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अफ्रीका में जब टीमें 50 रन से कम पर आउट होती हैं तो कुछ नहीं लिखा जाता: कोहली

नागपुर की पिच को खराब बताने वाली आईसीसी की रिपोर्ट पर टीम इंडिया के टेस्ट कप्तान विराट कोहली ने हैरानी जताते हुए इस पर निशाना भी साधा. कोहली ने कहा, ‘जब अफ्रीकी पिचों पर टीमें 50 या 100 रन से कम पर आउट हो जाती हैं तो कुछ क्यों नहीं लिखा जाता.’

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aajtak.in [Edited By: अभिजीत]नई दिल्ली, 02 December 2015
अफ्रीका में जब टीमें 50 रन से कम पर आउट होती हैं तो कुछ नहीं लिखा जाता: कोहली मैदान में अपनी आक्रामकता दिखाते कप्तान विराट कोहली

नागपुर की पिच को खराब बताने वाली अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की रिपोर्ट पर टीम इंडिया के टेस्ट कप्तान विराट कोहली ने हैरानी जताते हुए इस पर निशाना भी साधा. कोहली ने कहा, ‘जब अफ्रीकी पिचों पर टीमें 50 या 100 रन से कम पर आउट हो जाती हैं तो कुछ क्यों नहीं लिखा जाता.’

भारत ने नागपुर में तीसरे टेस्ट में 124 रन की जीत के साथ चार मैचों की सीरीज में 2-0 की विजयी बढ़त बना ली है. यह मैच ढाई दिन चला था जिसके बाद आईसीसी मैच रैफरी जैफ क्रो ने अपनी रिपोर्ट में पिच को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए उपयुक्त नहीं करार दिया था. बीसीसीआई को 14 दिन के भीतर जवाब देने को कहा गया है.

मीडिया पर कोहली का निशाना
कोहली ने पिचों को लेकर मीडिया में आ रही रिपोर्ट पर भी निशाना साधा.

कोहली ने मीडिया में आ रही रिपोर्ट पर पलटवार करते हुए कहा, ‘दक्षिण अफ्रीका में एक पारी में तीन बार 50 रन से कम के स्कोर बने लेकिन मैंने पर इस किसी तरह का लेख नहीं देखा. दक्षिण अफ्रीका में छह बार टीमें 100 रन से कम पर आउट हो गई. इस पर कभी कोई लेख नहीं देखा. देखिए लेख लिखने के लिए होते हैं. यह मानसिकता या किसी का नजरिया है. मैं इसे तवज्जो नहीं देता. मुझे या टीम को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता.’

उन्होंने कहा, ‘लोग अपनी इच्छा के अनुसार अपने नजरिए को लेकर लिख सकते हैं. हमें जो करना चाहिए वह हम सर्वश्रेष्ठ तरीके से कर रहे हैं.’

जब एक पत्रकार ने दोहराया कि यह आईसीसी की आधिकारिक रिपोर्ट है तो भी कोहली ने अपना आक्रामक रूख बरकरार रखा. भारतीय कप्तान ने कहा, ‘हां, मैं (आईसीसी समेत) सभी के बारे में बोल रहा हूं. मैं सिर्फ लेख लिखने वालों की बात नहीं कर रहा. दुर्भाग्य से हमारे देश की परिस्थितियों को काफी अधिक बढ़ा चढ़ाकर पेश किया जाता है और यह तथ्य है. क्योंकि हम सिर्फ पिच के बारे में बात करते हैं और जब हम दक्षिण अफ्रीका में होते हैं तो हम सिर्फ इस बारे में बात करते हैं कि हम कितना खराब खेले.’

 पिच पर इतना बवाल क्यों
कोहली ने कहा, ‘पिछले कुछ समय से यह हो रहा है. हम अपनी मानसिकता में बदलाव ला रहे हैं लेकिन हमारे आसपास के लोग नहीं बदल रहे. हमारी तकनीक के लिए हमारी आलोचना की जाती है लेकिन जब मेहमान टीम अच्छा नहीं खेलती तो हमेशा पिचों के बारे में बात होती है.’ कोटला की पिच के बारे में पूछने पर कोहली ने कहा, ‘मैं पिच के बारे में अधिक नहीं कहना चाहता क्योंकि इसके बारे में काफी कुछ कहा जा चुका है. बेहतर होगा कि अगर हम सकारात्मक पक्षों की बात करें. क्योंकि जब टीम जीतती है तो आपको हर जगह से समर्थन मिलना चाहिए. हम हमेशा लोगों की आलोचना के लिए बिंदु ढूंढते हैं लेकिन हमें लोगों को आत्मविश्वास देना चाहिए. यही कारण है कि यह हमें तर्कसंगत नहीं लगता कि सभी पिच के बारे में बात कर रहे हैं.’

एडिलेड में ‘गुलाबी गेंद’ से खेले गए टेस्ट का भी कोहली ने जिक्र करते हुए कहा, ‘मुझे लगता है कि किसी ने भी एडिलेड टेस्ट के बारे में लेख नहीं लिखा जो ढाई दिन में खत्म हो गया. इसलिए मुझे हमारी पिचों में कुछ भी गलत नहीं लगता.’

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