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कथाकार बोले, सोशल मीडिया ने लघु कथा को बड़ा बना दिया

'साहित्य आजतक' के सीधी बात मंच पर 'एक बड़ी सी लघु कथा' सत्र में लघु कहानियों के विकास के बारे में बात की गई. इस सत्र में भाग लिया सुकेश साहनी और गिरींद्र नाथ झा ने. इसका संचालन किया रोहित सरदाना ने.

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aajtak.in [Edited by : अमित राय]नई दिल्ली, 19 November 2018
कथाकार बोले, सोशल मीडिया ने लघु कथा को बड़ा बना दिया  सुकेश साहनी और गिरींद्र नाथ झा [फोटो- आजतक]

लघु कथा का बाजार बढ़ रहा है, बहुत से लोग हैं जो सोशल मीडिया पर खूब लिख रहे हैं और शेयर भी कर रहे हैं. ऐसे लोगों को कॉपीराइट की चिंता नहीं है. ये बातें कहीं लघु कथा से प्रसिद्धी पा रहे गिरींद्र नाथ झा ने. सत्र में पहुंचे सुकेश साहनी ने कहा कि लघु कथा के लिए वरदान है कि वह कम समय में पढ़ ली जाती है. आज के समय में किसी के पास समय नहीं है.  

रोहित सरदाना के इस सवाल पर कि साहित्य का बाजार बढ़ रहा है तो लघु कथा का बाजार क्यों घट रहा है. इस पर सुकेश साहनी ने कहा कि ऐसा नहीं है उनकी कई कहानियों पर शॉर्ट फिल्में बनीं हैं. कई पॉपुलर भी हुई हैं. गिरींद्र झा ने कहा कि सोशल मीडिया ने उन्हें मंच दिया है. वह 2015 के बाद की बात करेंगे. उनकी कहानियां दिल्ली से बिहार जाती हैं और बिहार से दिल्ली भी आती हैं.

गिरींद्र झा ने एक कहानी सुनाई जिसमें नायक अपनी दोस्त को मुखर्जी नगर से कैंप छोड़ने जा रहा था लेकिन एक ही मोड़ पर दोनों खड़े रह गए थे.

सुकेश साहनी ने खलील जिब्रान की 100 साल पहले लिखी कहानी सुनाई जिसमें पर्यावरण को बचाने का संदेश भी है और मनुष्य को लालच को दिखाया गया है.

सुकेश साहनी ने 'मेढकों के बीच' कहानी सुनाई. रोहित सरदाना के इस सवाल पर कि क्या सिर्फ यही लिखा जा रहा है कि वह छोड़ गई, इस पर गिरींद्र नाथ झा का कहना था कि पहले ऐसा होता था लेकिन अब सरोकर जुड़ गए हैं. हालांकि वह बहुत गंभीर बात नहीं लिखते.  

इसके बाद उन्होंने कनॉट प्लेस से जेएनयू के सफर वाली कहानी सुनाई. उन्होंने कहा कि शहर और सांप की आंखें एक जैसी होती हैं. सुकेश साहनी का कहना था कि बड़ी लघु कथा तभी बनती है जब उसमें जीवन का गर्म लहू दौड़ने लगे. कोई भी रचना किसी भी विधा की बात हो. वह पहले किसी घटना को देखकर उसे पकाते हैं फिर कहानी लिखते हैं. साहनी ने कहा कि हर विधा के पाठक अलग-अलग होते हैं. उपन्यास के पाठक अलग हैं तो कहानी के अलग, लघु कहानी की अलग. गिरींद्र का कहना है कि लघु कथाओं का बाजार बढ़ रहा है. इसके बाद उन्होंने शबाना और अर्जुन की प्रेम कहानी सुनाई. 

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