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'पंचायत...' में भुजबल व तावड़े के बीच बहस

मुंबई में चल रही 'पंचायत आज तक' में महाराष्‍ट्र में होने जा रहे विधानसभा चुनाव पर मंथन जारी है. इस कार्यक्रम में कई नामी‍-गिरामी शख्‍स‍ियतें शिरकत कर रही हैं. लंच के बाद शुरू हुए सेशन में एनसीपी नेता छगन भुजबल और बीजेपी नेता विनोद तावड़े के बीच सियासी बहस हुई.
'पंचायत...' में भुजबल व तावड़े के बीच बहस छगन भुजबल और विनोद तावड़े
ajtak.in [Edited By: रंजीत सिंह]मुंबई, 13 September 2014

मुंबई में चल रही 'पंचायत आज तक' में महाराष्‍ट्र में होने जा रहे विधानसभा चुनाव पर मंथन जारी है. इस कार्यक्रम में कई नामी‍-गिरामी शख्‍स‍ियतें शिरकत कर रही हैं. लंच के बाद शुरू हुए सेशन में एनसीपी नेता छगन भुजबल और बीजेपी नेता विनोद तावड़े के बीच सियासी बहस हुई.

छगन: हमारे आरोपी झूठे आरोप लगाते हैं कोर्ट में फर्जी पीआईएल डालते हैं. मीडियाबाजी होती है. दम नहीं है, पर फिर भी दम लगाते रहते हैं.

तावड़े: इस चुनाव का अहम मुद्दा भ्रष्टाचार है. राज्य सरकार पॉलिसी पैरेलिसिस का शिकार रही है. ये कितना भी कहें कि आरोप झूठ हैं. मगर कोर्ट और ऑडिटर जनरल ने उंगली उठाई है.

छगन: 10 साल पहले इन्होंने तेलगी स्कैम में आरोप लगाए थे. मैंने इस्तीफा दिया. वाजपेयी सरकार थी. सीबीआई ने जांच की. पूरी चार्जशीट में मेरा नाम तक नहीं आया. मगर मेरा नाम बदनाम होता रहा. करें तो करें क्या. इनका काम हो जाता है.

तावड़े: क्या आप पूरे बल के साथ कह सकते हैं कि सिंचाई में घोटाला नहीं हुआ.

भुजबल: मेरे नाम में ही बल है. जो कहता हूं पूरे बल के साथ कहता हूं. रही विकास की बात, तो कुछ न कुछ इलजाम लग ही जाते हैं, कितना भी काम कर लो अब.

क्या होंगे प्रचार के मुद्दे, क्या मोदी होंगे मुद्दा?
भुजबल: आजकल इनके मोदी साहब के चलते हौसले बुलंद हैं. इन्हें लगता है कि जो चमत्कार लोकसभा में हुआ. वही करके दिखाएंगे. साफ है कि विरोधी मोदी जी के बारे में बोलेंगे. जब रेलवे का बजट आया. हम नासिक मुंबई चाहते थे. मगर मोदी साहब आए तो मुंबई अहमदाबाद बुलेट ट्रेन का विचार लेकर आ गए. मुंबई दिल्ली क्यों नहीं किया. हर बात गुजरात से क्यों जोड़ी जाती है. हमारे हीरा व्यापारी को बोलते हैं कि सूरत में आओ. लव जेहाद, अब इसी को लीजिए. लव क्या जानबूझकर आता है क्या. इस पर मैंने कहा कि अगर हिंदू लड़का और मुस्लिम लड़की हो. सुनील दत्त नरगिस हैं. सुनील शेट्टी और माना हैं. तो इसे क्या कहेंगे, लव सनातन. ये कुछ न कुछ चलाते रहते हैं. अब कहते हैं कि साईं बाबा की पूजा मत करो. तुम्हें क्या करना है, कौन कहां जाता है. ये सब मोदी के इर्द गिर्द के लोगों का करा धरा है.

तावड़े: ये इनकी दिक्कत है. आपको मुंबई अहमदाबाद बुलेट ट्रेन दी गई. सोलर के लिए दूसरे राज्यों को बजट दिया गया. इन पर मोदी का भूत सवार है.

भुजबल: अभी मुख्यमंत्री के लिए इनके चार पांच लोग हैं. अभी यहां आकर उद्धव जी बोले, मैं सीएम बनना चाहता हूं. फिर बोले, नहीं बनना चाहता हूं. फिर कहा, जी बन सकता हूं.

तावड़े: हमारी सरकार बनने जा रही है. इसलिए नाम आ रहे हैं. आप हार रहे हैं. इसलिए सब नाम गुल हैं.

भुजबल: मैं ये कहना चाहता हूं कि पंथ प्रधान, पीएम सारे देश के होते हैं. एख राज्य पर फोकस न करें. हमारे यहां के किसान रो रहे हैं. प्याज का दाम इतना गिर गया है. कि जो उपज के लिए खर्चा होता है, वह भी नहीं आ रहा. अनार खत्म हो गया. टमाटर खत्म हो गया. ये सब मोदी सरकार की नीति है.

तावड़े: छत्रपति का आशीर्वाद. चलो चलें मोदी के साथ. ये हमारा नारा रहेगा. ये मोदी जी की कितनी भी आलोचना करें. उन्होंने 100 दिन में जितना दिया, वह हम गिनाएंगे. कांग्रेस-एनसीपी की 15 साल की करतूत बताएंगे. मोदी जी ने एम्स अस्पताल दिया. आईआईएम दिया. एसईजेड आया. इससे रोजगार मिलेगा. 8 लाख करोड़ किसानों के गोदाम के लिए आवंटित हुआ. सिंचाई के लिए बजट में प्रावधान हुआ है.

भुजबल: मोदी जी आजकल उद्घाटन कर रहे हैं. एक महीने के भीतर इतने फीते काटे. तो क्या सारे काम इतने ही अंतराल में हो गए. मोदी जी कहते थे कि यूपीए सरकार ने पांच साल में कुछ नहीं किया. तो फिर फीते किस चीज के काट रहे हैं.

तावड़े: आपने कोयला घोटाला किया. 2 जी घोटाला किया. मुंबई का बांद्रा वर्ली सी-लिंक है. एक्सप्रेस वे का काम गडकरी जी ने किया. रही भुजबल की नौटंकी की बात. तो ये 15 साल से यही तमाशा कर रहे हैं. मगर जनता को अब सब नजर आ रहा है.

सांप्रदायिकता का सवाल
भुजबल- लव जेहाद, साईं बाबा या और जो भी मुद्दे हों. उन्हें बीजेपी वाले बढ़ावा दे रहे हैं. तावड़े- ये क्या लॉजिक है. क्या बचपना है. आपका गृह मंत्री ठीक से काम नहीं कर रहा. और तोहमत पीएम मोदी जी पर मढ़ रहे हैं.

भुजबल- इस देश में दंगा फैलाने का काम इस पार्टी ने किया. बाबरी मस्जिद को शहीद किया.

तावड़े- बाबरी ढांचे को गिराने के लिए आप सबसे आगे गए थे, मनोहर जोशी के साथ. आप तब शिवसेना में थे.

भुजबल- आप गलत बोल रहे हैं.

तावड़े- आप तब शिवसेना के नेता थे. आपने इंटरव्यू में कहा. काम मैंने किया, श्रेय मनोहर जोशी को जा रहा है. ऐसा बोले. इनको दिक्कत यही थी. इसीलिए शिवसेना छोड़ी भुजबल मेरा बीजेपी को सुझाव है कि वे पिछड़ी जातियों के लोगों को भी सरकार में शामिल करें. ये लोग तो मुंडे साहब तक को नहीं ले रहे थे. खुद उनकी श्रद्धांजलि सभा में ये बात सामने आई.

तावड़े: ये जब भी हार के नजदीक जाते हैं तो कास्ट और कम्युनल कार्ड खेलते हैं. इसलिए मराठी और मुस्लिम आरक्षण की बात कर रहे हैं. जब पूरे देश में विकास की बात चल रही है, तब आप जाति और धर्म न गिनाएं. देश की युवा पीढ़ी काम देखना चाहती है. महाराष्ट्र में बिजली का संकट है. बेरोजगारी की बात है. मगर ये अभी भी कास्ट की बात कर रहे हैं.

भुजबल: देखिए, ये मोदी जी के लोग हैं. अभी वो चुनाव में आएँगे और कहेंगे कि हमारे गुजरात में गाय तो गाय भैंसें भी दूध देती हैं.

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