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रियो में नरसिंह 'चकनाचूर': 4 साल का बैन, कहा- 12 घंटे पहले जबरन छीना गया गोल्ड लाने का सपना

रियो ओलंपिक से भारत के लिए एक बेहद ही बुरी खबर आई है. भारतीय पहलवान नरसिंह यादव पर डोपिंग की वजह से चार साल का बैन लगा दिया गया है. इसके साथ ही पहलवान नरसिंह रियो ओलंपिक में हिस्सा नहीं ले पाएंगे.

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aajtak.in [Edited By: अमित रायकवार]रियो डी जेनेरियो, 20 August 2016
रियो में नरसिंह 'चकनाचूर': 4 साल का बैन, कहा- 12 घंटे पहले जबरन छीना गया गोल्ड लाने का सपना वाडा से मिली थी पहलवान नरसिंह यादव को क्लीन चिट

रियो ओलंपिक से भारत के लिए एक बेहद ही बुरी खबर आई है. भारतीय पहलवान नरसिंह यादव पर डोपिंग की वजह से चार साल का बैन लगा दिया गया है. इसके साथ ही पहलवान नरसिंह रियो ओलंपिक में हिस्सा नहीं ले पाएंगे. नरसिंह ने इस ओर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि खेल से ठीक 12 घंटे पहले उनसे देश के लिए गोल्ड जीतने का उनका सपना छीन लिया गया.

मेरे पास अब यही लड़ाई बाकी है: नरसिंह
इस पूरे मामले में न‍रसिंह यादव ने कहा, 'बीते दो महीनों में मैंने बहुत कुछ सहा है. लेकिन इस दौरान मेरे मन में सिर्फ एक बात थी कि देश के सम्मान के लिए लड़ना है. रियो में देश के लिए मेडल जीतने के मेरे सपने को खेल से 12 घंटे पहले मुझसे निर्दयतापूर्वक छीना गया. लेकिन मैं वह सबकुछ करूंगा, जो मुझे निर्दोष साबित कर सके. अब मेरे पास लड़ने के लिए यही बचा है.'

बता दें कि ब्राजील के कैस (कोर्ट ऑफ ऑर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्टस) की एक अदालत ने करीब चार घंटे लंबी बहस के बाद ये फैसला सुनाया कि नरसिंह पर बैन लगा दिया गया.

पहलवान नरसिंह यादव पर लगा चार साल का बैन
CAS ने नाडा के फैसले को मानने से इनकार कर दिया. उन्होंने फैसला सुनाया कि उनके खाने या पीने में मिलावट की बात सही नहीं है. अदालत ने नरसिंह के उस तर्क को भी मानने से इनकार कर दिया कf उनके साथ साजिश हुई है. क्योंकि इसे साबित करने के लिए नरसिंह यादव के पास कोई सबूत नहीं है. इसी तर्क को देखते हुए नाडा ने उन्हें ओलंपिक में हिस्सा लेने की अनुमति दी थी.

आज नरसिंह को मैदान पर उतरना था
भारतीय पहलवान नरसिंह यादव के लिए शुक्रवार का दिन बेहद अहम होने वाला था. इस दिन के लिए पिछले कई सालों से मेहनत कर रहे थे. रियो ओलंपिक में उन्हें कुश्ती के 74 किलो भारवर्ग के मुकाबलों में हिस्सा लेना था. लेकिन इस फैसले के साथ ही उनके सारे अरमान धरे के धरे रहे गए. कैस ने नरसिंह पर चार साल का बैन लगा दिया है. अब नरसिंह को आज होने वाले पहले मैच से पहले ही ओलंपिक खेलगांव छोड़ना होगा.

खेल पंचाट को यकीन नहीं दिला सके कि साजिश हुई थी
इस बीच, भारतीय कुश्ती महासंघ ने स्वीकार किया है कि वह खेल पंचाट को यह यकीन नहीं दिला सका कि पहलवान नरसिंह यादव साजिश का शिकार हुआ है और यही वजह है कि फैसला उसके पक्ष में नहीं गया जिससे रियो ओलंपिक से बाहर होने के साथ चार साल का प्रतिबंध झेलना पड़ा. डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि खेल पंचाट की समिति यह जानने पर अड़ी थी कि यदि कोई साजिश हुई है तो गुनहगार को अभी तक सजा क्यों नहीं मिली.

सीबीआई जांच की मांग
भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष ब्रिजभूषण शरण सिंह ने नरसिंह मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की जांच की मांग की है. वाडा ने अपनी अपील में नरसिंह को राष्ट्रीय डोपिंग निरोधी एजेंसी (नाडा) द्वारा क्लीन चिट दिए जाने को गलत करार दिया था. सीएएस ने वाडा की अपील स्वीकार कर ली है, नरसिंह का भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा है। वह अब रियो ओलम्पिक में हिस्सा नहीं ले पाएंगे. ब्रिजभूषण ने कहा, 'यह हादसा भविष्य में किसी भी खिलाड़ी के साथ नहीं होना चाहिए. मैं इस पूरे मुद्दे में सीबीआई जांच की मांग करता हूं, ताकि भविष्य में यह मामला न दोहराया जाए.'

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