एडवांस्ड सर्च

मौजूदा वित्तमंत्री पी. चिदंबरम का जीवन-परिचय

सारी दुनिया पैसे (अर्थव्‍यवस्‍था) के दम पर चलती है. दुनिया में कुछ शख्सियतें ऐसी भी होती हैं, जिन्‍हें पैसे को चलाने का हुनर बखूबी आता है. भारत में पी. चिदंबरम की गिनती ऐसी ही शख्सियतों में होती है.

Advertisement
आज तक वेब ब्‍यूरोनई दिल्‍ली, 31 January 2013
मौजूदा वित्तमंत्री पी. चिदंबरम का जीवन-परिचय पी. चिदंबरम

सारी दुनिया पैसे (अर्थव्‍यवस्‍था) के दम पर चलती है. दुनिया में कुछ शख्सियतें ऐसी भी होती हैं, जिन्‍हें पैसे को चलाने का हुनर बखूबी आता है. भारत में पी. चिदंबरम की गिनती ऐसी ही शख्सियतों में होती है.

पी. चिदंबरम देश के वित्त मंत्री हैं. एक तबके का ऐसा भी मानना है कि पी. चिदंबरम आगामी लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के दावेदार हो सकते हैं. वैसे इस बारे में कांग्रेस पार्टी ने किसी तरह की घोषणा नहीं की है.

पूर्व वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी के राष्‍ट्रपति बनने के बाद पी. चिदंबरम को वित्तमंत्री के पद पर बिठाया गया. इससे ठीक पहले वे केंद्रीय गृहमंत्री थे.

तमिलनाडु के छोटे-से गांव में जन्‍म
पी. चिदंबरम का जन्म 16 सितंबर, 1945 को तमिलनाडु के गांव कनाडुकथन में हुआ था. उनका पूरा नाम पलानीअप्पन चिदंबरम है. चिदंबरम ने आरंभिक शिक्षा मद्रास क्रिश्चियन सेकेंडरी स्कूल, चेन्नई से पूरी की. उन्‍होंने चेन्नई के प्रेसिडेंसी कॉलेज से विज्ञान में सांख्यिकी विषय के साथ स्नातक की डिग्री हासिल की. उन्‍होंने बोस्टन के हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से बिजनेस मैनेजमेंट में मास्‍टर डिग्री हासिल की.

शुरुआती दौर में वकालत से जुड़े चिदंबरम
पी. चिदंबरम शुरुआती दौर में चेन्नई हाईकोर्ट में वकालत करते थे. साल 1984 में वे वरिष्ठ वकील के तौर पर नामित हुए. चिदंबरम कई राज्‍यों के हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में बतौर वकील काम कर चुके हैं. पी. चिदंबरम के परिवार में पत्नी नलिनी चिदंबरम और एक बेटा है.

काफी अनुभवी राजनेता हैं चिदंबरम
पी. चिदंबरम एक मंजे हुए अनुभवी राजनेता हैं. यह अलग बात है कि कई अवसर पर चिदंबरम के निर्णय की काफी आलोचना हुई. जनलोकपाल आंदोलन जब चरम पर था, तो चिदंबरम देश के गृहमंत्री थे. जब दिल्‍ली पुलिस ने कानून व्‍यवस्‍था बिगड़ने का हवाला देकर अन्‍ना हजारे को गिरफ्तार करके उन्‍हें तिहाड़ भेजा, तो पी. चिदंबरम पर उंगली उठी. तब ऐसा कहा गया कि इस अप्रिय स्थिति के लिए देश के गृहमंत्री होने के नाते चिदंबरम ही जिम्‍मेदार हैं.

अन्‍ना हजारे की गिरफ्तारी के मामले में चिदंबरम की खूब किरकिरी हुई. रामलीला मैदान में योगगुरु रामदेव के समर्थकों पर हुए लाठीचार्ज के मामले में भी पी. चिदंबरम पर सवाल उठाए गए.

सियासी जीवन में आता रहा उतार-चढ़ाव
पी. चिदंबरम ने वर्ष 1972 में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की सदस्यता ग्रहण की. चिदंबरम 1973 में तमिलनाडु में युवा कांग्रेस अध्यक्ष और तमिलनाडु कांग्रेस प्रदेश समिति के महासचिव भी रह चुके हैं. वर्ष 1984 में तमिलनाडु के शिवगंगा निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा चुनाव जीतने के साथ पी. चिदंबरम सक्रिय राजनीति में आए. इस सीट से उन्होंने लागातार 6 बार तक जीत दर्ज की.

कई अहम ओहदों पर किया काम
राजीव गांधी सरकार के अंतर्गत पी. चिदंबरम कार्मिक मंत्रालय और वाणिज्य मंत्रालय में उप-मंत्री के तौर पर कार्य कर चुके हैं. साल 1986 में पी. चिदंबरम को लोक-शिकायत व पेंशन मंत्रालय के साथ कार्मिक मंत्रालय में भी मंत्री पद मिला. साल 1986 के अक्टूबर में पी. चिदंबरम को केन्द्रीय गृह मंत्रालय में, आंतरिक सुरक्षा मंत्री का पदभार दिया गया. साल 1991 में पी. चिदंबरम को राज्य मंत्री के पद पर वाणिज्य मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभारी बनाया गया. वर्ष साल 1995 में वह दोबारा इस पद पर आसीन हुए.

साल 2008 में बने गृहमंत्री
वर्ष 2004 में मनमोहन सरकार के अंतर्गत दोबारा पी. चिदंबरम को वित्त-मंत्रालय सौंपा गया. इस पद पर वह 2008 तक रहे. साल 2008 में दिल्ली में हुए आतंकवादी धमाकों के बाद तत्कालीन गृहमंत्री शिवराज पाटिल के इस्तीफा दिए जाने के बाद पी. चिदंबरम को गृहमंत्री बनाया गया.

विवादों से रहा गहरा नाता
पी. चिदंबरम का विवादों से नाता कभी छूट नहीं पाया. चिदंबरम पर संसद में हिंदीभाषी सांसद और हिंदुओं के खिलाफ टिप्पणी करने जैसे कई आरोप लगे. चिदंबरम पर यह भी आरोप लगा कि वह राजीव गांधी ट्रस्ट के निदेशकों में से एक हैं. पी. चिदंबरम को किताबें पढ़ने का बहुत शौक है. चिदंबरम बैडमिंटन और शतरंज जैसे खेलों में दिलचस्पी रखते हैं.

Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay