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शब्दों और अर्थों में जब मेल हो तभी कविता का खेल हो: अशोक चक्रधर

शब्दों और अर्थों में जब मेल हो तभी कविता का खेल हो: अशोक चक्रधर
aajtak.in [Edited by: सना जैदी]नई दिल्ली, 13 November 2016

साहित्य आज तक के मंच पर 'कवि कुछ ऐसी तान सुनाओ' सेशन में मशहूर कवि हरिओम पंवार, मधु मोहिनी उपाध्याय, पॉपुलर मेरठी, अशोक चक्रधर और डॉ. कुंवर बेचैन ने अपनी कविताएं सुनाईं. अशोक चक्रधर बोले-शब्दों और अर्थों में जब मेल हो तभी कविता का खेल हो. एटीएम में लोग लाइन लगाए खड़े हैं, वो शब्द हैं जो मोतियों से जड़े हैं.

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