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IPL-12: सहवाग बोले- धोनी पर जुर्माना काफी नहीं, लगना चाहिए था 2-3 मैचों का बैन

धोनी राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मैच के दौरान अंपायर उल्हास गांधे के फैसले को चुनौती देने डगआउट से निकलकर मैदान पर आ गए थे.

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aajtak.in [Edited By: विश्व मोहन मिश्र]नई दिल्ली, 14 April 2019
IPL-12: सहवाग बोले- धोनी पर जुर्माना काफी नहीं, लगना चाहिए था 2-3 मैचों का बैन धोनी (Twitter-Chennai Super Kings)

भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग का मानना है कि महेंद्र सिंह धोनी को अंपायर उल्हास गांधे से मैदान पर बहस करने के मामले में आसानी से छोड़ दिया गया, जबकि उन पर ‘दो से तीन मैचों का प्रतिबंध’ लगाकर उदाहरण पेश किया जाना चाहिए था.

धोनी राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मैच के दौरान अंपायर उल्हास गांधे के फैसले को चुनौती देने डगआउट से निकलकर मैदान पर आ गए. मैच के दौरान मैदानी अंपायर से बहस करने के बावजूद प्रतिबंध से बच गए, लेकिन उन्हें मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना देना पड़ा.

धोनी की इस हरकत लभगभ सभी ने आलोचना की, लेकिन सहवाग मौजूदा दौर के पहले बड़े भारतीय खिलाड़ी हैं, जिन्होंने उनकी निलंबन की मांग की.

सहवाग ने ‘क्रिकबज’ वेबसाइट से कहा, ‘मुझे लगता है धोनी को आसानी से छोड़ दिया गया और उन्हें 2-3 मैचों के लिए प्रतिबंधित किया जाना चाहिए था. क्योंकि अगर उन्होंने आज ऐसा किया है तो कोई दूसरा क्रिकेटर कल ऐसा कर सकता है. ऐसे में अंपायर का क्या महत्व रह जाएगा.’

सहवाग ने कहा, ‘मुझे लगता है कि उन्हें आईपीएल के कुछ मैचों से प्रतिबंधित किया जाना चाहिए था, जिससे उदाहरण पेश हो सके. मैदान में उतरने की जगह उन्हें बाहर रह कर चौथे अंपायर के वॉकी टॉकी से बात करनी चाहिए थी.’

हसी बोले- हम धोनी विवाद से आगे बढ़ गए हैं

चेन्नई सुपर किंग्स के बल्लेबाजी कोच माइक हसी ने कहा कि कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के अंपायर से बहस करने के विवाद को टीम पीछे छोड़ चुकी है. हसी ने कोलकाता के खिलाफ रविवार को होने वाले मैच से पहले कहा, ‘यह घटना किसी हार की तरह है और आप जल्द से जल्द अगले मैच की तरफ बढ़ना चाहते है. ईमानदारी से कहूं तो हमने इसके बारे में चर्चा नहीं की. हम इससे आगे बढ़ चुके हैं. इसके बारे में ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं.’

हसी ने पूर्व भारतीय कप्तान की तारीफ करते हुए कहा कि वह ऐसे शानदार खिलाड़ी है जो किसी भी परिस्थिति में खेल सकते हैं. उन्होंने कहा, ‘अगर टीम मुश्किल में हो तो आप ने अक्सर देखा होगा कि वह धीरे-धीरे खेलते हुए पारी को आगे बढ़ाते हैं, साझेदारी बनाते हैं और फिर अंतिम ओवरों में बड़े शॉट लगाते हैं.’ ऑस्ट्रेलिया के इस पूर्व बल्लेबाज ने कहा, ‘वह टीम में कई भूमिका निभा सकते हैं और वह बहुत शांत रहते हैं. वह जिस टीम के लिए भी खेले उसके लिए फायदे का सौदा हैं.'

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