'इंटरनेट किताबें भले न खत्म करे, लेकिन पढ़ने का तरीका जरूर बदल देगा'

तीन दिन तक चलने वाले साहित्य आजतक 2018 में सजे मंचों पर आप साहित्य और कलाप्रेमी शब्द, कला, कविता, संगीत, नाटक, सियासत और संस्कृति से जुड़ी बातों को देखेंगे और सुनेंगे.

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विवेक पाठक नई दिल्ली, 19 November 2018
'इंटरनेट किताबें भले न खत्म करे, लेकिन पढ़ने का तरीका जरूर बदल देगा' क्या इंटरनेट के दौर में खो गई हैं किताबें?

'साहित्य आजतक-2018' के हल्लाबोल मंच पर इंटरनेट और कंप्यूटर के दौर में किताबें कहां गुम हो गईं, विषय पर दिलचस्प चर्चा हुई. 'तेज' चैनल के सीनियर एक्जिक्यूटिव एडिटर संजय सिन्हा ने कहा कि जिस तरह ग्रामोफोन गायब हो गया और उसकी जगह सीडी और डीवीडी प्लेयर ने ली, लेकिन संगीत और गाने गायब नहीं हुए, इसी तरह किताबें भले गायब न हो लेकिन इन्हें पढ़ने का तरीका बदल जाएगा.

'क्या खो गई हैं किताबें इस इंटरनेट के दौर में?' नाम के सत्र में साहित्य में दिलचस्पी रखने वाले दिल्ली यूनीवर्सिटी के छात्रों ने एक स्वर में इस बात को खारिज किया कि इंटरनेट कभी भी किताबों को खत्म कर सकता है. हालांकि यह सबने माना कि यह पढ़ने और लिखने का तरीका जरूर बदल सकता है लेकिन किताबों की जगह नहीं ले सकता.

हंसराज कॉलेज के छात्र प्रशांत चौधरी ने कहा कि किताबें कोई मोनोलिथिक कल्चर नहीं है, जब हम समझने की कोशिश करते तो देखते हैं कि इंटरनेट कहीं न कहीं किताबों को प्रमोट ही करता है, हम इंटरनेट के जरिए किताबों के बारे में जानते हैं और खरीदते हैं. इसलिए वे नहीं मानते कि इंटरनेट किताबों को खत्म कर सकता है. हालांकि उन्होंने माना कि कहीं न कहीं इंटरनेट ध्यान भटकाता है, लेकिन कुछ लोगों ने इंटरनेट को महज सोशल मीडिया तक सीमित कर दिया है जबकि इसका दायरा बहुत बड़ा है इसलिए महज पॉर्नसाइट, सोशल मीडिया तक सीमित करना उचित नहीं है. 

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इंद्रप्रस्थ महिला कॉलेज की छात्रा श्रावस्ती हलदर ने कहा आज भी लोग किताबें दिलचस्पी रखते हैं. लेकिन इंटरनेट एक माध्यम है जहां लोग अपनी रचना को शेयर कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि इंटरनेट किताबों की खुशबू और उसके स्पर्श की जगह नहीं ले सकता.

वहीं हिंदू कॉलेज के छात्र उत्कर्ष चौधरी ने कहा कि यदि एक कवि के नाते मुझे अपनी रचनाएं छपवानी है तो प्रकाशक दस बार सोचेगा कि कहीं ये चलेगी या नहीं. लेकिन वर्डप्रेस और सोशल मीडिया कम्यूनिटी पर अपनी रचनाएं साझा कर सकते और उस पर प्रतिक्रिया पा सकते हैं.

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