Sahitya AajTak

कवि लीलाधर जगूड़ी को उनके कविता संग्रह 'जितने लोग उतने प्रेम' के लिए 2018 का व्यास सम्मान

हिदी के वरिष्ठ कविहिदी के वरिष्ठ कवि लीलाधर जगूड़ी को वर्ष 2018 के लिए व्यास सम्मान देने की घोषणा की गई है. यह सम्मान 2013 में प्रकाशित उनके कविता संग्रह 'जितने लोग उतने प्रेम' के लिए दिया जा रहा है.

Advertisement
जय प्रकाश पाण्डेयनई दिल्ली, 15 March 2019
कवि लीलाधर जगूड़ी को उनके कविता संग्रह 'जितने लोग उतने प्रेम' के लिए 2018 का व्यास सम्मान कवि लीलाधर जगूड़ी

मैं वह ऊंचा नहीं जो मात्र ऊंचाई पर होता है

कवि हूं और पतन के अंतिम बिंदु तक पीछा करता हूं

हर ऊंचाई पर दबी दिखती है मुझे ऊंचाई की पूंछ

लगता है थोड़ी सी ऊंचाई और होनी चाहिए थी...

यह कविता जब हिदी के वरिष्ठ कवि लीलाधर जगूड़ी ने 'ऊंचाई है कि' शीर्षक से लिखी थीं, तो उन्हें यह अवश्य भान नहीं रहा होगा कि साहित्य जगत आने वाले समय में उन्हें सम्मान से लाद देगा. उनका ताजा पुरस्कार के. के बिड़ला फाउंडेशन की ओर से दिया जाने वाला प्रतिष्ठित व्यास सम्मान है. लीलाधर जगूड़ी को वर्ष 2018 के लिए व्यास सम्मान देने की घोषणा की गई है. यह सम्मान 2013 में प्रकाशित उनके कविता संग्रह 'जितने लोग उतने प्रेम' के लिए दिया जा रहा है.

लीलाधर जगूड़ी हिंदी के वरिष्ठ कवियों में से एक हैं और उनको अबतक कई सम्मान और पुरस्कार मिल चुके हैं. 2004 में उनको पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है. इसके अलावा उनको 'अनुभव के आकाश में चांद' के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार भी मिल चुका है. वह उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान के सम्मान, उत्तराखंड गौरव सम्मान, रघुवीर सहाय सम्मान, भारतीय भाषा परिषद शतदल सम्मान, नमित पुरस्कार, आकाशवाणी पुरस्कार आदि से सम्मनित हो चुके हैं.

व्यास सम्मान के तहत लीलाधर जगूड़ी को चार लाख रुपए की नगद राशि दी जाएगी. लीलाधर जगूड़ी को व्यास सम्मान देने का फैसला जिस चयन समिति ने किया, उसके अध्यक्ष साहित्य अकादमी के महत्तर सदस्य प्रोफेसर विश्वनाथ तिवारी थे. उनके अलावा चयन समिति में प्रोफेसर रामजी तिवारी, पांडे शशिभूषण शीतांशु, राजेन्द्र गौतम, अरुणा गुप्ता और सुरेश ऋतुपर्ण शामिल थे.

लीलाधर जगूड़ी का जन्म 1 जुलाई, 1940 को उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल के एक गांव में हुआ था. उन्होंने शिक्षक की नौकरी की और उसके बाद उत्तर प्रदेश सूचना विभाग में अधिकारी रहे. फिलहाल वह देहरादून में रहते हैं. उनकी प्रमुख कृतियां हैं, कविता संग्रह: शंखमुखी शिखरों पर, नाटक जारी है, इस यात्रा में, रात अब भी मौजूद है, बची हुई पृथ्वी, घबराए हुए शब्द, भय भी शक्ति देता है, अनुभव के आकाश में चाँद, महाकाव्य के बिना, ईश्वर की अध्यक्षता में, खबर का मुँह विज्ञापन से ढँका है; नाटक: पाँच बेटे; गद्य: मेरे साक्षात्कार आदि.

व्यास सम्मान पिछले दस वर्षों में प्रकाशित कृति पर लेखक को दिया जाता है. साल 2017 का व्यास सम्मान हिंदी की प्रख्यात लेखिका ममता कालिया को दिया गया था. हिंदी साहित्य और काव्यजगत ने लीलाधर जगूड़ी को यह सम्मान मिलने पर खुशी जाहिर की है.

पाएं आजतक की ताज़ा खबरें! news लिखकर 52424 पर SMS करें. एयरटेल, वोडाफ़ोन और आइडिया यूज़र्स. शर्तें लागू
Advertisement
पाएं आजतक की ताज़ा खबरें! news लिखकर 52424 पर SMS करें. एयरटेल, वोडाफ़ोन और आइडिया यूज़र्स. शर्तें लागू
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay