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वर्ल्ड कप 2019 में टीम इंडिया की कहानी: सबसे शानदार वापसी, सबसे दुखद अंत

धोनी और रवींद्र जडेजा की जोड़ी ने 7वें विकेट के लिए अच्छी साझेदारी की. जडेजा के छक्कों ने तो दर्शकों में उत्साह का संचार कर दिया था, लेकिन पहले जडेजा और फिर धोनी के आउट होते ही टीम हौसला खो बैठी.

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aajtak.in नई दिल्ली, 11 July 2019
वर्ल्ड कप 2019 में टीम इंडिया की कहानी: सबसे शानदार वापसी, सबसे दुखद अंत रन आउट होने के बाद वापस लौटते धोनी (फोटो-IANS)

आईसीसी वर्ल्ड कप-2019 में टीम इंडिया का सफर लक्ष्य से एक कदम पहले थम गया है. इसके साथ ही टीम इंडिया के हाथ तीसरी बार वर्ल्ड कप देखने का सपना टूट गया. सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय टीम को न्यूजीलैंड ने 18 रनों से शिकस्त दी. इस मैच में बेहद घटिया शुरुआत के बाद भारत ने वापसी कर ली थी, लेकिन आखिरी ओवरों में टीम फिर बिखर गई. धोनी और रवींद्र जडेजा की जोड़ी ने 7वें विकेट के लिए अच्छी साझेदारी की. जडेजा के छक्कों ने तो दर्शकों में उत्साह का संचार कर दिया था, लेकिन पहले जडेजा और फिर धोनी के आउट होते ही टीम हौसला खो बैठी.   

जडेजा-धोनी ने जगाई थी उम्मीद

भारत ने बुधवार के मुकाबले में अपने छह विकेट महज 92 रनों पर ही खो दिए थे. इसी के साथ ही सबका दिल बैठ गया था. लोगों को लगा कि टीम अब हार की तरफ बढ़ रही है, लेकिन जडेजा और धोनी ने सातवें विकेट के लिए 116 रन जोड़कर एक बार फिर से उम्मीद जगा दी थी. ऐसा लगा कि अगर कुछ देर तक ये दोनों बैट्समैन टिक गए तो भारत को फाइनल में पहुंचने से कोई नहीं रोक सकता है.  

दोनों के आउट होते ही बिखर गई टीम

बैटिंग पारी में जडेजा ने चार चौके और चार छक्के लगाए. इस दौरान ऐसा लग रहा था इन दोनों बल्लेबाजों के हाथों ही भारत को जीत मिलेगी. तभी न्यूजीलैंड के ट्रेंट बोल्ट ने मैच का रुख बदल दिया. उन्होंने 208 के कुल स्कोर पर जडेजा को कप्तान केन विलियम्सन के हाथों कैच आउट करवा दिया. जडेजा ने 59 गेंदों का सामना कर चार चौके और चार छक्के मारे.

अब महेंद्र सिंह धोनी क्रीज पर भारत की आखिरी उम्मीद थे. इस वक्त आखिरी दो ओवरों में भारत को जीत के लिए 31 रनों की जरूरत थी. धोनी ने पहली गेंद पर छक्का मारा. स्टेडियम में फिर रोमांच बढ़ गया. दूसरी गेंद पर उन्होंने दो रन लेने चाहे. पहला रन लेने के बाद धोनी दूसरा रन लेने दौड़े, लेकिन क्रीज पर पहुंचने में वे कुछ सेकेंड की देरी कर गए और मार्टिन गप्टिल की डायरेक्ट हिट से वे रन आउट हो गए. इसी के साथ भारत की उम्मीदें खत्म हो गई.

दुखद रहा अंत

धोनी के बाद बैटिंग करने आए गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को न्यूजीलैंड के लॉकी फर्ग्यूशन शून्य पर आउट कर दिया. जेम्स नीशम ने युजवेंद्र चहल को 5 रन पर आउट कर भारत की वापसी का टिकट कंफर्म कर दिया.

प्रेशर में दिखे धोनी

इस मैच में निश्चित रूप से धोनी से जिस पारी की उम्मीद थी वे नहीं दिखा सके. पूरे मैच में धोनी ने 72 गेंदों का सामना किया और 50 रन बनाए. धोनी मैच में प्रेशर में दिख रहे थे. कई नाजुक मौकों पर फैन्स उनसे जिस शॉट की उम्मीद कर रहे थे, धोनी उसे लगा नहीं सके. क्रिकेट की पिच पर धोनी का धीमापन टीम इंडिया को भारी पड़ गया.

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