एडवांस्ड सर्च

IPL मैच के लिए पास मांगना अधिकारी को पड़ा भारी, PMO ने की कार्रवाई

केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय के एक आदेश में कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने गुप्ता की समय पूर्व वापसी को तत्काल प्रभाव से मंजूरी दे दी है, आदेश में कोई कारण नहीं बताया गया.

Advertisement
aajtak.in
aajtak.in नई दिल्ली, 12 May 2019
IPL मैच के लिए पास मांगना अधिकारी को पड़ा भारी, PMO ने की कार्रवाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)

केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी को आईपीएल 2019 के मैच का पास मांगना भारी पड़ गया. अधिकारी के कॉम्प्लीमेंट्री पास मांगने की बात जैसे ही सामने आई तो प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से अधिकारी के खिलाफ एक्शन लिया गया. दिल्ली क्रिकेट एसोसिएशन (DDCA) से आईपीएल मैच के लिए कॉम्प्लीमेन्ट्री पास मांगने वाले वरिष्ठ नौकरशाह गोपाल कृष्ण गुप्ता के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति कार्यकाल में कटौती कर दी गई है और उन्हें वापस उनके कैडर-रेल मंत्रालय भेज दिया गया है.

केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय के एक आदेश में कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने गुप्ता की समय पूर्व वापसी को तत्काल प्रभाव से मंजूरी दे दी है, आदेश में कोई कारण नहीं बताया गया.

भारतीय रेल सेवा की यांत्रिक अभियंता शाखा (आईआरएसएमई) के 1987 बैच के अधिकारी गुप्ता प्रतिनियुक्ति पर नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय में संयुक्त सचिव के रूप में पदस्थ हैं.

संबंधित एक शासकीय सूचना के मुताबिक गुप्ता ने मार्च में दिल्ली जिला क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) के अध्यक्ष रजत शर्मा के कार्यालय से एक आईपीएल मैच के लिए कॉम्प्लीमेंट्री पास मांगे थे. DDCA से जवाब न मिलने पर गुप्ता ने शर्मा को तीन अप्रैल को एक पत्र लिखा और घटनाक्रम का ब्योरा दिया.

गुप्ता ने शर्मा की कार्यकारी सहायक सपना सोनी और अपने निजी स्टाफ के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत का उल्लेख किया. उन्होंने रजत शर्मा को लिखे पत्र में कहा, ‘‘मैं नहीं जानता कि यह घटना और घटनाक्रम से जुड़ी कड़ियां, जैसा कि ऊपर उल्लेखित है, आपके संज्ञान में आई हैं या नहीं और आपकी कार्यकारी सहायक ने पास का प्रबंध करने संबंधी मेरी कॉल और मेरे आग्रह के बारे में आपको सूचित किया या नहीं.’’

गुप्ता ने लिखा, ‘‘क्या मैं आग्रह कर सकता हूं कि आपका स्टाफ ऐसे मामलों में शिष्टाचार दिखाए और समय पर जानकारी दे, चाहे जवाब सकारात्मक नहीं हो. मेरा मानना है कि हमें हमारे पदों के प्रति पारस्परिक सम्मान रखना चाहिए.’’

ऐसा माना जाता है कि एक सार्वजनिक मंच पर इस पत्र की प्रति साझा होने के बाद गुप्ता के कार्यकाल में कटौती का निर्णय किया गया.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement
Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay