एडवांस्ड सर्च

विराट कोहली ने भी की हार्दिक पंड्या- लोकेश राहुल की आलोचना, 82 साल बाद हुआ इतना सख्त फैसला

पंड्या रविवार को कार्यक्रम के प्रसारण के बाद दो बार अपनी टिप्पणियों पर खेद व्यक्त कर चुके हैं. पहले उन्होंने अपने ट्विटर पेज पर और फिर बुधवार को बीसीसीआई के कारण बताओ नोटिस के जवाब में माफी मांगी थी. दूसरी तरफ राहुल ने अभी तक इस विवाद पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

Advertisement
aajtak.in [Edited By: भारत सिंह]नई दिल्ली, 12 January 2019
विराट कोहली ने भी की हार्दिक पंड्या- लोकेश राहुल की आलोचना, 82 साल बाद हुआ इतना सख्त फैसला विराट कोहली (फोटो- पीटीआई)

हार्दिक पंड्या और केएल राहुल को एक टीवी कार्यक्रम के दौरान महिलाओं पर गई आपत्तिजनक टिप्पणियां काफी भारी पड़ी हैं. इसके बाद उन्हें आगे के मैचों के लिए निलंबित किया गया है. अब उन्हें ऑस्ट्रेलिया से पहली उपलब्ध उड़ान से भारत भेज दिया जाएगा.

इस घटनाक्रम के बाद भारतीय कप्तान विराट कोहली ने भी पंड्या और राहुल की टिप्पणियों पर नाराजगी जताई. इसके कुछ घंटों बाद ही बीसीसीआई ने जांच लंबित होने तक इन दोनों को निलंबित कर दिया. अब ये दोनों शनिवार से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में नहीं खेल पाएंगे.

प्रशासकों की समिति (सीओए) के अध्यक्ष विनोद राय ने कहा, 'पंड्या और राहुल दोनों को जांच लंबित होने तक निलंबित कर दिया गया है.' इसके कुछ घंटों बाद पुष्टि कर दी गई कि इन दोनों को ऑस्ट्रेलिया से स्वदेश भेजने का फैसला किया गया है. दोनों को अपनी सफाई देने के लिए सात दिन का समय दिया गया है.

बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'इन दोनों को स्वदेश भेजा जाएगा. अगर वे कल के लिए टिकट बुक करवा सकते हैं तो फिर वे कल (भारत के लिए) रवाना हो जाएंगे या फिर उसके एक दिन बाद.'

उन्होंने कहा कि वर्तमान हालात में इन दोनों की न्यूजीलैंड दौरे के लिये टीम में जगह बनाने की संभावना भी न के बराबर है. इन दोनों क्रिकेटरों की 'कॉफी विद करण' कार्यक्रम में की गई टिप्पिणयों के कारण बवाल मच गया था. पंड्या ने कार्यक्रम के दौरान कई महिलाओं के साथ संबंध होने का दावा किया और यह भी बताया कि वह इस मामले में अपने परिजनों के साथ भी खुलकर बात करते हैं. राहुल अपने संबंधों के बारे में जवाब देने में हालांकि अधिक संयमित दिखे.

बीसीसीआई सूत्रों ने कहा कि इन दोनों को औपचारिक जांच शुरू होने से पहले नए सिरे से कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा. बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा, 'जांच बीसीसीआई की अंतरिम समिति करेगी या तदर्थ लोकपाल, इसका फैसला अभी नहीं किया गया है.'

पंड्या रविवार को कार्यक्रम के प्रसारण के बाद दो बार अपनी टिप्पणियों पर खेद व्यक्त कर चुके हैं. पहले उन्होंने अपने ट्विटर पेज पर और फिर बुधवार को बीसीसीआई के कारण बताओ नोटिस के जवाब में माफी मांगी थी. दूसरी तरफ राहुल ने अभी तक इस विवाद पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

इन दोनों को निलंबित करने का फैसला तब आया जबकि सीओए में राय की साथी डायना इडुल्जी ने इन दोनों पर 'आगे की कार्रवाई तक निलंबन' की सिफारिश की थी क्योंकि बीसीसीआई की विधि टीम ने महिलाओं पर इनकी विवादास्पद टिप्पणी को आचार संहिता का उल्लंघन घोषित करने से इनकार कर दिया है. इडुल्जी ने शुरुआत में इन दोनों को दो मैचों के लिए निलंबित करने का सुझाव दिया था लेकिन बाद में इस मामले को विधि विभाग के पास भेज दिया जबकि राय उनसे सहमत हो गए थे और निलंबन की सिफारिश कर दी थी.

कानूनी टीम से राय लेने के बाद इडुल्जी ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, 'यह जरूरी है कि दुर्व्यवहार पर कार्रवाई का फैसला लिए जाने तक दोनों खिलाड़ियों को निलंबित रखा जाए जैसा कि (बीसीसीआई) सीईओ (राहुल जौहरी) के मामले में किया गया था जब यौन उत्पीड़न के मामले में उन्हें छुट्टी पर भेजा गया था.' सिडनी में कप्तान कोहली ने भी पहले वनडे की पूर्व संध्या पर इन दोनों की टिप्पणियों की निंदा की. उन्होंने इसे अनुचित बताया लेकिन उन्होंने साथ ही कहा कि वह इस ऑलराउंडर पर प्रतिबंध लगने की संभावना से चिंतित नहीं हैं.

उन्होंने कहा, 'हमारे लिए यह अच्छा है कि हमारे पास (रविंद्र) जडेजा की तरह का खिलाड़ी मौजूद है जो ऐसी स्थिति में हरफनमौला की भूमिका निभा सकता है.' ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट श्रृंखला में ऐतिहासिक जीत के कुछ दिन बाद कोहली ने कहा उनकी टीम इस तरह के 'व्यक्तिगत नजरिये' का समर्थन नहीं करती है। पंड्या और राहुल की टिप्पणियों की सोशल मीडिया में कड़ी आलोचना हुई है.

अगर इन दोनों को ऑस्ट्रेलिया से स्वदेश बुलाया जाता है तो उनकी जगह ऋषभ पंत और मनीष पांडे को टीम में शामिल किया जा सकता है. पंड्या की अंतिम एकादश में जगह पक्की थी लेकिन खराब फॉर्म में चल रहे राहुल शनिवार के मैच के लिए टीम में जगह बनाने के दावेदार नहीं थे. कयास लगाए जा रहे हैं कि बीसीसीआई इस विवाद के बाद खिलाड़ियों को मनोरंजन से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लेने से रोक सकता है.

82 साल बाद होगा ऐसा

हार्दिक पंड्या और केएल राहुल का मामला पिछले 82 साल में केवल दूसरी घटना है जबकि भारतीय क्रिकेटरों को दौरे के बीच स्वदेश भेजा जाएगा.

इससे पहले 1936 में महान लाला अमरनाथ को तत्कालीन कप्तान विजयनगरम के महाराज यानि विज्जी ने एक प्रथम श्रेणी मैच के दौरान कथित अपमान के कारण भारत के इंग्लैंड दौरे के बीच से स्वदेश भेज दिया था.

विदेशी दौरों में कई बार अनुशासनात्मक मसले उठे लेकिन भारतीय क्रिकेट के इतिहास में यह पहला अवसर है जबकि बोर्ड ने कार्रवाई की और दोषी खिलाड़ियों को स्वदेश लौटने के लिये कहा.

लाला अमरनाथ की विज्जी के साथ बहस मुख्य रूप से टीम की राजनीति से जुड़ी थी और आम राय रही है कि ब्रिटिश भारत के तहत एक रियासत के शासक को अपनी योग्यता नहीं बल्कि पद के कारण कप्तानी मिली थी.

ईएसपीएनक्रिकइन्फो में जुलाई 2007 में प्रकाशित एक आलेख के अनुसार अमरनाथ क्षुद्र राजनीति का शिकार हुए थे. पंड्या और राहुल का मामला एकदम से भिन्न है और उन्हें महिलाओं के लिये आपत्तिजनक टिप्पणियां करने की कीमत चुकानी पड़ रही है.

जब सिद्धू छोड़ आए थे दौरा

भारतीय खिलाड़ी के दौरे के बीच से स्वदेश लौटने की एक और घटना 1996 में घटी थी जब नवजोत सिंह सिद्धू कप्तान मोहम्मद अजहरूद्दीन से तीखी बहस के बाद दौरे से हट गए थे.

वह किसी को सूचित किये बिना चुपचाप निकल गए थे जिससे कमरे में उनके साथी को टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण का मौका मिल गया. यह साथी कोई और नहीं बल्कि सौरव गांगुली थे जिन्होंने लार्ड्स में पदार्पण मैच में ही शतक जड़ा था.

पाएं आजतक की ताज़ा खबरें! news लिखकर 52424 पर SMS करें. एयरटेल, वोडाफ़ोन और आइडिया यूज़र्स. शर्तें लागू
Advertisement
पाएं आजतक की ताज़ा खबरें! news लिखकर 52424 पर SMS करें. एयरटेल, वोडाफ़ोन और आइडिया यूज़र्स. शर्तें लागू
Advertisement
Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay