Sahitya AajTak
Sahitya AajTak

साहित्य अकादमी ने आयोजित की तमिळ-कश्मीरी अनुवाद कार्यशाला

साहित्य अकादमी ने दिल्ली में तीन दिवसीय तमिळ-कश्मीरी अनुवाद कार्यशाला आयोजित की है. कार्यशाला का उद्घाटन प्रख्यात कश्मीरी लेखक और कश्मीरी परामर्श मंडल के संयोजक डॉ अज़ीज़ हाजिनी द्वारा किया गया.

Advertisement
aajtak.in
aajtak.in नई दिल्ली, 03 December 2019
साहित्य अकादमी ने आयोजित की तमिळ-कश्मीरी अनुवाद कार्यशाला तमिळ-कश्मीरी अनुवाद कार्यशाला

नई दिल्ली: साहित्य अकादमी ने दिल्ली में तीन दिवसीय तमिळ-कश्मीरी अनुवाद कार्यशाला आयोजित की है. कार्यशाला का उद्घाटन प्रख्यात कश्मीरी लेखक और कश्मीरी परामर्श मंडल के संयोजक डॉ अज़ीज़ हाजिनी द्वारा किया गया.

प्रख्यात तमिळ लेखक सिर्पी बालसुब्रहमण्यम इस कार्यशाला में विशेषज्ञ के तौर पर उपस्थित रहेंगे. अनुवाद कार्यशाला में भाग ले रहे प्रमुख लेखक और अनुवादक हैं - प्रो. एजाज़ मो. शेख, मुश्ताक़ अहमद मुश्ताक़,  फ़ारूख़ फ़ैयाज़, अमीन फ़ैयाजी़,  गौरीशंकर रैणा, अंजलि अदा कौल.

अपने उद्घाटन वक्तव्य में डॉ अज़ीज़ हाजिनी ने कहा कि भारतीय भाषाओं में परस्पर अनुवाद साहित्य अकादमी का प्रमुख कार्य हैं. लेकिन सुदूर दक्षिण भारत और दूसरे कोने में स्थित कश्मीरी भाषा के बीच यह अपनी तरह की पहली कार्यशाला है.

कार्यशाला के आरंभ में सभी अनुवादकों एवं विशेषज्ञ का स्वागत करते हुए साहित्य अकादेमी के उपसचिव (प्रशासन) डॉ एस. राजमोहन ने कहा कि ‘‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’’ योजना के अंतर्गत यह पहली कार्यशाला है.

कार्यशाला तीन दिन चलेगी. इस दौरान तमिळ से अनूदित कश्मीरी कहानियों को एक किताब के रूप में साहित्य अकादमी द्वारा प्रकाशित किया जाएगा. उद्घाटन सत्र का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन साहित्य अकादमी के संपादक अनुपम तिवारी द्वारा किया गया.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay