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बोरिस बेकर ही नहीं कई और भी बड़े खिलाड़ी संभाल नहीं सके बेशुमार दौलत, हो गए दिवालिया

ऐसा नहीं है कि बोरिस बेकर पहले ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने अपने खेल में डंका बजाने के बाद जमकर शोहरत और पैसा हासिल की, लेकिन खेल से दूर होने के बाद वह तेजी से कर्जदार होते चले गए और एक समय वह दिवालिया हो गए. बेकर से पहले पहले भी अर्श से फर्श पर गिरने वाले खिलाड़ियों की बड़ी लिस्ट है.

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aajtak.in
सुरेंद्र कुमार वर्मा नई दिल्ली , 25 June 2019
बोरिस बेकर ही नहीं कई और भी बड़े खिलाड़ी संभाल नहीं सके बेशुमार दौलत, हो गए दिवालिया कर्ज उतारने के लिए बोरिस बेकर अपने 82 सामानों की नीलामी कर रहे हैं (फाइल-IANS)

दुनिया के महानतम खिलाड़ियों में शुमार किए जाने वाले बोरिस बेकर अपने जीवन के सबसे बुरे दिन देख रहे हैं. विंबलडन में सबसे कम उम्र में खिताब जीतने वाला यह महान खिलाड़ी अपना कर्ज उतारने के लिए पदक, कप, घड़ी और फोटोग्राफ्स जैसे करियर की 82 दुर्लभ चीजों को नीलामी के जरिए बेचने को मजबूर है. उन पर करीब पौने 500 करोड़ रुपए का कर्ज है.

जर्मनी के इस टेनिस स्टार ने महज 17 साल की उम्र में विंबलडन खिताब जीतकर इतिहास रच दिया था. उन्होंने अपने करियर में 3 विंबलडन एकल खिताब समेत 6 ग्रैंड स्लैम जीते. उनके खाते में 49 खिताब दर्ज हैं और इसके जरिए उन्होंने 2 करोड़ यूरो कमाई की थी. इसके अलावा विज्ञापनों आदि के जरिए भी उन्होंने कई करोड़ रुपए की कमाई की. ब्रिटिश फर्म वेलेस हार्डी के अनुसार बोरिस बेकर के करियर से जुड़ी बेहद खास चीजों की नीलामी सोमवार से शुरू है जो 11 जुलाई को खत्म होगी. वेलेस हार्डी के पास ऑनलाइन नीलामी की विशेषज्ञता है. हार्डी की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक बेकर ने नीलामी के लिए 82 चीजों का चयन किया है. इसमें उनके मेडल, कप, घड़ियां और फोटोग्राफ शामिल हैं. 2017 में 51 साल के बेकर को दिवालिया घोषित कर दिया गया था.

बेकर पर करोड़ों का कर्जा

हालांकि 'बूम-बूम' के नाम से मशहूर पूर्व टेनिस चैंपियन बेकर की जिन चीजों को नीलामी में रखा गया है उनमें कई रेप्लिका भी है, विंबलडन चैंपियन बनने के बाद उन्हें चैलेंज कप की रेप्लिका प्रदान की गई थी. यह तय नहीं है कि बेकर की नीलामी से कितनी रकम मिलेगी. माना जा रहा है कि इस नीलामी से भी वह कर्ज नहीं चुका सकेंगे क्योंकि उन पर करीब 5.4 करोड़ पाउंड (लगभग 477 करोड़ रुपए) का कर्ज है.

ऐसा नहीं है कि बोरिस बेकर पहले ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने अपने खेल में डंका बजाने के बाद जमकर शोहरत और पैसा हासिल की, लेकिन खेल से दूर होने के बाद वह तेजी से कर्जदार होते चले गए और एक समय वह दिवालिया हो गए. बेकर से पहले पहले भी अर्श से फर्श पर गिरने वाले खिलाड़ियों की बड़ी लिस्ट है, लेकिन हम आपको चंद बड़े नाम बताने जा रहे हैं जिन्होंने लाखों-करोड़ों प्रशंसकों को अपने खेल का दीवाना बनाया, लेकिन नियति ने उन्हें खेल से हटने के बाद दिवालिया बना दिया.

ड्रग्स ने किया माराडोना को बर्बाद

डिएगो माराडोना एक ऐसा फुटबॉलर जो भारत में भी घर-घर जाना-पहचाना नाम है और यह खिलाड़ी 90 के दशक में दुनिया के महानतम खिलाड़ियों में गिना जाता है. अर्जेंटीना के इस महान खिलाड़ी का करियर और जीवन दोनों ही विवादित रहा है. 1986 के फीफा वर्ल्ड कप में विवादित 'हैंड ऑफ गॉड' गोल करने वाले माराडोना ड्रग्स लेने के कारण भी खासे बदनाम रहे. माराडोना ने जितनी तेजी से संपत्ति बनाई उतनी ही तेजी से उन्होंने गंवा भी दी. 2009 में इटैलियन प्रशासन ने उन पर 37 मिलियन पाउंड्स का बकाया बता दिया, जो उन पर नैपोली के लिए खेलने के दौरान कर और जुर्माना समेत कई चीजों की देनदारी बढ़ गई, और उन पर खासा कर्जा हो गया.

हालांकि माराडोना ने कहा कि उनके क्लब के निदेशक ने इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी. हालांकि वह पहले ही इटली में 42 हजार पाउंड्स, 2 रोलेक्स घड़ी और कान की बालियां समेत कई चीजें जमा करा चुके थे. साथ ही उन्हें वादा करना पड़ा कि वह बिल चुकाए बगैर इटली नहीं आएंगे.

ड्रग्स, शराब और महिलाओं के चक्कर में लुटाई संपत्ति

मुक्केबाजी (बॉक्सिंग) में बड़ा नाम माइक टायसन जिन्होंने अपने करियर में ढेरों चैंपियनशिप जीती और जमकर पैसा बनाया. हालांकि रिंग से बाहर वह लड़ाई-झगड़ों, ड्रग्स और शराब की लत के कारण खासे विवादों में भी रहे. इस चक्कर में उन्हें कई केसों का सामना भी करना पड़ा. उनका कई महिलाओं के साथ संबंध भी रहे और इन संबंधों से उनके 5 बच्चे भी हुए. उनकी कमाई जितनी तेजी से हुई उतनी ही तेजी से उन्होंने पैसे लुटाए भी. अपने करियर में 300 मिलियन डॉलर (20 अरब रुपए से ज्यादा) से ज्यादा की कमाई करने वाले टाइसन ने 2003 में ऐलान किया कि उनके खाते में एक भी पैसा नहीं है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उन पर एक समय 23 मिलियन डॉलर का कर्जा था.

mike_062419110520.jpgपिछले साल ताज महल देखने आगरा आए थे माइक टायसन (IANS)

तलाक देना पड़ा भारी निकल गया दिवाला

डेविड जेम्स, फुटबॉल का एक और बड़ा नाम, जिसने करियर में खूब पैसे कमाए और कुछ ही समय में उसने सब बर्बाद भी कर दिया. इंग्लैंड की फुटबॉल टीम और प्रीमियर लीग में लिवरपुल, मैनचेस्टर सिटी, ऑस्टन विला समेत कई क्लबों के साथ खेलने वाले जेम्स ने 25 साल के करियर में 20 मिलियन डॉलर (1,76,53,77,326 रुपए) कमाए, लेकिन 2014 में उन्होंने खुद को दिवालिया घोषित कर दिया. अमीरी से गरीबी की ओर जाने की उनकी शुरुआत 2005 में अपनी पत्नी को तलाक पर भारी मुआवजा देने से हुई और फिर वह लगातार कर्ज के दलदल में घंसते चले गए. 53 अंतरराष्ट्रीय और 800 क्लब मैच खेलने वाले जेम्स को आजीविका चलाने के लिए उन्होंने साइन किए हुए शर्ट, शॉर्ट्स और गेंद नीलामी के जरिए बेंचे. बाद में वह भारत में इंडियन सुपर लीग के शुरुआती सत्र में केरल ब्लास्टर्स के खिलाड़ी कम मैनेजर के रूप में जुड़े थे.

हर हफ्ते कमाते थे 26,50,635 रुपए, हो गए दिवालिया

फुटबॉलर ली हैंड्री इंग्लैंड के बड़े खिलाड़ियों में रहे हैं और अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ दौर में रहते हुए वह इंग्लिश प्रीमियर लीग में ऑस्टन विला के लिए खेलकर हर हफ्ते 30 हजार पाउंड्स (26,50,635 रुपए) कमाते थे. उन्हें 90 के दशक में इंग्लैंड का बेहतरीन खिलाड़ी माना जाता था. लेकिन 2012 में 35 साल की उम्र में उनके बुरे दिनों की शुरुआत हो गई. लग्जरी कार और करोड़ों की कीमत वाले कई घर लेने और निवेश में नुकसान होने के कारण उन पर कर्ज बढ़ता गया और जनवरी 2012 में उन्हें दिवालिया घोषित कर दिया गया. उन्होंने कई बार पुरानी स्थिति हासिल करने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहे और अप्रैल 2013 में कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी को लेकर वारंट जारी कर दिया.

26 करोड़ की धोखाधड़ी!

अमीरी से गरीबी तक का सफर तय करने के मामले में फुटबॉल खिलाड़ियों का संख्या कहीं ज्यादा है. इन्हीं नामों में एक और बड़ा नाम है फुटबॉल खिलाड़ी जॉन अर्ने रेस जिन्होंने नॉर्वे के लिए 116 अंतरराष्ट्रीय मैचों के अलावा लिवरपुल, एएस रोमा और फुल्हम जैसे कई क्लबों के लिए 500 से ज्यादा मैच खेले. तेजी से कामयाबी के शिखर पर चढ़े जॉन अर्ने रेस ने खूब पैसा भी कमाया, लेकिन 2007 मे उन्होंने खुद को दिवालिया घोषित कर दिया. हर हफ्ते करीब 27 लाख की कमाई करने वाले जॉन आगे चलकर कर्ज के दलदल में फंस गए. उन पर 88 लाख रुपए (£100,000) का कर्जा चढ़ गया. इसके अलावा उन पर 30 लाख पाउंड्स (करीब 26 करोड़ रुपए) की धोखाधड़ी करने का आरोप लगा.

कमाई का सदुपयोग नहीं करने का खमियाजा

कैमरून के फुटबॉलर एरिक जेम्बा अंतरराष्ट्रीय स्तर के बड़े खिलाड़ी रहे हैं और 2003 में महान कोच सर एलेक्स फर्गुसन ने उनके साथ मैनचेस्टर यूनाइटेड के लिए 3.5 मिलियन पाउंड्स में करार कर लिया. वह हर महीने 75 हजार पाउंड्स कमाई करते थे. हालांकि वह अचानक से मिले पैसे का कभी भी सदुपयोग करने में नाकाम रहे. उन्होंने लग्जरी कारों और अन्य व्यसनों पर जमकर खर्च किए. हालांकि 2007 में जब उन्होंने खुद को दिवालिया घोषित किया तब यह अफवाह थी कि उनके पास 4 लग्जरी कार और 30 अलग-अलग बैंकों के खाते थे. वह भारत में खेलने आए.

जहां पैसा लगाया, वहीं मिला घाटा

मार्क बर्नेल अमेरिका के मशहूर नेशनल फुटबॉल लीग (NFL) के महानतम खिलाड़ियों में गिने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर में 50 मिलियन डॉलर कमाए. लेकिन जब उनके करियर का अंत हुआ तो उनके खाते में महज 5 मिलियन डॉलर थे जबकि उन पर 25 मिलियन डॉलर का कर्जा चढ़ गया था. उनकी किस्मत खराब रही और जहां भी पैसा लगाया उन्हें घाटा हासिल हुआ. रिएल स्टेट में भारी नुकसान हुआ. एक रेस्टोरेंट की फ्रेंचाइजी ली जो डूब गई. कई खराब निवेश से उनकी कमाई घटती चलती गई.

570 करोड़ कमाने वाला हुआ दिवालिया

अमेरिका के मशहूर नेशनल फुटबॉल लीग (NFL)  के एक और बड़े खिलाड़ी हैं वॉरेन सैप. वॉरेन सैप ने जब खुद को दिवालिया घोषित किया तो हर अमेरिकी चौंक गया. खेल इतिहास में किसी खिलाड़ी की अमीरी से गरीबी की यह चर्चित कहानियों में से एक है. उनकी एक दिन की कमाई 80 लाख रुपए थी. सैप ने अपने करियर में 82,185,056 मिलियन डॉलर (5,70,44,23,644 रुपए) की कमाई की, लेकिन रिटायर होने के बाद 2012 में जब उन्होंने खुद को दिवालिया घोषित करते हुए अपने पास पैसे की जानकारी दी तो उनके पास महज 826.04 डॉलर ही बचे थे. 2012 में 10 हजार स्क्वायर फुट का बंगला 2.9 मिलियन डॉलर (290 करोड़ रुपए) में बिक गया.

क्यों गंवा देते हैं बेशुमार दौलत

किसी अन्य क्षेत्र की तुलना में खेल से ज्यादा जल्दी कमाई होती है और खिलाड़ियों की लोकप्रियता भी बढ़ जाती है. पेशेवर खिलाड़ियों को पैसा और शोहरत दोनों ही मिलता है, लेकिन एक रिसर्च के मुताबिक इंग्लिश प्रीमियर लीग (ईपीएल) के 5 में 3 खिलाड़ी संन्यास लेने के महज 5 साल के अंदर ही दिवालिया हो जाते हैं.

रिटायर हो चुके पेशेवर खिलाड़ियों के लिए काम करने वाले एक संगठन एक्सप्रो ने कुछ साल पहले इंग्लिश प्रीमियर लीग के खिलाड़ियों पर एक रिसर्च किया था जिसमें कहा गया कि बेशुमार कमाई होने की वजह ज्यादातर खिलाड़ी खुलकर खर्च कर देते हैं या फिर गलत सलाह से गलत जगह पर निवेश करते हैं जिस कारण उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है. साथ ही 3 में से 1 को तलाक की खर्चीली प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है और यही कारण है कि कई खिलाड़ी जितनी तेजी से कमाई करते हैं उतनी ही तेजी से वो गंवा भी देते हैं.

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