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किताब 'अ गिफ्ट ऑफ ग्रेस' में हैं गुरुनानक देव के आध्यात्मिक संदेश

550th Birth Anniversary Guru Nanak Dev: गुरुनानक देव के आध्यात्मिक संदेशों को अगर एक पुस्तक सबसे करीब से दर्शाती है तो वो है A Gift of Grace. ये पुस्तक लेखिका दलेर आशना देओल ने लिखी है.

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aajtak.in नई दिल्ली, 12 November 2019
किताब 'अ गिफ्ट ऑफ ग्रेस' में हैं गुरुनानक देव के आध्यात्मिक संदेश दलेर आशना देओल

550th Birth Anniversary Guru Nanak Dev: गुरुनानक देव के आध्यात्मिक संदेशों को अगर एक पुस्तक सबसे करीब से दर्शाती है तो वो है A Gift of Grace. ये पुस्तक लेखिका दलेर आशना देओल ने लिखी है.

दलेर आशना देओल दिल्ली विश्वविद्यालय में 13 वर्षों तक राजनीति विज्ञान में लेक्चरर के तौर पर काम कर चुकी हैं. इस दौरान उनकी राजनीतिक सिद्धांत और तुलनात्मक राजनीति पर तीन पुस्तकें प्रकाशित हुई थीं. उन्होंने साल 1983 में यूएसए जाने के बाद एक स्वतंत्र सलाहकार के रूप में काम किया. वहां वो भारतीय भाषाओं, संस्कृति और अमेरिकी विदेशी सेवा के अधिकारियों और अन्य एजेंसी के कर्मचारियों को राजनीति सिखाने का काम करती थीं.

उन्होंने जपजी: द पाथ ऑफ भक्ति मेडिटेशन विद सुरिंदर देओल का सह-लेखन किया, जो कि 1998 में यूएसए में प्रकाशित हुई थी. हिंदी में रूबरू शीर्षक से उनका पहला कविता संग्रह 2012 में आया था, उन्होंने मौलाना रूमी और रवींद्रनाथ टैगोर की कविताओं के संग्रह का 'तू ही तू' में अनुवाद किया है. वो पोटोमैक मैरीलैंड में रहती हैं.

उनकी किताब के बारे में दिल्ली विश्वविद्यालय के बुद्धिस्ट स्टडीज सेंटर फॉर द एडवांस्ड स्टडी ऑफ बुद्धिज्म के प्रोफेसर व हेड करम तेज एस. सराव ने लिखा है. उन्होंने लिखा है कि ए गिफ्ट ऑफ ग्रेस आधुनिक पाठक के लिए गुरु नानक के मूल आध्यात्मिक संदेश को सरल बनाता है. पुस्तक का भाग I,  गुरु के विश्वदृष्टि के आध्यात्मिक आधार और भगवान की प्रकृति के बारे में उनकी कार्डिनल धार्मिक मान्यताओं को बताता है.

पुस्तक के विषयों में आध्यात्मिक यात्रा के विभिन्न चरणों को शामिल किया गया है. इसमें बताया गया है कि कैसे एक पुण्य जीवन का नेतृत्व करने के लिए प्राकृतिक दुनिया के साथ सामंजस्य बिठाने के साथ करुणा विकसित करना और दूसरों की मदद करना शामिल है.  जपजी साहिब, जो कि अर्धवार्षिक पाठ और गुरु नानक की विलक्षण विरासत की धुरी है, में शामिल है.

पुस्तक के भाग II में इसकी संपूर्णता है सभी ध्यान संक्षिप्त विवरण के साथ, अनूदित पाठ, अंग्रेजी अनुवाद में दिए गए हैं. जपजी साहिब के अलावा, इस पुस्तक के भाग III में गुरु नानक के भजनों का प्रतिनिधि चयन शामिल है. दलेर आशना देओल की पुस्तक गुरु नानक की शिक्षाओं का अब तक का सबसे गहन अवलोकन प्रदान करती है.

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