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अनुजा चौहान

अनुजा चौहान लेखिका हैं और विज्ञापन लिखने में उन्होंने खूब नाम कमाया है. 1993 में उन्होंने दुनिया की चौथी सबसे बड़ी एडवरटाइजिंग कंपनी जेडब्ल्यूटी ज्वाइन किया था, जिससे उन्होंने इसी साल इस्तीफा दे दिया.
अनुजा चौहान अनुजा चौहान
आज तकनई दिल्ली, 04 December 2012

अनुजा चौहान लेखिका हैं और विज्ञापन लिखने में उन्होंने खूब नाम कमाया है. 1993 में उन्होंने दुनिया की चौथी सबसे बड़ी एडवरटाइजिंग कंपनी जेडब्ल्यूटी ज्वाइन किया था, जिससे उन्होंने इसी साल इस्तीफा दे दिया. पेप्सी कोला इंडिया के लिए ‘ये दिल मांगे मोर’, ‘मेरा नंबर कब आएगा’, ‘नथिंग ऑफिशियल एबाउट इट’, ओए बब्ली, माउंटेन ड्यू के लिए ‘डर के आगे जीत है’, कुरकुरे के लिए ‘टेढ़ा है पर मेरा है’ जैसे शानदार स्लोगन उनके ही दिए हुए हैं. अनुजा चौहान ने द जोया फैक्टर और बैटिल फॉर बिटोरा जैसी बेस्टसेलर किताबें भी लिखी हैं.

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