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मैक्सिको के 33वें ग्वादलजारा अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले में भारत होगा सम्मानित अतिथि

स्पेनिश भाषा जगत के सबसे बड़े 33वें ग्वादलजारा अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले में इस साल भारत को सम्मानित अतिथि के रूप में नामित किया गया है, जिसमें राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत देश की नुमांदगी करेगा

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aajtak.in [Posted By: जय प्रकाश पाण्डेय]नई दिल्ली, 11 June 2019
मैक्सिको के 33वें ग्वादलजारा अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले में भारत होगा सम्मानित अतिथि मैक्सिको में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एनबीटी और ग्वादलजारा पुस्तक मेले के अधिकारी

नई दिल्लीः स्पेनिश भाषा जगत का सबसे बड़ा पुस्तक मेला इस साल 30 नवंबर से 8 दिसंबर के बीच मैक्सिको के ग्वादलजारा में होगा. 33वें ग्वादलजारा अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले में भारत को सम्मानित अतिथि के रूप में नामित किया गया है. पिछले दिनों मैक्सिको में भारतीय दूतावास में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत के अध्यक्ष, प्रो. गोविंद प्रसाद शर्मा; मैक्सिको में भारत के राजदूत मुक्तेश के. परदेशी तथा एनबीटी के संपादक एवं परियोजना प्रभारी कुमार विक्रम द्वारा ग्वादलजारा अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेला-2019 के लिए भारतीय कायक्रमों की व्यापक रूपरेखा की घोषणा की गई. इस मौके पर पुस्तक मेले के आयोजकों की तरफ से महानिदेशक, एफआईएल, मेरिसोल स्कूल्ज़ मनौत ने भी प्रेस कॉन्प्रेंस को संबोधित किया.

याद रहे कि भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत उक्त पुस्तक मेले में अतिथि देश की प्रस्तुतीकरण के समन्वयन हेतु नोडल एजेंसी है. ग्वादलजारा अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले के इस संस्करण में भारत अपनी समृद्ध एवं सामासिक साहित्यिक व सांस्कृतिक विरासत की विस्तृत शृंखला का प्रदर्शन करेगा, जिनमें शामिल होंगे - 35 से अधिक लेखक/कलाकार/वैज्ञानिक/विज्ञान संचारक/बाल साहित्यिकार.

इस अवसर पर 15 प्रकाशन गृह; साहित्यिक एवं शैक्षणिक गतिविधियाँ जैसे सम्मेलन, प्रकाशक राउंड टेबल, विज्ञान एवं अन्य शैलियों पर आधारित चर्चाएँ एवं प्रस्तुतीकरण; प्राचीन एवं दुर्लभ पांडुलिपियों, सचित्र पुस्तकों तथा हस्तशिल्प व चित्रकला पर आधारित वॉल हैंगिंग की 3 विशाल प्रदर्शनियाँ; भारत की 40 प्रसिद्ध महिला कलाकारों द्वारा आधुनिक कला प्रस्तुति की जाएगी.

इसी दौरान वृहत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति 'भारतीय महोत्सव' के नाम से आयोजित होगी, जिसमें 10 कन्सर्ट किए जाएंगे. ये प्रस्तुतियां लोक, शास्त्रीय तथा समकालीन; तथा भारतीय साहित्य पर आधारित एक कलात्मक प्रस्तुति सहित अन्य अनेक गतिविधियों को उजागर करेगी. इस विशाल पुस्तक समारोह में 2000 से अधिक भारतीय पुस्तकों की अपेक्षित बिक्री एवं प्रदर्शनी का अनुमान है, जिनमें अनुवाद, अनुबंध तथा प्रतिलिप्यधिकार (कॉपीराइट) विनिमय भी शामिल हैं.

इस दौरान विज्ञान पर आधारित भारतीय फीचर फिल्मों का फिल्म महोत्सव; भोजन-महोत्सव; ग्वादलजारा के विभिन्न स्थानों तथा कासाइंडिया के तहत भारतीय व्यंजनों, हस्तशिल्प तथा कलाकृतियों की बिक्री एवं प्रदर्शनी हेतु एक सांस्कृतिक हब बनाया जाएगा और स्ट्रीट शोज़ भी होंगे, जिसमें भारत की सक्रिय भागीदारी होगी.

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