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साहित्य आजतक : लोक संगीत और साहित्य पर चर्चा

साहित्य आजतक : लोक संगीत और साहित्य पर चर्चा
aajtak.in[Edited By: दीपक कुमार]नई दिल्‍ली, 19 November 2018

लोक से जुड़ा है जीवन और जीवन से जुड़ा है संगीत और साहित्य और किसी भी काल का लोक संगीत और लोक साहित्य का कोई मुकाबला नहीं होता है. साहित्य आज तक के मंच पर डॉ उषाकिरण खान और लीलाधर जगुड़ी ने 'लोक संगीत और साहित्य' विषय पर चर्चा की. उन्होंने बताया कि किस तरह से लोक गीत की लोकप्रियता कम हो रही है और लोक का असल मतलब क्या है...
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Dr.Usha Kiran Khan and Leeladhar Jagudi discussed folk music and literature on the stage of sahitya aajtak 2018. He told how the popularity of folk songs is decreasing and what the real meaning of folk is..

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