एडवांस्ड सर्च

इंग्लैंड के विशाल स्कोर के बाद टीम इंडिया का पलटवार, विजय-पुजारा जमे

मुंबई टेस्ट के दूसरे दिन की सुबह बेन स्टोक्स को कप्तान कोहली के हाथों कैच आउट करवाने के साथ ही अश्विन ने टेस्ट क्रिकेट में अपना 23वां 5 विकेट हॉल हासिल कर लिया है. 23वीं बार एक पारी में 5 विकेट लेने के साथ ही उन्होंने कपिल देव के एक पारी में 23 बार विकेट लेने के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है.

Advertisement
aajtak.in
अमित रायकवार मुंबई, 10 December 2016
इंग्लैंड के विशाल स्कोर के बाद टीम इंडिया का पलटवार, विजय-पुजारा जमे मुंबई टेस्ट मैच का दूसरा दिन

मुंबई में भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे चौथे टेस्ट मैच के दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक टीम इंडिया ने अपनी पहली पारी में एक विकेट के नुकसान पर 146 रन बना लिए हैं. मुरली विजय 70 और चेतेश्वर पुजारा 47 रन बनाकर नॉट आउट लौटे. विजय ने करियर की 15वीं हाफ सेंचुरी लगाई. इंग्लैंड की पहली पारी 400 रनों पर सिमटी थी. वहीं भारतीय टीम 254 रन पीछे है.

राहुल का फ्लॉप शो
टीम इंडिया के सालमी बल्लेबाज केएल राहुल ने फिर निराश किया. वो सिर्फ 24 रन ही बना सके. राहुल और विजय के बीच पहले विकेट के लिए 39 रनों की साझेदारी हुई. राहुल को इंग्लैंड के स्पिन गेंदबाज मोईन अली ने पवेलियन की राह दिखाई.

दूसरे दिन इंग्लैंड की बल्लेबाजी
इंग्लैंड की तरफ से कीटन जेनिंग्स 112, मोईन अली 50 और जोस बटलर ने 76 रनों की पारी खेली. खेल के दूसरे दिन बटलर और जैक बॉल के बीच नौवें विकेट के लिए 54 रनों की साझेदारी हुई. भारत की तरफ से आर अश्विन ने सबसे ज्यादा छह विकेट झटके. इसके अलवा रवींद्र जडेजा को चार विकेट मिले.

अश्विन ने की कपिल देव के रिकॉर्ड की बराबरी
मुंबई टेस्ट के दूसरे दिन की सुबह बेन स्टोक्स को कप्तान कोहली के हाथों कैच आउट करवाने के साथ ही अश्विन ने टेस्ट क्रिकेट में अपना 23वां 5 विकेट हॉल हासिल कर लिया है. 23वीं बार एक पारी में 5 विकेट लेने के साथ ही उन्होंने कपिल देव के एक पारी में 23 बार विकेट लेने के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है. आर अश्विन ने महज 43वें टेस्ट में ये मकाम हासिल कर लिया. जबकि कपिल देव ने 131 टेस्ट की 227 पारियों में ये कारनामा किया था. हरभजन ने 103 टेस्ट मुकाबलों में 25 बार ये कारनामा किया है. जबकि कुंबले ने 132 टेस्ट में 35 बार एक पारी में 5 विकेट अपने नाम किए हैं.

मुंबई टेस्ट मैच के पहले दिन जेनिंग्स ने जड़ा शतक
मुंबई टेस्ट के पहले दिन इंग्लैंड के युवा बल्लेबाज कीटन जेनिंग्स का जलवा रहा. उन्होंने अपने डेब्यू मैच में शानदार 112 रनों की शतकीय पारी खेली. अपनी इस शानदार पारी में उन्होंने 13 चौके लाए. जेनिंग्स और कप्तान कुक के बीच पहले विकेट के लिए 99 रनों की साझेदारी हुई.

इंग्लैंड के विकेट
टीम इंडिया को पहली सफलता स्पिन गेंदबाज रवींद्र जडेजा ने दिलाई. उन्होंने कप्तान एलिस्टर कुक 46 को स्टंप आउट कराया. इसके बाद दूसरी सफलता आर अश्विन ने दिलाई, शानदार फॉर्म में चल रहे इंग्लैंड के मजबूत बल्लेबाज जो रूट 21 के स्कोर पर चलता किया. रूट को विराट कोहली ने स्लिप में कैच किया. इसके बाद मोईन अली और जेनिंग्स की जोड़ी ने पारी को संभला दोनों बल्लेबाजों ने पारी को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया. लेकिन खेल के पहले दिन टी-ब्रेक के बाद मैच में रोमांचक मोड़ आया जब अश्विन ने दोनों सेट हो चुके बल्‍लेबाजों मोईन अली 50 और जेनिंग्‍स 112 को एक ही ओवर में पैवेलियन लौटा दिया. जहां मोईन अली का कैच करुण नायर ने लपका, वहीं जेनिंग्‍स को अश्विन ने चेतेश्‍वर पुजारा के हाथों कैच कराया. दोनों के बीच तीसरे विकेट लिए बेहतरीन 94 रनों की साझेदारी हुई.खेल के दूसरे दिन भी आर अश्विन ने टीम इंडिया को पहली सफलता दिलाई. उन्होंने बेन स्टोक्स को 31 के स्कोर पर आउट किया. सातवां झटका रवींद्र जडेजा ने दिया. उन्होंने क्रिस वॉक्स को 11 रन पर लौटाया. आठवां विकेट भी जडेजा के नाम रहा. आदिल राशिद 4 के स्कोर पर पवेलियन भेजा. लंच के बाद अश्विन ने इंग्लैंड को नौवां झटका दे दिया और जॉस बटलर के साथ 54 रन की साझेदारी कर चुके जेक बॉल को 31 रन पर पार्थिव पटेल को विके के पीछे कैच करा दिया. आखिरी विकेट 400 के स्कोर पर गिरा, जब रवींद्र जडेजा ने जमकर खेल रहे जॉस बटलर को 76 रन पर बोल्ड कर दिया.

इंग्लैंड से हिसाब चुकता करने का मौका
यह मैच ड्रा भी रहता है तो भारत सीरीज जीत जाएगा. इससे पहले इंग्लैंड ने 2011 में इंग्लैंड में, 2012 में भारत में और 2014 में फिर इंग्लैंड में भारत को हराया था. वानखेड़े पर पिछले दो टेस्ट में इंग्लैंड ने भारत को हराया है और 2012 का टेस्ट तो खासकर इसलिए याद रखा जाएगा क्योंकि केविन पीटरसन ने भारतीय सरजमीं पर किसी विदेशी बल्लेबाज की सबसे उम्दा पारियों में से एक खेली थी.

कपिल के रिकॉर्ड की बराबरी करेंगे कोहली

भारत अब लगातार 17 टेस्ट के अपराजेय रिकॉर्ड की बराबरी से सिर्फ एक मैच पीछे है. भारत ने यह कमाल 1985 से 1987 के बीच किया था. इसकी शुरुआत 14 सितंबर 1985 को श्रीलंका के खिलाफ कैंडी में ड्रॉ टेस्ट से हुई और नौ मार्च 1987 को अहमदाबाद में पाकिस्तान के खिलाफ ड्रॉ रहे टेस्ट तक यह सिलसिला चला था. बंगलुरु में जीत का यह क्रम टूटा जब पाकिस्तान ने 16 रन से जीत दर्ज की. उस अपराजेय अभियान में कपिल देव की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने चार जीत दर्ज की थी और बाकी मैच ड्रॉ रहे थे.

टीमें इस प्रकार हैं :
भारत : विराट कोहली (कप्तान), मुरली विजय, चेतेश्वर पुजारा, रविचंद्रन अश्विन, पार्थिव पटेल (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, उमेश यादव, करुण नायर, जयंत यादव, भुवनेश्वर कुमार और लोकेश राहुल.

इंग्लैंड : एलिस्टर कुक (कप्तान), कीटन जेनिंग्स, जॉनी बेयरस्टॉ, जैक बॉल, जोस बटलर, मोईन अली, आदिल राशिद, जो रूट, बेन स्टोक्स, जेम्स एंडरसन और क्रिस वॉक्स.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay