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ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप: 18 साल का खिताबी सूखा खत्म करने उतरेंगी साइना-सिंधु

It was Sindhu and current chief national coach P. Gopichand, who was the last Indian to win the championship back in 2001. सिंधु और साइना के मेंटर तथा मौजूदा मुख्य राष्ट्रीय कोच पुलेला गोपीचंद 2001 में ऑल इंग्लैंड खिताब जीतने वाले पिछले भारतीय खिलाड़ी थे.

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aajtak.in [Edited By: विश्व मोहन मिश्र]बर्मिंघम, 05 March 2019
ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप: 18 साल का खिताबी सूखा खत्म करने उतरेंगी साइना-सिंधु PV Sindhu and Saina Nehwal with P. Gopichand

कड़े ड्रॉ के बावजूद भारत की शीर्ष बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु और साइना नेहवाल बुधवार से बर्मिंघम में शुरू हो रही ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप में भारत के खिताब के लगभग दो दशक लंबे इंतजार को खत्म करने के इरादे से उतरेंगी. सिंधु और साइना के मेंटर तथा मौजूदा मुख्य राष्ट्रीय कोच पुलेला गोपीचंद 2001 में ऑल इंग्लैंड खिताब जीतने वाले पिछले भारतीय खिलाड़ी थे.

विश्व बैडमिंटन महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) की विश्व रैंकिंग में शीर्ष 32 में शामिल खिलाड़ियों को इस टूर्नामेंट में जगह मिलती है और भारत के सिर्फ तीन खिलाड़ियों को इस बार वरीयता दी गई है. सिंधु और साइना के अलावा पुरुष एकल में किदांबी श्रीकांत को सातवीं वरीयता मिली है.

ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता पांचवीं वरीय सिंधु 10 लाख डॉलर की इस इनामी प्रतियोगिता में अपने अभियान की शुरुआत दक्षिण कोरिया की दुनिया की दूसरे नंबर की पूर्व खिलाड़ी सुंग जी ह्युन के खिलाफ करेंगी.

लंदन ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता और आठवीं वरीय साइना को पहले दौर में स्कॉटलैंड की क्रिस्टी गिलमोर से भिड़ना है. साइना ने क्रिस्टी के खिलाफ अपने अब तक के सभी छह मुकाबले जीते हैं, जबकि सिंधु ने सुंग जी के खिलाफ पिछले 14 मुकाबलों में आठ जीत दर्ज की हैं, जबकि छह बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा.

सुंग जी ने पिछले साल तीन मैचों में सिंधु को दो बार हराया और अगर यह भारतीय खिलाड़ी पहले दौर का मुकाबला जीतने में सफल रहती है, तो दूसरे दौर में उन्हें रूस की येवगेनिया कोसेतस्काया और हांगकांग की च्युंग एनगान यी के बीच होने वाले मैच की विजेता से भिड़ना होगा.

क्वार्टर फाइनल में सिंधु का सामना चीन की तीसरी वरीय युवा खिलाड़ी चेन यूफेई से हो सकता है. पिछले साल इस प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में जगह बनाने में सफल रही सिंधु ने कहा, ‘प्रत्येक दौर का मुकाबला तुलनात्मक रूप से कड़ा है. मेरे लिए प्रत्येक अंक महत्वपूर्ण होगा. मैं पहले दौर में सुंग जी ह्युन के खिलाफ खेल रही हूं और मेरे लिए यह महत्वपूर्ण है कि पहले दौर से ही एकाग्रता के साथ खेलूं.’

साइना भारत की मौजूदा खिलाड़ियों में एकमात्र ऐसी खिलाड़ी हैं, जो ऑल इंग्लैंड के फाइनल में पहुंचने में सफल रही हैं. वह यहां 2015 में उपविजेता रही थीं. साइना ने सत्र की अच्छी शुरुआत करते हुए जनवरी में इंडोनेशिया मास्टर्स का खिताब जीता और फिर सिंधु को हराकर राष्ट्रीय चैंपियनशिप जीती.

इस भारतीय खिलाड़ी को दूसरे दौर में डेनमार्क की लाइन होमार्क जार्सफेल्ड और चीन की काई यानयान के बीच होने वाले मैच की विजेता से भिड़ना होगा. अगर वह इसमें जीत दर्ज करती हैं, तो उनका सामना ताई जू यिंग से हो सकता है, जिनके खिलाफ उन्होंने लगातार 12 मैच गंवाए हैं. चीनी ताइपे की ताई जू ने साइना के खिलाफ 14 मुकाबले जीते हैं और पांच गंवाए हैं.

पुरुष एकल में श्रीकांत पहले दौर में फ्रांस के ब्राइस लेवरडेज से भिड़ेंगे, जबकि फॉर्म में चल रहे समीर वर्मा अपने अभियान की शुरुआत पूर्व विश्व चैंपियन और दुनिया के पूर्व नंबर एक खिलाड़ी डेनमार्क के विक्टर एक्सेलसेन के खिलाफ करेंगे.

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