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विनेश बनीं एशिया की 'गोल्डन गर्ल', 10 साल की उम्र में हुई थी पिता की हत्या

भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट ने 18वें एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा. ऐसा कारनामा करने वाली वो भारत की पहली महिला पहलवान बनीं. इससे पहले उन्होंने 2014 इंचियोन एशियन गेम्स में उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था.

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aajtak.in
अमित रायकवार नई दिल्ली, 21 August 2018
विनेश बनीं एशिया की 'गोल्डन गर्ल', 10 साल की उम्र में हुई थी पिता की हत्या विनेश फोगाट

भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट ने 18वें एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा. ऐसा कारनामा करने वाली वो भारत की पहली महिला पहलवान बनीं. इससे पहले उन्होंने 2014 इंचियोन एशियन गेम्स में उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था. लेकिन इस बार न सिर्फ उन्होनें अपने पदक का रंग बदला, बल्कि दुनिया को अपने होने का एहसास भी कराया.

विनेश बनीं एशियाड में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान

मुश्किलों से भरा जीवन

बचपन से लेकर एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने तक का सफर विनेश के लिए कभी आसान नहीं रहा. उन्होंने न सिर्फ अपनी निजी जिंदगी की कठिनाइयों को पार किया, बल्कि मजबूत हौसले के साथ आगे बढ़ती रहीं. महज दस साल की उम्र में ही जमीन विवाद के चलते उनके पिता राजपाल का मर्डर हो गया था. जो उनके जीवन की सबसे बड़ी दुखद घटना थी. लेकिन विनेश के जीवन से ताऊ महावीर फोगाट ने इस खालीपन को भरने की कोशिश शुरू की. उन्होंने विनेश को पहलवानी के गुर सिखाने शुरू किए. ताऊ महावीर और विनेश की मेहनत रंग लाई और वो देश की अंतरराष्ट्रीय पहलवान बन गईं.

चोट ने किया परेशान

एक बार फिर नई चुनौतियां विनेश का इंतजार कर रही थीं. रियो ओलंपिक में पैर में चोट के चलते उनके भविष्य पर सवाविया निशान लग गए. लेकिन कभी न हार मानने विनेश ने इस मुसिबात का सामना पूरे हौसले के साथ किया. फिट होकर कड़ी ट्रेनिंग में जुट गईं. 2018 गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ में गोल्ड मेडल जीता. इसके बाद 18वें एशियन गेम्स में 'गोल्ड मेडल' जीतकर इतिहास रच दिया. आज विनेश की इस कामयाबी पर पूरा देश नाज कर रहा है.

2020 टोक्यो ओलंपिक पर नजर

23 साल की विनेश ने अब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश को कई पदक दिलाए हैं. 2014 और 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने गोल्ड मेडल जीता. इंचियोन एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया. इस बार उन पर पदक के रंग बदलने का दबाव था. जिसे उन्होंने आसनी से हासिल किया. इसके अलावा एशियन चैंपियनशिप में विनेश तीन सिल्वर और दो ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम कर चुकी हैं.

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