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जब हिंदी की यह प्रोफेसर लेकर आई हैं 'हिमोजी'

बिना इमोजी के बात करने में मजा नहीं आता. मिलिए दिल्ली यूनिवर्सिटी के मि‍रांडा हाउस की हिंदी की असिस्टेंट प्रोफेसर ने  जिन्होंने तैयार किया है ऐप 'हिमोजी'. जानें क्या हैं खास बात.
जब हिंदी की यह प्रोफेसर लेकर आई हैं  'हिमोजी' हिमोजी बनातीं अपराजिता शर्मा
विष्णु नारायणनई दिल्ली, 14 September 2017

'हिमोजी' हम सभी के हर दिल अजीज 'इमोजी' एप का नया-नवेला भाई है. इसके जरिए अाप बातों को नए अंदाज में अपनी मातृभाषा हिंदी में बयां कर सकेंगे.

इमोजी और हिमोजी का है हिंदी कनेक्शन...

जी हां, अब आप हिंदी में लिखे हुए हिमोजी चैट में इस्तेमाल कर सकते हैं. इस ऐप को बनाने और तैयार करने का काम दिल्ली यूनिवर्सिटी के मिरांडा हाउस कॉलेज में हिन्दी पढ़ाने वाली असिस्टेंट प्रोफेसर ने किया है. तकनीक और कला का मिलाप करने वालीं इन प्रोफेसर साहिबा का नाम अपराजिता शर्मा है.

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सोशल मीडिया का मजा दोगुना होने वाला है...

आजकल लोग खाना-पीना और सोना तक भूलकर बस सोशल मीडिया पर ही बिजी रहते हैं. जब देखो, जिसे देखो मोबाइल की स्क्रीन पर नजरें टिकाए र‍हता है. हालांकि समय बीतने के साथ-साथ सोशल मीडिया बेस्वाद होता जा रहा है. इसी के मद्देनजर जुकरबर्ग भी लाइक, कमेंट व शेयर के अलावा कई और इमोशंस ले आए हैं, इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए अपराजिता ने 'हिमोजी' बनाए हैं.

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अब आप हिमोजी से गुस्सा और प्यार जाहिर कर सकते हैं...

कहते हैं कि हिन्दी में कही जाने वाली हर बात फसाना हो जाती है. चाहे प्रेम का इजहार हो या फिर दोस्तों से कुट्टी कर लेना. साथ ही हम आपको बताते चलें कि अपराजिता के डिजाइन किए गए एप की लीड कैरेक्टर चूड़ी-बिंदी वाली एक भारतीय लड़की है जो बॉलीवुड की फिल्मों की भी खासी शौकीन है. आखिर जो मजा गब्बर और शाहरुख को हिंदी बोलते सुनने में है, वह दुनिया की किसी और भाषा में कहां है! है कि नहीं?

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