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कोच पोवार ने माना- नहीं पटती मिताली से, उनको संभालना मुश्किल

रमेश पोवार ने स्वीकार किया कि मिताली के साथ उनके पेशेवर रिश्ते तनावपूर्ण हैं, क्योंकि उन्हें हमेशा लगा कि वह अलग-थलग रहने वाली खिलाड़ी हैं.

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aajtak.in [Edited By: विश्व मोहन मिश्र]नई दिल्ली, 29 November 2018
कोच पोवार ने माना- नहीं पटती मिताली से, उनको संभालना मुश्किल मिताली-पोवार (ट्विटर)

भारतीय महिला क्रिकेट टीम के कोच रमेश पोवार ने बुधवार को स्वीकार किया कि उनके सीनियर खिलाड़ी मिताली राज के साथ ‘तनावपूर्ण’ संबंध हैं, लेकिन स्पष्ट किया कि टी-20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में उन्हें बाहर करना पूरी तरह से क्रिकेट से जुड़ा था.

पोवार बीसीसीआई सीईओ राहुल जोहरी और महाप्रबंधक (क्रिकेट संचालन) सबा करीम से मिले. इससे एक दिन पहले मिताली ने उन पर पक्षपात का आरोप लगाया था. पोवार ने मुंबई में बीसीसीआई मुख्यालय में बोर्ड के दोनों अधिकारियों से मुलाकात की.

भारतीय महिला टीम की सबसे सीनियर खिलाड़ी ने जोहरी और करीम को भेजे गए कड़े ई-मेल में पोवार पर आरोप लगाया था कि उन्हें वेस्टइंडीज में खेले गए टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान पोवार ने अपमानित किया था तथा टीम से बाहर किए जाने पर वह रो पड़ी थीं.

बीसीसीआई सूत्रों ने गोपनीयता की शर्त पर पीटीआई से कहा, ‘रमेश ने स्वीकार किया कि मिताली के साथ उनके पेशेवर रिश्ते तनावपूर्ण हैं, क्योंकि उन्हें हमेशा लगा कि वह अलग-थलग रहने वाली खिलाड़ी हैं और उन्हें (मिताली को) संभालना मुश्किल है.’

रमेश पोवार ने बीसीसीआई को सौंपी गई आधिकारिक रिपोर्ट में कहा है कि मिताली ने पारी का आगाज नहीं करने देने पर महिला टी-20 वर्ल्ड कप से बाहर होने और संन्यास की घोषणा करने की धमकी दी थी.

मिताली राज का आरोप- कोच रमेश पोवार ने मुझे अपमानित किया

हालांकि अधिकारी ने कहा कि पोवार ने बताया कि मिताली को सेमीफाइनल से बाहर करना बदले की भावना नहीं, बल्कि रणनीति का हिस्सा था. इंग्लैंड ने इस मैच में भारत को आठ विकेट से हराया था.

अधिकारी ने कहा, ‘उन्होंने कहा कि खराब स्ट्राइक रेट के कारण उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ मैच से बाहर किया गया. इसके अलावा टीम प्रबंधन पिछले मैच में जीत दर्ज करने वाली टीम को बरकरार रखना चाहता था.’

पोवार से पूछा गया कि आयरलैंड और पाकिस्तान के खिलाफ मैचों में मिताली का स्ट्राइक रेट आड़े क्यों नहीं आया, तो इसका उनके पास कोई जवाब नहीं था. मिताली ने इन दोनों मैचों में अर्धशतक जमाए और उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया.

इसके अलावा इस पर भी चर्चा हुई कि क्या मिताली को बाहर करने के लिए किसी प्रभावशाली अधिकारी का बाहरी दबाव था. सूत्रों ने बताया कि पोवार ने किसी का फोन आने का खंडन किया, लेकिन दावा किया कि वह इससे अवगत थे कि ‘बीसीसीआई का प्रभावशाली व्यक्ति’ टीम मैनेजर (तृप्ति भट्टाचार्य) और दौरे की चयनकर्ता (सुधा शाह) के संपर्क में था.

मिताली ने बुधवार को प्रशासकों की समिति की सदस्य डायना एडुलजी पर भी पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया था. वनडे टीम की कप्तान ने कहा कि एडुलजी ने उनके खिलाफ अपने पद का उपयोग किया. एडुलजी ने अभी तक मिताली के आरोपों पर प्रतिक्रिया नहीं दी है. चालीस साल के पोवार का अंतरिम कार्यकाल शुक्रवार को समाप्त हो जाएगा.

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