन है. लॉकडाउन के दौरान आपात सेवाओं को छोड़कर सभी दफ्तर, दुकानें और उद्योग धंधे पूरी तरह से बंद हैं. ऐसे में रोजी-रोटी कमाने वाले गरीबों और मजदूरों को एक ओर मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है तो दूसरी ओर पशु और जानवरों के लिए पशु आहार और चारा की किल्लत हो गई है. पटना में 'लालू खटाल' में जानवरों को भूखा प्यासा रहना पड़ रहा है.

दरअसल 1994 में तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने राजधानी पटना के एक्साइज कॉलोनी इलाके में स्थित खटाल का उद्घाटन किया था. इसीलिए इसे 'लालू खटाल' के रूप में जाना जाता है. मौजूदा समय में 'लालू खटाल' में 500 से भी ज्यादा गाय हैं, जो हर रोज तकरीबन 1 लाख लीटर दूध देती हैं. ऐसे में लॉकडाउन के चलते इस खटाल की हालत खराब है. यहां रहने वाले जानवरों को समय से न तो पशु आहार मिल पा रहा है और न ही चारा.

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लालू खटाल के मालिक राजू राय का कहना है कि लॉकडाउन की वजह से पिछले 2 दिनों से उनके पास चारा की कमी हो गई है जिसकी वजह से गाय कमजोर पड़ती जा रही हैं. लॉकडाउन से पहले जो पशु आहार 5 से 8 रुपये किलो मिला करता था वहीं इसकी कीमत अब बढ़कर 30 से 32 रुपये किलो हो गई है. ऐसे में हम लोगों के लिए पशु आहार का जुगाड़ करना काफी मुश्किल हो रहा है. उन्होंने कहा कि पशु आहार की सप्लाई भी बंद हो गई है. ऐसे में हम जब बाजार में जाकर पशुओं का चारा खरीदते हैं तो प्रशासन के लोग हमें रोकते और परेशान करते हैं.

राजू राय ने कहा कि फिलहाल इस खटाल में मौजूद सभी गाय को गुड़ और पानी के सहारे जीवित रखा जा रहा है. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार सरकार ने जल्द पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था नहीं की तो उन्हें सभी गायों को सड़क पर छोड़ देने के लिए मजबूर होना पड़ेगा ताकि वह अपने खाने का इंतजाम खुद कर लेंगी. राजू राय बताते हैं कि पिछले दो दिनों में गायों के दूध देने में काफी कमी आई है. गाय पहले की तुलना में अब केवल 50 फीसदी ही दूध दे रही हैं.

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बता दें कि कोरोना वायरस का कहर दुनियाभर में बढ़ता जा रहा है. हिंदुस्तान में इससे निपटने के लिए 14 अप्रैल तक लॉकडाउन लगाया गया है जिसका गुरुवार को दूसरा दिन है. लॉकडाउन की वजह से आम लोगों को जरूरी समान की किल्लत हो रही है, हालांकि सरकारों की ओर से लगातार मदद पहुंचाने की कोशिश की जा रही है. इस बीच देश में कोरोना केस की संख्या 600 के पार पहुंच गई है, जबकि 16 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. ऐसे में बिहार में अभी तक 4 कोरोना वायरस से पीड़ित हैं और एक लोग की मौत हो चुकी है.

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