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युवराज सिंह ने बैटिंग कोच विक्रम राठौड़ पर उठाया सवाल, इस 'नाकामी' पर लिया आड़े हाथ

पूर्व हरफनमौला युवराज सिंह ने भारत के बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौड़ की टी20 प्रारूप में खिलाड़ियों का मार्गदर्शन कर पाने की क्षमता पर सवाल उठाया.

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aajtak.in
aajtak.in नई दिल्ली, 13 May 2020
युवराज सिंह ने बैटिंग कोच विक्रम राठौड़ पर उठाया सवाल, इस 'नाकामी' पर लिया आड़े हाथ    युवराज सिंह (फाइल फोटो)

  • युवराज सिंह ने विक्रम राठौड़ की कमजोरियां बताईं
  • सीनियर चयन समिति पर भी युवराज ने दागे सवाल

पूर्व हरफनमौला युवराज सिंह ने भारत के बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौड़ की टी20 प्रारूप में खिलाड़ियों का मार्गदर्शन कर पाने की क्षमता पर सवाल उठाया. राठौड़ को पिछले साल संजय बांगड़ की जगह बल्लेबाजी कोच बनाया गया है.

भारत की 2007 टी20 वर्ल्ड कप और 2011 विश्व कप विजेता टीमों का हिस्सा रहे युवराज ने एक इंस्टाग्राम सेशन में कहा,‘राठौड़ मेरा दोस्त है. क्या आपको लगता है कि वह टी20 खिलाड़ियों की मदद कर सकता है. उसने उस स्तर पर क्रिकेट खेला ही नहीं है.’

विक्रम राठौड़ ने भारत के लिए 1996 से 1997 के बीच छह टेस्ट और सात वनडे खेले हैं. युवराज ने कहा कि अलग-अलग खिलाड़ियों के साथ अलग तरीके से पेश आना पड़ता है.

उन्होंने कहा,‘मैं कोच होता तो जसप्रीत बुमराह को रात नौ बजे गुडनाइट बोल देता और हार्दिक पंड्या को रात दस बजे ड्रिंक्स के लिए बाहर ले जाता. अलग-अलग लोगों से अलग-अलग तरीके से पेश आना पड़ता है.’

उन्होंने परोक्ष रूप से भारत के मुख्य कोच रवि शास्त्री को भी ओड़े हाथों लेते हुए कहा कि मौजूदा खिलाड़ियों के पास सलाह देने के लिए कोई नहीं है. यह पूछने पर कि क्या यह शास्त्री का काम नहीं है, उन्होंने कहा ,‘पता नहीं रवि यह कर रहे हैं या नहीं, लेकिन शायद उनके पास दूसरे भी काम हैं.’

coaches_051320085804.jpgमुख्य कोच शास्त्री और बल्लेबाजी कोच राठौड़ (PTI)

युवराज ने सुनील जोशी की अध्यक्षता वाली सीनियर चयन समिति को भी आड़े हाथों लिया और कहा कि चूंकि उन्होंने भारत के लिए ज्यादा क्रिकेट नहीं खेली है तो उनकी मानसिकता फैसलों को चुनौती देने वाली नहीं होगी.

युवराज ने कहा, 'मैं हमेशा कहता हूं कि चयनकर्ताओं को फैसलों को चुनौती देने वाला होना चाहिए, लेकिन आपके चयनकर्ताओं ने सिर्फ चार-पांच मैच वनडे मैच खेले हों, तो उनकी मानसिकता उसी तरह की होगी. यह चीजें तब नहीं होती थी जब सौरव गांगुली और महेंद्र सिंह धोनी कप्तान थे. 2011 विश्व कप में हमारे पास अच्छी खासी अनुभवी टीम थी.'

पूर्व हरफनमौला खिलाड़ी ने कहा, 'टीम को एक अच्छे मनोवैज्ञानिक की जरूरत है. पृथ्वी शॉ और ऋषभ पंत काफी प्रतिभाशाली हैं, लेकिन काफी चौकसी और मीडिया होने के कारण आपको कोई चाहिए जिससे आप बात कर सको.'

उन्होंने कहा, 'पंड्या में काफी प्रतिभा है. किसी को उनकी मानसिकता के साथ काम करने की जरूरत है, ताकि वह मुश्किल स्थिति में अच्छा कर सकें. अगर कोई उनकी मानसिकता के साथ काम कर सकता है, तो वह अगले विश्व कप में काफी बड़े खिलाड़ी साबित हो सकते हैं.'

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